
कोलकाता में भगदड़ के बाद झारखंड पुलिस हाई अलर्ट, सभी पूजा पंडालों की दोबारा सुरक्षा जांच के निर्देश Jharkhand Police on High Alert After Kolkata Stampede, Orders Fresh Safety Audits of Durga Puja Pandals

रांची, 18 अक्टूबर 2026 | अबुआ न्यूज़ झारखंड
Jharkhand Durga Puja Security 2026: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान हुई दर्दनाक भगदड़ के बाद झारखंड पुलिस पूरी तरह सतर्क हो गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी जिलों के एसपी और एसएसपी को पूजा पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
इस दौरान पंडालों के प्रवेश और निकास द्वार, भीड़ नियंत्रण, बैरिकेडिंग, अग्निशमन व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता की समीक्षा की जाएगी।
कोलकाता में क्या हुआ था?
शनिवार, 17 अक्टूबर की रात कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल के पास अचानक भगदड़ मच गई थी। इस हादसे में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हुए।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बारिश शुरू होने के बाद भीड़ में अफरातफरी की स्थिति पैदा हुई। कुछ लोगों के गिरने के बाद भगदड़ मच गई।
इस घटना ने बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षित निकासी की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
झारखंड के सभी जिलों में सुरक्षा ऑडिट के निर्देश
कोलकाता की घटना के बाद झारखंड पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पूजा पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा करने को कहा है।
पुलिस अधिकारी यह जांच करेंगे कि पूजा समितियां निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन कर रही हैं या नहीं।
विशेष रूप से उन पंडालों पर ध्यान दिया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं।
सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी मिलने पर उसे तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रवेश और निकास मार्गों पर विशेष निगरानी
पुलिस की प्राथमिकता पंडालों में श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है।
जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि प्रवेश और निकास मार्ग पर्याप्त चौड़े हैं या नहीं। आपातकालीन स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था भी परखी जाएगी।
जहां आवश्यकता होगी, वहां बैरिकेडिंग और भीड़ नियंत्रण के अतिरिक्त इंतजाम किए जाएंगे।
भीड़ के दबाव को कम करने के लिए पूजा समितियों और पुलिस के बीच समन्वय पर भी जोर दिया जा रहा है।
रांची में 144 स्थानों पर बैरिकेडिंग
राजधानी रांची में भी दुर्गा पूजा को लेकर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है।
रांची पुलिस के अनुसार, शहर में 144 स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है, ताकि वाहनों और श्रद्धालुओं की आवाजाही नियंत्रित की जा सके।
भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली और अन्य साधनों से लोगों को निर्देश दे रही है।
ड्रोन के जरिए भी भीड़ की निगरानी की जा रही है।
नियमों का उल्लंघन करने वाली पूजा समितियों को नोटिस
रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने पहले भी पूजा पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया था।
इस दौरान कुछ पंडालों में सुरक्षा मानकों के पालन में कमियां सामने आई थीं।
जिला स्कूल पूजा पंडाल के पास पहुंच मार्ग संकरा पाए जाने पर आयोजकों को निर्देश दिया गया था कि आपातकालीन वाहनों की आवाजाही के लिए पर्याप्त रास्ता उपलब्ध रहे।
सिटी एसपी पारस राणा के अनुसार, पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा ऑडिट का एक और दौर चलाने को कहा गया है।
सुरक्षा दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने वाली पूजा समितियों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
CCTV, ड्रोन और अग्निशमन व्यवस्था की जांच
पुलिस प्रशासन भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील पूजा पंडालों में निगरानी व्यवस्था को मजबूत कर रहा है।
सुरक्षा ऑडिट के दौरान निम्न व्यवस्थाओं की समीक्षा होगी:
- सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से निगरानी
- प्रवेश और निकास द्वारों की स्थिति
- आपातकालीन निकासी मार्ग
- अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता
- बिजली और प्रकाश व्यवस्था
- बैरिकेडिंग तथा पार्किंग प्रबंधन
- प्राथमिक चिकित्सा और एंबुलेंस की व्यवस्था
इन इंतजामों का उद्देश्य किसी भी अप्रिय स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
14 से 23 अक्टूबर तक अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती
दुर्गा पूजा को लेकर झारखंड पुलिस मुख्यालय पहले ही 14 से 23 अक्टूबर तक सभी जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती का आदेश जारी कर चुका है।
इसमें झारखंड सशस्त्र पुलिस (JAP), इंडिया रिजर्व बटालियन (IRB), स्पेशलाइज्ड इंडिया रिजर्व बटालियन (SIRB) और झारखंड जगुआर के जवान शामिल हैं।
संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार विशेष पुलिस बल की तैनाती की व्यवस्था भी की गई है।
पूजा समितियों की जिम्मेदारी भी बढ़ी
पुलिस प्रशासन के साथ पूजा समितियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।
पंडालों में तैनात स्वयंसेवकों को पुलिस के साथ समन्वय बनाकर श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित करनी होगी।
किसी एक स्थान पर अत्यधिक भीड़ जमा न हो, इसके लिए लोगों को उचित दिशा में आगे बढ़ाना जरूरी है।
आयोजकों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि आपातकालीन रास्ते किसी प्रकार के अवरोध से मुक्त रहें।
श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुरक्षा सलाह
दुर्गा पूजा पंडालों में दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं को भी कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए।
अत्यधिक भीड़ होने पर धक्का-मुक्की से बचें और पुलिस तथा स्वयंसेवकों के निर्देशों का पालन करें।
बच्चों और बुजुर्गों के साथ पंडाल जाने पर विशेष सावधानी रखें।
किसी भी आपात स्थिति में घबराने या अफवाह फैलाने के बजाय पुलिस और प्रशासन की सहायता लें।
निष्कर्ष
कोलकाता में हुई दुखद भगदड़ के बाद झारखंड पुलिस ने दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है।
राज्यभर में सुरक्षा ऑडिट, भीड़ नियंत्रण, आपातकालीन निकासी और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रशासन का उद्देश्य है कि श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में दुर्गा पूजा का आनंद ले सकें और किसी भी संभावित दुर्घटना को समय रहते रोका जा सके।
अबुआ न्यूज़ झारखंड | Truth News Analysis




