
रांची, 26 अक्टूबर 2026। अबूआ न्यूज़ झारखंड
त्योहारों और खास मौकों पर मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ उनकी गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। रांची के बाजारों में मिठाइयों की बिक्री और भंडारण की स्थिति पर नजर डालने पर कई दुकानों में लापरवाही देखने को मिल रही है। कहीं मिठाइयां खुले में रखी हैं, तो कहीं उनकी निर्माण और एक्सपायरी तिथि का उल्लेख नहीं किया जा रहा है।
छोटी दुकानों में स्थिति अधिक चिंताजनक नजर आई, जबकि बड़े प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई और मिठाइयों को व्यवस्थित रखने की व्यवस्था अपेक्षाकृत बेहतर दिखी।
खुले काउंटरों में रखी मिठाइयों पर धूल और गंदगी का खतरा
शहर की कई दुकानों में मिठाइयां बाहर से तैयार कराकर लाई जा रही हैं। ऐसे में उनके निर्माण से लेकर भंडारण तक गुणवत्ता और स्वच्छता के मानकों का पालन किस तरह किया जा रहा है, यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है।
कुछ दुकानों में मिठाइयां शीशे के काउंटर में रखी मिलीं, लेकिन काउंटर पूरी तरह बंद नहीं थे। इससे धूल, मक्खियों और अन्य गंदगी के संपर्क में मिठाइयों के आने का खतरा बना रहता है। कई प्रतिष्ठानों में मिठाइयों की एक्सपायरी डेट भी प्रदर्शित नहीं की जा रही है।
दूषित मिठाइयों से फूड पॉइजनिंग का खतरा
विशेषज्ञ के अनुसार, खुले में रखी और असुरक्षित तरीके से बेची जाने वाली मिठाइयों का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है। धूल, मक्खियों और दूषित हाथों के संपर्क में आने से मिठाइयों में हानिकारक बैक्टीरिया पहुंच सकते हैं।
ऐसी मिठाइयां खाने से फूड पॉइजनिंग, उल्टी, दस्त, पेट दर्द और मितली जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर स्थिति में लगातार उल्टी और दस्त होने से शरीर में पानी तथा जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो सकती है।
दूध और खोया से बनी मिठाइयों में अधिक सावधानी जरूरी
विशेषज्ञ के अनुसार, दूध, खोया और छेना से बनी मिठाइयों को अनुचित तापमान पर लंबे समय तक रखने से उनमें हानिकारक बैक्टीरिया पनप सकते हैं। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को इसका अधिक जोखिम रहता है।
मिठाइयां खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
स्वास्थ्य संबंधी जोखिम से बचने के लिए मिठाइयों को ढककर रखना और उचित तापमान पर भंडारित करना जरूरी है। ग्राहकों को भी साफ-सुथरी दुकानों से मिठाइयां खरीदनी चाहिए। साथ ही, उनकी ताजगी, गुणवत्ता और निर्माण व एक्सपायरी तिथि की जानकारी पर ध्यान देना चाहिए, ताकि त्योहार की मिठास सेहत के लिए परेशानी का कारण न बने।





