
World Ozone Day: ओजोन परत बचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी, PCCF संजीव कुमार ने की अपील
16 सितंबर को विश्व ओजोन दिवस, पर्यावरण संरक्षण में आम लोगों की भागीदारी को बताया अहम

रांची: हर साल 16 सितंबर को विश्व ओजोन दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर झारखंड के प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार ने राज्य के लोगों से पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण को सुरक्षित रखना सिर्फ सरकार या किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें समाज के हर व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है। ओजोन परत की सुरक्षा के साथ-साथ जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए भी लोगों को अपने स्तर पर प्रयास करना चाहिए।
पृथ्वी के लिए सुरक्षा कवच है ओजोन परत
पीसीसीएफ ने बताया कि ओजोन परत पृथ्वी के लिए एक तरह का प्राकृतिक सुरक्षा कवच है। यह सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी यानी UV किरणों से पृथ्वी और यहां रहने वाले जीव-जंतुओं की रक्षा करती है।
ऐसे में ओजोन परत को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों को कम करना और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाना जरूरी है।
घर से भी शुरू हो सकता है पर्यावरण संरक्षण
संजीव कुमार ने लोगों से अपील की कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी नहीं कि हमेशा कोई बड़ा कदम ही उठाया जाए। रोजमर्रा की जिंदगी में छोटी-छोटी सावधानियां भी काफी महत्वपूर्ण हो सकती हैं।
उन्होंने घरों में इस्तेमाल होने वाले एसी और फ्रिज जैसे कूलिंग उपकरणों का सही तरीके से रखरखाव करने की सलाह दी। पुराने कूलिंग उपकरणों को भी खुले में या गलत तरीके से फेंकने के बजाय उनका उचित निस्तारण किया जाना चाहिए।
बिजली और ईंधन की बचत पर भी जोर
पर्यावरण संरक्षण के लिए ऊर्जा की अनावश्यक खपत कम करने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा जहां संभव हो, निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने की अपील की गई है।
इन छोटे-छोटे बदलावों के जरिए लोग पर्यावरण पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में योगदान दे सकते हैं।
सिर्फ एक दिन की जागरूकता नहीं
पीसीसीएफ ने कहा कि विश्व ओजोन दिवस केवल जागरूकता फैलाने का दिन नहीं है, बल्कि यह लोगों को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी याद दिलाने का अवसर भी है। ओजोन परत, जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए सरकारी प्रयासों के साथ आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है।



