रांची, 28 अक्टूबर 2026।अबुआ न्यूज़ झारखंड
झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) के तत्वावधान में एक नवंबर 2026 को आयोजित होने वाली झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) को लेकर राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। परीक्षा में राज्यभर से करीब 5.65 लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। परीक्षा के लिए कुल 986 केंद्र निर्धारित किए गए हैं।
प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर इतने अभ्यर्थी होंगे शामिल
जेटेट-2026 में प्राथमिक स्तर के लिए 1,95,935 और उच्च प्राथमिक स्तर के लिए 3,69,113 अभ्यर्थी शामिल होंगे। बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों की भागीदारी को देखते हुए परीक्षा के सुचारु संचालन और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होगी समीक्षा बैठक
परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा के लिए 29 अक्टूबर को दोपहर 1:30 बजे मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की जाएगी। इसके लिए सभी जिलों के उपायुक्तों, वरीय पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। बैठक संबंधित जिलों के राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के माध्यम से होगी।
कदाचारमुक्त परीक्षा कराने पर सरकार का जोर
राज्य सरकार ने जेटेट-2026 को कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने की प्रतिबद्धता जताई है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह ने सभी जिलों के उपायुक्तों, एसएसपी और एसपी को पत्र लिखकर परीक्षा संचालन में सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। परीक्षा में प्रतिनियुक्त सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा।
अधिकारियों को जारी किए गए दिशा-निर्देश
परीक्षा की गंभीरता को देखते हुए मुख्य सचिव की ओर से 21 अक्टूबर को पत्रांक 982 के माध्यम से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। इसके अलावा, एक अक्टूबर को परिषद स्तर से पत्रांक 929/26 के तहत परीक्षा संचालन के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी उपलब्ध कराई गई थी।
समीक्षा बैठक में शामिल होंगे जिला स्तरीय अधिकारी
29 अक्टूबर को होने वाली बैठक में जिलों के वरीय नोडल पदाधिकारी यानी अपर समाहर्ता, कोषागार पदाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी को भी शामिल होने का निर्देश दिया गया है। बैठक में परीक्षा केंद्रों की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की जाएगी, ताकि परीक्षा का संचालन व्यवस्थित और निष्पक्ष तरीके से सुनिश्चित किया जा सके।





