
UPI यूजर्स के लिए बड़ी राहत! ₹2,000 से ऊपर के पेमेंट पर प्रस्तावित 0.4% शुल्क टला, जानिए नए नियम UPI Charges 2026: Proposed 0.4% Merchant Fee on Select Payments Above ₹2,000 Deferred

नई दिल्ली, 18 अक्टूबर 2026 | अबुआ न्यूज़ झारखंड
UPI Charges 2026: अगर आप भी रोजाना Google Pay, PhonePe, Paytm या किसी अन्य UPI ऐप से पैसे भेजते हैं या दुकानों पर QR कोड स्कैन करके भुगतान करते हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। डिजिटल भुगतान से जुड़े नए शुल्क को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है।
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने का फैसला फिलहाल टाल दिया है।
यह शुल्क पहले 15 अक्टूबर 2026 से लागू होना था। अब इसे दिवाली के बाद लागू करने की योजना है। हालांकि, नई तारीख की घोषणा अभी नहीं की गई है।
₹2,000 से ज्यादा UPI पेमेंट करने पर क्या लगेगा चार्ज?
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत शुल्क सभी UPI ट्रांजैक्शन पर लागू नहीं होगा।
सरकार के अनुसार, सामान्य व्यक्ति से व्यक्ति को पैसे भेजने वाले UPI ट्रांजैक्शन मुफ्त बने रहेंगे।
उदाहरण के लिए, अगर आप अपने दोस्त को ₹5,000 या परिवार के किसी सदस्य को ₹10,000 भेजते हैं, तो प्रस्तावित MDR शुल्क लागू नहीं होगा।
यह शुल्क केवल निर्धारित श्रेणी के व्यापारी भुगतान से संबंधित है।
आखिर क्या है 0.4 प्रतिशत MDR?
MDR यानी Merchant Discount Rate डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले व्यापारियों से संबंधित शुल्क है।
नई व्यवस्था के तहत पात्र व्यापारी लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR प्रस्तावित है।
इसे उदाहरण से समझिए:
| भुगतान की राशि | प्रस्तावित MDR |
|---|---|
| ₹1,000 | ₹0 |
| ₹2,000 | ₹0 |
| ₹5,000 | ₹20 |
| ₹10,000 | ₹40 |
| ₹50,000 | ₹200 |
| ₹75,000 | ₹300 |
यह तालिका केवल पात्र व्यापारी लेनदेन के लिए प्रस्तावित शुल्क की गणना दर्शाती है। अभी नया MDR लागू नहीं हुआ है।
क्या ग्राहकों को अपनी जेब से देना होगा अतिरिक्त पैसा?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि MDR सीधे ग्राहकों से वसूला जाने वाला शुल्क नहीं है।
यह भुगतान प्रणाली से जुड़े व्यापारियों और सेवा प्रदाताओं के लिए निर्धारित व्यवस्था है।
सरकार ने बैंकों को यह सुनिश्चित करने की सलाह भी दी है कि व्यापारी इस शुल्क का बोझ ग्राहकों पर न डालें।
इसलिए ₹2,000 से अधिक का भुगतान करते समय ग्राहक से अपने आप 0.4 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क वसूले जाने की बात सही नहीं है।
दिवाली तक क्यों टाला गया फैसला?
त्योहारी सीजन में बाजारों में खरीदारी बढ़ जाती है। कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू सामान और अन्य उत्पादों की बिक्री के दौरान बड़ी संख्या में डिजिटल भुगतान होते हैं।
ऐसे समय में नया शुल्क लागू करने से कारोबारियों की लागत बढ़ने की चिंता सामने आई थी।
व्यापारी संगठनों ने भी प्रस्तावित व्यवस्था के समय को लेकर आपत्ति जताई थी।
इसी बीच NPCI की UPI एंड सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी ने फैसला किया कि नई MDR व्यवस्था दिवाली के बाद लागू की जाएगी।
छोटे दुकानदारों के लिए क्या नियम हैं?
सरकार के अनुसार, ₹2,000 तक के व्यापारी भुगतान मुफ्त रहेंगे।
इसके अतिरिक्त, निर्धारित शर्तों के अंतर्गत आने वाले छोटे व्यापारियों को भी शुल्क से छूट मिलेगी।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, प्रस्तावित व्यवस्था से लगभग 96 प्रतिशत व्यक्ति-से-व्यापारी UPI लेनदेन प्रभावित नहीं होंगे।
इसका मतलब है कि डिजिटल भुगतान के अधिकांश छोटे लेनदेन पहले की तरह शुल्क-मुक्त रहेंगे।
झारखंड के कारोबारियों पर क्या असर पड़ेगा?
रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो और देवघर सहित झारखंड के शहरों में UPI भुगतान का उपयोग तेजी से बढ़ा है।
किराना दुकानों, मेडिकल स्टोर, कपड़ों की दुकानों, रेस्टोरेंट और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों में ग्राहक QR कोड स्कैन करके भुगतान करते हैं।
ऐसे में नई MDR व्यवस्था बड़े व्यापारी लेनदेन की लागत को प्रभावित कर सकती है।
हालांकि, शुल्क की वास्तविक देनदारी व्यापारी की श्रेणी और लेनदेन की पात्रता पर निर्भर करेगी।
UPI चार्ज कब से लागू होगा?
18 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, NPCI ने नई लागू होने की तारीख घोषित नहीं की है।
नई तारीख दिवाली के बाद घोषित किए जाने की बात कही गई है।
ग्राहकों और कारोबारियों को किसी भी बदलाव के लिए NPCI, संबंधित बैंक और आधिकारिक सरकारी सूचनाओं पर ध्यान देना चाहिए।
आम ग्राहकों के लिए जरूरी बातें
- दोस्तों और परिवार को सामान्य UPI ट्रांसफर मुफ्त रहेंगे।
- ₹2,000 तक के व्यापारी भुगतान पर प्रस्तावित MDR नहीं लगेगा।
- ₹2,000 से अधिक के सभी भुगतान शुल्क के दायरे में नहीं आते।
- पात्र व्यापारी लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR प्रस्तावित है।
- फिलहाल नई शुल्क व्यवस्था लागू नहीं हुई है।
- अंतिम लागू होने की तारीख की घोषणा बाकी है।
निष्कर्ष
UPI से भुगतान करने वाले लोगों के लिए यह समझना जरूरी है कि प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत शुल्क हर ट्रांजैक्शन पर लागू नहीं होगा।
NPCI ने त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए चुनिंदा व्यापारी भुगतान पर MDR लागू करने का फैसला फिलहाल स्थगित कर दिया है।
अब कारोबारियों और भुगतान सेवा प्रदाताओं की नजर नई लागू होने की तारीख पर रहेगी।
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