
धनतेरस 6 नवंबर को, जानें सोना-चांदी और वाहन खरीदने का शुभ मुहूर्त, चौघड़िया का समय भी जारी

नई दिल्ली: पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत इस वर्ष 6 नवंबर, शुक्रवार को धनतेरस के साथ होगी। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाए जाने वाले इस पर्व को धनत्रयोदशी भी कहा जाता है। धनतेरस के दिन सुख-समृद्धि, धन और उत्तम स्वास्थ्य की कामना के साथ भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी, भगवान कुबेर और यमराज की पूजा की जाती है। इस बार धनतेरस पर शुक्र प्रदोष व्रत का भी संयोग बन रहा है, जिससे पर्व का धार्मिक महत्व और बढ़ गया है।
धनतेरस पर खरीदारी का है विशेष महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के दिन शुभ मुहूर्त में खरीदारी करना बेहद मंगलकारी माना जाता है। इस दिन सोना-चांदी, बर्तन, वाहन, आभूषण और अन्य उपयोगी वस्तुओं की खरीदारी की जाती है। मान्यता है कि इस शुभ अवसर पर खरीदी गई वस्तुएं घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली लेकर आती हैं। कई परिवार इस दिन झाड़ू खरीदना भी शुभ मानते हैं।
धनतेरस पर चार चौघड़िया मुहूर्त में करें खरीदारी
धनतेरस के दिन खरीदारी के लिए सुबह से शाम तक अलग-अलग चौघड़िया मुहूर्त निर्धारित किए गए हैं। इन शुभ समयों में खरीदारी करना विशेष फलदायी माना जाता है।
6 नवंबर 2026 को खरीदारी के लिए चौघड़िया का समय इस प्रकार है:
| चौघड़िया | शुभ समय |
|---|---|
| लाभ चौघड़िया | सुबह 7:54 से 9:16 बजे तक |
| अमृत चौघड़िया | सुबह 9:16 से 10:38 बजे तक |
| शुभ चौघड़िया | दोपहर 12:01 से 1:23 बजे तक |
| चर चौघड़िया | शाम 4:07 से 5:30 बजे तक |
धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की पूजा
धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा करने का विशेष विधान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद और आरोग्य का देवता माना जाता है। वहीं, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा से घर में धन-धान्य और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।
इस दिन शाम को यमराज के नाम से दीपदान यानी यम दीपक जलाने की भी परंपरा है। मान्यता है कि इससे परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है।




