Dam Alert: मैथन-पंचेत में बढ़ा जलस्तर, 10 गेट से छोड़ा जा रहा पानी; नदी किनारे रहने वालों को अलर्ट

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लगातार बारिश के बाद बराकर-दामोदर उफान पर, मैथन के 6 और पंचेत के 4 रेडियल गेट खुले; पश्चिम बंगाल के निचले इलाकों में Yellow Alert

धनबाद: धनबाद और आसपास के इलाकों में पिछले तीन-चार दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश का असर मैथन और पंचेत डैम पर दिखने लगा है। दोनों डैम के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसके साथ ही बराकर और दामोदर नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया है।

स्थिति को देखते हुए डीवीसी ने दोनों डैम से पानी की निकासी बढ़ा दी है। वहीं, पश्चिम बंगाल के निचले और नदी किनारे वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। गुरुवार को मैथन डैम का जलस्तर 488.29 फीट, जबकि पंचेत डैम का जलस्तर 416.08 फीट दर्ज किया गया। मैथन से करीब 78,234 एकड़ फीट और पंचेत से 1,16,402 एकड़ फीट पानी छोड़ा जा रहा है।

मैथन के 6 और पंचेत के 4 गेट खुले

जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए मैथन डैम के 6 गेट और 4 गैलरी से पानी की निकासी की जा रही है। वहीं पंचेत डैम के 4 रेडियल गेट और 1 गैलरी खोली गई है। पानी छोड़े जाने के बाद बराकर और दामोदर नदी के जलस्तर पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। डीवीआरसीसी के सदस्य सचिव संजीव कुमार ने बताया कि दोनों डैम में पानी की आवक लगातार बढ़ रही है। इसकी जानकारी पश्चिम बंगाल के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है।

डेंजर लेवल से अभी नीचे है दोनों डैम का पानी

हालांकि फिलहाल दोनों डैम का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन लगातार बारिश के कारण स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

  • मैथन डैम: जलस्तर 488.29 फीट, डेंजर लेवल 495 फीट
  • पंचेत डैम: जलस्तर 416.08 फीट, डेंजर लेवल 425 फीट

यानी दोनों डैम अभी अपने निर्धारित डेंजर लेवल से नीचे हैं, लेकिन जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए एहतियात बरती जा रही है।

पश्चिम बंगाल के निचले इलाकों में Yellow Alert

मैथन और पंचेत से पानी छोड़े जाने के कारण पश्चिम बंगाल के नदी तटीय और निचले इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। आसनसोल, दुर्गापुर, बर्धमान, उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना समेत आसपास के क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। डीवीसी की ओर से इन इलाकों के लिए Yellow Alert जारी किया गया है। लगातार पानी छोड़े जाने की स्थिति में निचले क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।

केंद्रीय जल आयोग भी कर रहा निगरानी

मैथन और पंचेत डैम के जलस्तर पर केंद्रीय जल आयोग की भी नजर है। बारिश, डैम में पानी की आवक और निकासी की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन और डीवीसी ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के किनारे जाने से बचें और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित व ऊंचे स्थानों पर चले जाएं। लोगों से किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा नहीं करने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।

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