
झारखंड के करीब 1000 समग्र शिक्षा कर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी की तैयारी, 40% वृद्धि का था प्रस्ताव
राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक में कमेटी बनाने का फैसला, दूसरे विभागों और राज्यों में मिल रहे मानदेय का अध्ययन करेगी समिति

रांची। झारखंड में समग्र शिक्षा अभियान से जुड़े कर्मियों के लिए मानदेय बढ़ने की उम्मीद जगी है। प्रखंड से लेकर राज्य स्तर तक काम कर रहे कर्मियों के मानदेय की समीक्षा के लिए एक कमेटी गठित की जाएगी। यह फैसला झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की राज्य कार्यकारिणी समिति की हाल में हुई बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव ने की।
दूसरे विभागों के मानदेय से होगा तुलनात्मक अध्ययन
प्रस्तावित समिति की अध्यक्षता राजस्व पर्षद के सदस्य या स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से नामित अधिकारी करेंगे। समिति राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में समान या समकक्ष पदों पर कार्यरत कर्मियों को मिलने वाले मानदेय का अध्ययन करेगी।
इसमें ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता समेत अन्य विभागों में लागू मानदेय की व्यवस्था को देखा जाएगा। जरूरत पड़ने पर समिति दूसरे राज्यों में समग्र शिक्षा से जुड़े कर्मियों को दिए जा रहे मानदेय का भी अध्ययन करेगी।
40 फीसदी बढ़ोतरी का रखा गया था प्रस्ताव
बैठक में इससे पहले परियोजना कर्मियों के मानदेय में 40 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया था। प्रस्ताव में कहा गया था कि इन कर्मियों के मानदेय का निर्धारण काफी पहले चतुर्थ वेतनमान के आधार पर किया गया था। इसके बाद इसमें अपेक्षित स्तर पर संशोधन नहीं हो सका।
वहीं, राज्य कार्यकारिणी समिति की ओर से समय-समय पर अंतरिम राहत के तौर पर मानदेय में बढ़ोतरी की गई है। इसके बावजूद परियोजना कर्मियों के मौजूदा मानदेय और समकक्ष स्तर के भुगतान में करीब 55 प्रतिशत का अंतर बताया गया है।
1 जनवरी 2026 से लागू करने का था प्रस्ताव
मानदेय में इस अंतर को कम करने के उद्देश्य से 40 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया था। प्रस्ताव के अनुसार बढ़ी हुई राशि को 1 जनवरी 2026 से प्रभावी करने की बात कही गई थी। हालांकि, अब मानदेय में अंतिम बढ़ोतरी कितनी होगी, इसका फैसला प्रस्तावित कमेटी की रिपोर्ट और सरकार के स्तर पर आगे होने वाली प्रक्रिया के बाद होगा।
प्रखंड से राज्य स्तर तक करीब 1000 कर्मी
समग्र शिक्षा अभियान के तहत झारखंड में प्रखंड से लेकर जिला और राज्य स्तर तक करीब 1000 कर्मी और पदाधिकारी कार्यरत हैं। मानदेय में संशोधन का फैसला होने पर इन कर्मियों को इसका सीधा लाभ मिल सकता है।




