
J-TET परीक्षा: गोद में एक माह का बच्चा, आंखों में शिक्षक बनने का सपना, 58 साल की उम्र में भी नहीं हारी उम्मीद

झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (J-TET) रविवार को राज्यभर में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। परीक्षा के लिए रांची में कुल 101 केंद्र बनाए गए थे। दोनों पालियों को मिलाकर रांची में करीब 66 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा के लिए आवेदन किया था। परीक्षा में युवाओं के साथ बड़ी संख्या में पारा शिक्षकों ने भी हिस्सा लिया।
मां की ममता और जिम्मेदारियों के बीच परीक्षा देने पहुंचीं अभ्यर्थी
J-TET परीक्षा के दौरान कई ऐसी तस्वीरें सामने आईं, जिन्होंने अभ्यर्थियों के संघर्ष, समर्पण और सरकारी शिक्षक बनने के सपने को बयां किया। कोई अपने महज एक माह के बच्चे को गोद में लेकर परीक्षा देने पहुंची, तो कोई तीन माह के शिशु के साथ परीक्षा केंद्र पहुंची। मातृत्व की जिम्मेदारियों के बीच इन महिलाओं का परीक्षा में शामिल होना उनके दृढ़ संकल्प और अपने सपनों को पूरा करने की चाह को दर्शाता है।
56 और 58 साल की उम्र में भी शिक्षक बनने का जुनून
परीक्षा केंद्रों पर उम्र को मात देकर अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश करते अभ्यर्थी भी नजर आए। 56 और 58 वर्ष तक की उम्र के अभ्यर्थियों ने भी सरकारी शिक्षक बनने की उम्मीद के साथ परीक्षा दी। इन अभ्यर्थियों ने यह संदेश दिया कि लक्ष्य हासिल करने की चाह हो, तो उम्र भी हौसले के सामने बाधा नहीं बनती।
संघर्ष, उम्मीद और सपनों की दिखी अनूठी तस्वीर
J-TET परीक्षा केवल पात्रता हासिल करने का माध्यम नहीं रही, बल्कि इस दौरान संघर्ष, जिम्मेदारी और उम्मीद की कई प्रेरक कहानियां भी सामने आईं। छोटे बच्चों की देखभाल से लेकर बढ़ती उम्र तक की चुनौतियों के बीच परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों का जज्बा चर्चा का विषय बना रहा। हर अभ्यर्थी की आंखों में सरकारी शिक्षक बनने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने का सपना नजर आया।




