
देवघर कॉलेज में वित्तीय गड़बड़ी पर राज्यपाल सख्त, तीन साल बाद भी दोषियों पर कार्रवाई अधूरी

Deoghar: कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय के अंतर्गत देवघर कॉलेज में जैक (JAC) फंड से जुड़ी वित्तीय अनियमितता के मामले में तीन साल बीतने के बावजूद विभागीय कार्रवाई पूरी नहीं होने पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने नाराजगी जतायी है। मामले में पूर्व में निर्देश जारी होने के बाद भी दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई लंबित है। इसे गंभीरता से लेते हुए लोकभवन ने सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका के कुलपति और विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाब मांगा है।
जैक कर्मी के नाम पर उठाया गया मानदेय
मामला जैक फंड से कथित वित्तीय अनियमितता से जुड़ा है। आरोप है कि जैक के एक कर्मी के नाम पर ढाई साल तक का मानदेय उठाया गया, जिसकी कुल राशि करीब डेढ़ लाख रुपये बतायी जा रही है। इस मामले में तत्कालीन प्राचार्य डॉ. बसंत कुमार गुप्ता समेत संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
2023 में ही दिया गया था कार्रवाई का निर्देश
लोकभवन के अनुसार, इस मामले में विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश 20 अप्रैल 2023 को ही विश्वविद्यालय प्रशासन को दिया गया था। इसके बावजूद अब तक न तो विभागीय कार्रवाई का अंतिम निष्पादन किया गया और न ही दोषियों के खिलाफ की गयी कार्रवाई या दंड से संबंधित कोई जानकारी लोकभवन को उपलब्ध करायी गयी।
कुलपति से मांगा गया जवाब
लोकभवन के अवर सचिव संजय कुमार ने सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय की कुलपति को पत्र भेजकर इस मामले में जवाब-तलब किया है। पत्र में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कार्रवाई में हो रही देरी पर सवाल उठाये गये हैं। साथ ही तत्कालीन प्राचार्य डॉ. बसंत कुमार गुप्ता सहित संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई जल्द पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
लंबित कार्रवाई पर लोकभवन सख्त
राज्यपाल ने पूर्व में दिये गये निर्देशों के बावजूद कार्रवाई पूरी नहीं होने पर नाराजगी जतायी है। लोकभवन ने विश्वविद्यालय प्रशासन को मामले में गंभीरता दिखाते हुए विभागीय प्रक्रिया का अंतिम निष्पादन करने और की गयी कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है।




