
रांची में फिर शुरू होगा HEC का HTI? युवाओं को मिलेगा तकनीकी प्रशिक्षण, रोजगार के बढ़ेंगे मौके
एचटीआई को दोबारा संचालित करने का प्रस्ताव तैयार, बोर्ड की मंजूरी के बाद NCVT से संबद्धता बहाल कराने की तैयारी; पहले पांच ट्रेड में 200 युवाओं को मिलता था प्रशिक्षण

झारखंड के युवाओं के लिए तकनीकी प्रशिक्षण का अहम केंद्र रहा HEC Training Institute (HTI), Ranchi एक बार फिर शुरू हो सकता है। एचईसी प्रबंधन ने संस्थान को नए तरीके से संचालित करने की योजना तैयार की है। इसके तहत एचटीआई के भवन और संस्थान को किसी निजी एजेंसी को सौंपकर दोबारा ट्रेनिंग शुरू कराने पर विचार किया जा रहा है।
प्रस्ताव को एचईसी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की अगली बैठक में रखा जाएगा। बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद संस्थान की NCVT से संबद्धता दोबारा हासिल करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद प्रशिक्षण संचालन के लिए एजेंसी का चयन किया जाएगा।
दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा
एचटीआई के दोबारा खुलने से झारखंड के युवाओं को सबसे बड़ा फायदा स्थानीय स्तर पर तकनीकी प्रशिक्षण मिलने के रूप में हो सकता है। अभी औद्योगिक प्रशिक्षण के लिए कई युवाओं को दूसरे शहरों या राज्यों में जाना पड़ता है।
संस्थान को आधुनिक जरूरतों के हिसाब से विकसित कर ऐसे तकनीकी कर्मचारी तैयार करने की योजना है, जिनके लिए HEC के अलावा निजी उद्योग, मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग और तकनीकी सेवा क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं बन सकेंगी।
पांच ट्रेड में होता था प्रशिक्षण
एचटीआई में पहले ITI के तहत इलेक्ट्रिशियन, फीटर, मशीनिस्ट, COPA और वेल्डर ट्रेड चलाए जाते थे। इलेक्ट्रिशियन, फीटर और मशीनिस्ट का कोर्स दो साल का था, जबकि COPA और वेल्डर की अवधि एक साल थी।
दो शिफ्ट में संचालित संस्थान में हर साल करीब 200 युवाओं का नामांकन होता था। यहां से प्रशिक्षण लेने वाले कई लोग एचईसी और देश की बड़ी औद्योगिक कंपनियों में काम कर रहे हैं। कुछ प्रशिक्षुओं के विदेशों में रोजगार से जुड़े होने की भी जानकारी है।
2022-23 के बाद बंद हुआ नया नामांकन
एचईसी की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बाद एचटीआई का संचालन धीरे-धीरे प्रभावित हुआ। 2022-23 से नए छात्रों का दाखिला बंद हो गया। इसके बाद NCVT ने पहले COPA और वेल्डर ट्रेड की संबद्धता खत्म की।
बाद में इलेक्ट्रिशियन, फीटर और मशीनिस्ट ट्रेड भी डिफिलिएट हो गए। इस तरह संस्थान के सभी पांच ट्रेड बंद हो गए। फिलहाल एचटीआई में सिर्फ दो कर्मचारी कार्यालय और पुराने रिकॉर्ड की देखरेख के लिए तैनात हैं।
150 से ज्यादा मशीनें, सुरक्षा भी बड़ी चुनौती
लंबे समय से बंद पड़े संस्थान में मशीनों और उपकरणों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता है। कर्मचारियों के मुताबिक, परिसर से कई सामान चोरी हो चुके हैं। यहां तक कि ट्रांसफार्मर भी गायब होने की बात सामने आई है।
मशीनों के मोटर, अन्य उपकरणों और लेथ मशीन के कई पुर्जों के चोरी होने की जानकारी है। एचटीआई परिसर में 150 से अधिक छोटी-बड़ी मशीनें मौजूद हैं। ऐसे में संस्थान को दोबारा शुरू करने के साथ इन संसाधनों की सुरक्षा मजबूत करना भी जरूरी होगा।
एचईसी कर्मचारियों के वीपीएफ का मामला भी मंत्रालय पहुंचा
दूसरी ओर, एचईसी कर्मचारियों के वालंटरी प्रोविडेंट फंड (VPF) से जुड़े भुगतान और सेटलमेंट का मुद्दा भी अब भारी उद्योग मंत्रालय तक पहुंच गया है।
मंत्रालय के सीपीएसई-एचईसी से जुड़े विभाग ने एचईसी के सीएमडी को पत्र भेजकर मामले में जरूरी कार्रवाई करने को कहा है। पत्र में कर्मचारी और श्रमिक नेता लालदेव सिंह की ओर से 6 सितंबर को भेजे गए ई-मेल का भी उल्लेख किया गया है।
ई-मेल में वीपीएफ अंशदान की वापसी और कर्मचारियों से जुड़े सेटलमेंट के मुद्दे उठाए गए थे। मंत्रालय ने इसे एचईसी प्रबंधन को भेजते हुए अपने स्तर से कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। पत्र की एक प्रति एचईसी के उपाध्यक्ष (मानव संसाधन) को भी दी गई है।
अब कर्मचारियों की नजर इस बात पर है कि एचईसी प्रबंधन वीपीएफ भुगतान और दूसरे लंबित मामलों पर क्या कदम उठाता है। वहीं, एचटीआई को दोबारा शुरू करने की योजना पर भी युवाओं और संस्थान से जुड़े पूर्व प्रशिक्षुओं की नजर बनी हुई है।




