रांची के स्कूल में 10 से ज्यादा बच्चों के मुंह में मिले सफेद धब्बे, तंबाकू सेवन से कैंसर-पूर्व बदलाव की आशंका
करीब 200 बच्चों की हुई जांच, प्रभावित विद्यार्थियों को आगे की जांच के लिए RIMS बुलाया गया; डॉक्टरों ने तंबाकू से पूरी तरह दूर रहने की दी सलाह

रांची: राजधानी के जगन्नाथपुर स्थित राजकीयकृत उच्च विद्यालय में आयोजित दंत एवं मुख स्वास्थ्य जांच शिविर के दौरान बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ा चिंताजनक मामला सामने आया। करीब 200 छात्र-छात्राओं की जांच के दौरान 10 से अधिक बच्चों के गाल और मसूड़ों के अंदर सफेद धब्बे पाए गए। डॉक्टरों ने इन बदलावों को ल्यूकोप्लाकिया जैसे संभावित कैंसर-पूर्व बदलावों से जोड़ते हुए आगे की जांच कराने की सलाह दी है। हालांकि, केवल सफेद धब्बे दिखने से कैंसर की पुष्टि नहीं होती।
बच्चों में सामने आया तंबाकू सेवन का मामला
जांच के दौरान संबंधित बच्चों से बातचीत में तंबाकू सेवन की जानकारी भी सामने आई। चिकित्सकों के अनुसार, कम उम्र में तंबाकू का सेवन मुंह की अंदरूनी सतह को नुकसान पहुंचा सकता है और लंबे समय में गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकता है।
डॉक्टरों ने प्रभावित बच्चों को आगे की जांच और चिकित्सकीय सलाह के लिए RIMS डेंटल इंस्टीट्यूट बुलाया है।
क्या होता है ल्यूकोप्लाकिया?
डॉक्टरों के मुताबिक, मुंह के अंदर बनने वाले लगातार सफेद धब्बों को ल्यूकोप्लाकिया कहा जा सकता है। यह एक संभावित प्री-मैलिग्नेंट यानी कैंसर-पूर्व स्थिति हो सकती है, लेकिन हर सफेद धब्बा कैंसर नहीं होता। ऐसे बदलावों की सही वजह जानने के लिए विशेषज्ञ की जांच जरूरी होती है।
इसलिए मुंह में लंबे समय तक रहने वाले सफेद या लाल धब्बे, घाव या जलन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
RIMS की टीम ने की बच्चों की जांच
शिविर का आयोजन RIMS डेंटल इंस्टीट्यूट और इंडियन एकेडमी ऑफ ओरल मेडिसिन एंड रेडियोलॉजी की ओर से किया गया। RIMS डेंटल कॉलेज के ओरल मेडिसिन एंड रेडियोलॉजी विभाग की एडिशनल प्रोफेसर डॉ. शांताला के नेतृत्व में इंटर्न डॉक्टरों की टीम ने विद्यार्थियों की जांच की।
जांच के बाद स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसमें बच्चों को बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, खैनी और दूसरे तंबाकू उत्पादों के नुकसान के बारे में जानकारी दी गई।
डॉक्टरों ने दी तंबाकू से दूर रहने की सलाह
चिकित्सकों ने बच्चों को कम उम्र से ही तंबाकू और किसी भी तरह के नशे से दूर रहने की सलाह दी। साथ ही नियमित रूप से दांतों और मुंह की सफाई करने और समय-समय पर दंत चिकित्सक से जांच कराने पर जोर दिया गया।
रांची जिला प्रशासन की National Tobacco Control Programme जानकारी के अनुसार, 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों को तंबाकू उत्पाद बेचना और शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है।
स्वास्थ्य मंत्री ने स्क्रीनिंग पर दिया जोर
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बच्चों में इस तरह के बदलाव मिलने को गंभीरता से लेने की बात कही है। उन्होंने स्कूलों और कॉलेजों में विशेषज्ञ टीमों के जरिए स्क्रीनिंग कैंप लगाने तथा तंबाकू और दूसरे नशीले पदार्थों के नुकसान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की बात कही है।
जरूरी बात: अगर किसी बच्चे या किशोर के मुंह में सफेद/लाल धब्बा, घाव या जलन लगातार बनी हुई है, तो खुद से इसे कैंसर मानने के बजाय दंत चिकित्सक या ओरल मेडिसिन विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है।




