Hazrat Qutubuddin Risaldar Baba: CM हेमंत सोरेन ने 219वें उर्स में चढ़ाई चादर, राज्य की खुशहाली की दुआ मांगी

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Hazrat Qutubuddin Risaldar Baba: CM हेमंत सोरेन ने 219वें उर्स में चढ़ाई चादर, राज्य की खुशहाली की दुआ मांगी

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सोमवार को रांची के डोरंडा स्थित Hazrat Qutubuddin Risaldar Baba की मजार पर आयोजित 219वें उर्स में शामिल हुए । इस दौरान उन्होंने परंपरा के अनुसार Hazrat Qutubuddin Risaldar Baba की मजार पर चादरपोशी की और झारखंड की सुख-समृद्धि, अमन-चैन, प्रगति एवं खुशहाली के लिए दुआ मांगी 

Hazrat Qutubuddin Risaldar Baba: उर्स का धार्मिक और सामाजिक महत्व

Hazrat Qutubuddin Risaldar Baba के 219वें उर्स में मुख्यमंत्री की उपस्थिति ने इस आयोजन के धार्मिक और सामाजिक महत्व को रेखांकित किया। Hazrat Qutubuddin Risaldar Baba की मजार डोरंडा में स्थित है और यह झारखंड की प्रमुख सूफी दरगाहों में से एक मानी जाती है 

इस अवसर पर बड़ी संख्या में अकीदतमंद (श्रद्धालु) मजार पर पहुंचे थे । Hazrat Qutubuddin Risaldar Baba के उर्स की शुरुआत परचम कुशाई (झंडा फहराने) के साथ होती है, जिसके बाद पांच दिनों तक विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं । 1808 में शुरू हुआ यह उर्स बाबा की स्मृति में मनाया जाता है, जो 17वीं शताब्दी के अंत में ब्रिटिश भारतीय सेना में रिसालदार (घुड़सवार दस्ते के मध्य स्तर के अधिकारी) थे और अपनी धार्मिकता एवं चमत्कारी उपचार शक्ति के लिए प्रसिद्ध थे 

CM हेमंत सोरेन ने झारखंड की खुशहाली की दुआ मांगी

Hazrat Qutubuddin Risaldar Baba की मजार पर चादरपोशी के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा की शिक्षाएं प्रेम, भाईचारे, इंसानियत और आपसी सौहार्द का संदेश देती हैं । उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और एकता को मजबूत करने का काम करते हैं 

मुख्यमंत्री ने उर्स के पाक मौके पर राज्यवासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की । उन्होंने कहा कि झारखंड में सभी समुदायों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं और यही राज्य की सबसे बड़ी ताकत है । उन्होंने राज्य में आपसी भाईचारा, सामाजिक सद्भाव और एकजुटता की भावना को और मजबूत करने की दुआ मांगी 

Hazrat Qutubuddin Risaldar Baba: एकता का प्रतीक

Hazrat Qutubuddin Risaldar Baba की दरगाह पारंपरिक रूप से सामाजिक सद्भाव और सांप्रदायिक एकता का प्रतीक रही है । यह दरगाह कई वर्षों से विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोगों के लिए आस्था और श्रद्धा का केंद्र रही है । मुख्यमंत्री ने भी अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि Hazrat Qutubuddin Risaldar Baba का उर्स समाज को जोड़ने और लोगों के बीच विश्वास मजबूत करने का काम करता है 

उर्स में शामिल अकीदतमंदों को दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री ने Hazrat Qutubuddin Risaldar Baba के 219वें उर्स में शामिल सभी अकीदतमंदों और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं । उन्होंने कहा कि उनकी कामना है कि झारखंड में शांति, भाईचारा और एकजुटता की भावना लगातार मजबूत होती रहे और राज्य निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़े 


गौरतलब है कि Hazrat Qutubuddin Risaldar Baba के उर्स में मुख्यमंत्री की यह उपस्थिति परंपरागत रूप से जारी है। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास भी इस मजार पर जाकर चादर चढ़ाया करते थे । इस वर्ष भी मुख्यमंत्री ने Hazrat Qutubuddin Risaldar Baba की मजार पर जाकर राज्य की सुख-समृद्धि, अमन-चैन और खुशहाली के लिए दुआ मांगी 

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