प्लेटफॉर्म नंबर-4 के पास ट्रैक क्षतिग्रस्त होने से परिचालन प्रभावित, कई ट्रेनें अलग-अलग स्टेशनों पर रोकी गईं; रेलवे ने युद्धस्तर पर शुरू किया मरम्मत कार्य

फरक्का/बरहरवा: भारी बारिश ने रेल परिचालन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मालदा रेल मंडल के फरक्का रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-4 के पास रेलवे ट्रैक करीब एक फीट तक धंस गया। ट्रैक के क्षतिग्रस्त होने के बाद पाकुड़ और बरहरवा की ओर से आने-जाने वाली कई ट्रेनों के परिचालन पर असर पड़ा है।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने कई ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोक दिया। इसके चलते यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा और कई स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई।
रेलवे प्रशासन ने ट्रैक को जल्द सुरक्षित बनाने के लिए युद्धस्तर पर मरम्मत अभियान शुरू कर दिया है। मालगाड़ी के जरिए डस्ट और स्टोन मेटल मंगाया जा रहा है, जिससे धंसे हुए हिस्से को भरने के साथ ट्रैक को दोबारा मजबूत किया जा सके।
सुबह से ही प्रभावित हुआ ट्रेन परिचालन
ट्रैक धंसने का असर सुबह से ही ट्रेनों के संचालन पर दिखाई देने लगा। साहिबगंज-मालदा लोकल को निर्धारित समय सुबह 5:45 बजे रवाना होना था, लेकिन यह ट्रेन देरी से करीब 8:27 बजे रवाना हुई। वहीं फरक्का एक्सप्रेस के परिचालन में भी काफी देरी हुई। ट्रेन के सुबह 7:05 बजे खुलने का निर्धारित समय था, लेकिन बाद में इसके प्रस्थान का समय बढ़कर 9:17 बजे हो गया। इसके अलावा पाकुड़ की ओर से आने वाली गौड़ एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनों के परिचालन पर भी ट्रैक धंसने का असर पड़ा है।
कई स्टेशनों पर रोकी गईं ट्रेनें
फरक्का स्टेशन के पास ट्रैक क्षतिग्रस्त होने के बाद सुरक्षा कारणों से कई ट्रेनों को रास्ते के अलग-अलग स्टेशनों पर रोक दिया गया। बरहरवा, पाकुड़, कोटापोखर, गुमानी, तीनपहाड़, साहिबगंज और भागलपुर की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ट्रेनों के लगातार लेट होने के कारण इन स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या बढ़ती जा रही है। कई यात्री घंटों से अपनी ट्रेन के आने का इंतजार कर रहे हैं।
डस्ट और स्टोन मेटल से हो रही मरम्मत
ट्रैक की स्थिति को देखते हुए रेलवे की तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। मालगाड़ी के जरिए डस्ट और स्टोन मेटल मंगाकर धंसे हुए हिस्से को भरने का काम किया जा रहा है।
इसके बाद ट्रैक को तकनीकी मानकों के अनुसार सुरक्षित और परिचालन योग्य बनाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। रेलवे की कोशिश है कि मरम्मत का काम जल्द से जल्द पूरा कर इस रेलखंड पर ट्रेन परिचालन सामान्य किया जा सके।
बारिश बनी ट्रैक धंसने की वजह
बताया जा रहा है कि इलाके में लगातार हुई भारी बारिश के कारण रेलवे ट्रैक के नीचे की मिट्टी कमजोर हुई, जिसके चलते ट्रैक का एक हिस्सा करीब एक फीट नीचे धंस गया। घटना के बाद रेलवे ने एहतियाती कदम उठाते हुए परिचालन को नियंत्रित किया।
फिलहाल रेलवे की प्राथमिकता ट्रैक की सुरक्षा सुनिश्चित करना और जल्द से जल्द यातायात बहाल करना है। हालांकि, मरम्मत पूरी होने तक कुछ ट्रेनों के समय में बदलाव और देरी की स्थिति बनी रह सकती है।
यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
ट्रेनों के रुकने और लगातार देरी के कारण यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। कई यात्रियों को स्टेशन पर लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि कुछ लोग अपनी आगे की यात्रा को लेकर असमंजस में हैं। फरक्का के पास ट्रैक धंसने की इस घटना ने मालदा रेल मंडल के महत्वपूर्ण रेल मार्ग पर यातायात प्रभावित किया है। रेलवे की टीम लगातार मरम्मत कार्य में जुटी है और स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।

