
Tiger Shroff Firing Case: 9वीं में फेल होकर छोड़ी पढ़ाई, फिर वेल्डिंग का काम… टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में आरोपियों की चौंकाने वाली कहानी

Tiger Shroff Firing Case: Three suspects detained in Kota. Sonipat suspect Rehan’s past, welding job and a minor’s alleged involvement emerge in the probe.
मुंबई/सोनीपत, 19 अक्टूबर 2026 | अबुआ न्यूज़ झारखंड
Tiger Shroff Firing Case: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई गोलीबारी के मामले में पुलिस जांच के साथ कई नए तथ्य सामने आ रहे हैं। इस मामले में राजस्थान के कोटा से तीन संदिग्धों को पकड़े जाने के बाद अब हरियाणा के सोनीपत से जुड़े दो आरोपियों की पारिवारिक पृष्ठभूमि चर्चा में है। इनमें एक आरोपी रेहान है, जो नौवीं कक्षा में असफल होने के बाद पढ़ाई छोड़ चुका था और वेल्डिंग का काम करता था। वहीं, दूसरे आरोपी के नाबालिग होने की जानकारी सामने आई है।
परिजनों के बयानों के मुताबिक, दोनों अलग-अलग कामकाज से जुड़े थे। गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद उनके परिवारों ने हैरानी जताई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी इस घटना से कैसे जुड़े और गोलीबारी की साजिश के पीछे कौन लोग थे।
9वीं कक्षा में फेल होने के बाद रेहान ने छोड़ दी थी पढ़ाई
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा के सोनीपत जिले के देवरू गांव से जुड़े रेहान ने नौवीं कक्षा में असफल होने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। इसके बाद उसने रोजगार की तलाश शुरू की।
परिवार के अनुसार, रेहान पहले अवैध हथियार रखने के एक मामले में जेल जा चुका है। हालांकि, उसके खिलाफ दर्ज पुराने मामलों की पूरी जानकारी और उनकी वर्तमान कानूनी स्थिति की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
परिजनों का कहना है कि उन्होंने रेहान को गलत गतिविधियों से दूर रहने और मेहनत करके जीवन आगे बढ़ाने की सलाह दी थी।
अब अभिनेता से जुड़े गोलीबारी मामले में उसका नाम सामने आने के बाद परिवार की परेशानियां बढ़ गई हैं।
जेल से बाहर आने के बाद करता था वेल्डिंग का काम
रेहान की मौसी के मुताबिक, जेल से बाहर आने के बाद उसने वेल्डिंग का काम शुरू किया था। परिवार को यही जानकारी थी कि वह काम के सिलसिले में बाहर जाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, रेहान अपनी मां और छोटे भाई के साथ रिश्तेदार के घर रहता था। उसकी मां एक निजी कंपनी में काम करती हैं।
परिवार का कहना है कि रेहान त्योहार के दौरान घर आया था और बाद में काम पर जाने की बात कहकर निकल गया। उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि उसका नाम इतनी गंभीर आपराधिक घटना की जांच में सामने आएगा।
हालांकि, ये सभी जानकारियां परिवार के बयानों पर आधारित हैं। पुलिस जांच में आरोपों और घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
दूसरा आरोपी नाबालिग, सीख रहा था टाइल्स लगाने का काम
इस मामले में सोनीपत से जुड़े दूसरे संदिग्ध के नाबालिग होने की जानकारी सामने आई है।
उसके पिता के अनुसार, वह गोहाना क्षेत्र में पत्थर और टाइल्स लगाने का काम सीख रहा था। परिवार को उसके इस मामले में शामिल होने की कोई जानकारी नहीं थी।
पिता ने बताया कि उनका बेटा 13 अक्टूबर को घर आया था। इसके बाद वह कहां गया, इसकी जानकारी परिवार को नहीं थी।
पिता ने आशंका जताई है कि संभव है किसी ने उसे बहला-फुसलाकर गलत गतिविधियों में शामिल कर लिया हो। हालांकि, इस आशंका की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
नाबालिग की पहचान की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसकी व्यक्तिगत जानकारी प्रकाशित नहीं की जा रही है।
कोटा में पकड़े गए तीन संदिग्ध, नेपाल भागने की आशंका
गोलीबारी मामले में राजस्थान की कोटा पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
कोटा पुलिस से संबंधित प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों मुंबई से निकलने के बाद राजस्थान पहुंचे थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि संदिग्ध ट्रेन से यात्रा कर रहे हैं।
इसके बाद कोटा रेलवे स्टेशन पर कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ा गया।
पुलिस ने आशंका जताई है कि संदिग्ध नेपाल भागने की तैयारी में थे। इस दावे की विस्तृत जांच जारी है।
गिरफ्तार संदिग्धों में दो का संबंध हरियाणा से और एक का बिहार से बताया गया है।
रेहान की कथित भूमिका की जांच, गैंग कनेक्शन पर भी नजर
जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि गोलीबारी की योजना किसने बनाई और आरोपियों को किसने निर्देश दिए।
प्रकाशित पुलिस बयानों के अनुसार, रेहान की कथित भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच में उसके कुछ संदिग्ध संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है।
इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने का दावा करने वाले अनिल पंडित का नाम भी सामने आया है।
हालांकि, किसी व्यक्ति या गिरोह द्वारा घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा अपने आप में अपराध में उसकी भूमिका का अंतिम प्रमाण नहीं है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, संपर्क विवरण और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच कर रही है।
मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी फायरिंग
रिपोर्टों के अनुसार, रविवार 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार के पास गोलीबारी की घटना हुई थी।
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें घटनाक्रम, आरोपियों की आवाजाही और संभावित आपराधिक नेटवर्क की जांच में जुटी हैं।
मामले में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट से संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जानकारी सामने आई है।
टाइगर श्रॉफ को गोली लगने की खबर नहीं है। घटना में अन्य लोगों के घायल होने संबंधी रिपोर्टें भी सामने आई हैं, जिनके विवरण की आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण है।
परिवारों के बयानों के बाद उठे कई सवाल
इस मामले में आरोपियों के परिजनों के बयान सामने आने के बाद जांच का दायरा और व्यापक हो गया है।
सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि सामान्य कामकाज से जुड़े बताए जा रहे ये युवक कथित गोलीबारी की घटना तक कैसे पहुंचे।
क्या आरोपियों का संपर्क किसी संगठित आपराधिक नेटवर्क से था? क्या उन्हें किसी व्यक्ति ने निर्देश दिए थे? क्या घटना के पीछे धमकी या रंगदारी जैसी कोई वजह थी?
इन सवालों के जवाब पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
पुलिस जांच के निष्कर्षों का इंतजार
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में तीन संदिग्धों को पकड़े जाने के बाद जांच एजेंसियां अब कथित साजिश और संभावित नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
रेहान की पुरानी आपराधिक पृष्ठभूमि से संबंधित पारिवारिक दावे और दूसरे संदिग्ध के नाबालिग होने की जानकारी इस मामले के महत्वपूर्ण पहलू बन गए हैं।
फिलहाल गिरफ्तार व्यक्तियों पर लगे आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। दोष सिद्ध होने से पहले किसी को अपराधी मानना उचित नहीं होगा।
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