मई-जून में रोजाना 7,500-8,000 यात्रियों की थी आवाजाही, अगस्त में कई दिनों का आंकड़ा 6 हजार से नीचे; एयरपोर्ट कारोबार पर भी असर

रांची: मानसून का असर अब रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के हवाई यातायात पर भी नजर आने लगा है। अगस्त में यात्रियों की आवाजाही में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। 24 अगस्त को इस महीने का सबसे कम यात्री आवागमन दर्ज हुआ, जब कुल 4,959 यात्रियों ने एयरपोर्ट से सफर किया।
एयरपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को 2,700 यात्री रांची पहुंचे, जबकि 2,259 यात्रियों ने रांची से दूसरे शहरों के लिए उड़ान भरी।
मई-जून के मुकाबले काफी कम हुई आवाजाही
गर्मियों के दौरान रांची एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या काफी ज्यादा थी। मई और जून में रोजाना औसतन 7,500 से 8,000 यात्री हवाई सफर कर रहे थे। वहीं अगस्त में कई दिनों में यह आंकड़ा घटकर 5 से 6 हजार के आसपास रह गया। अगस्त में 18 अगस्त को 6,372 और 22 अगस्त को 6,394 यात्रियों के साथ सबसे अधिक आवाजाही दर्ज की गई। इसके उलट 24 अगस्त को संख्या घटकर 4,959 पर पहुंच गई।
कई दिनों तक 6 हजार से नीचे रहा आंकड़ा
अगस्त के 24 दिनों में कई बार यात्रियों की संख्या 6 हजार से कम रही। 4 अगस्त को 5,564, 5 अगस्त को 5,334, 6 अगस्त को 5,636 और 12 अगस्त को 5,458 यात्रियों ने सफर किया। इसी तरह 13 अगस्त को 5,661, 14 अगस्त को 5,867 और 17 अगस्त को 5,518 यात्रियों की आवाजाही रही। इस दौरान एयरपोर्ट से संचालित उड़ानों की संख्या करीब 36 से 46 के बीच रही।
खराब मौसम और बारिश का भी असर
लगातार बारिश, बादल और खराब मौसम के कारण भी हवाई यात्रा पर असर पड़ा है। एयरपोर्ट से जुड़े लोगों के मुताबिक, मानसून के दौरान कई यात्री अपनी यात्रा टाल देते हैं या योजना में बदलाव करते हैं। हालांकि उड़ानों की संख्या में बड़ी कमी नहीं आई है, लेकिन यात्रियों की संख्या में गिरावट देखने को मिल रही है। उम्मीद है कि मौसम साफ होने के बाद हवाई यातायात में फिर तेजी आएगी।
एयरपोर्ट के कारोबार पर भी पड़ा असर
यात्रियों की कम संख्या का असर एयरपोर्ट परिसर में संचालित कारोबार पर भी दिखाई दे रहा है। जानकारी के अनुसार कुछ पार्किंग, कैफेटेरिया और मनी एक्सचेंज संचालकों ने घाटे का हवाला देते हुए एयरपोर्ट प्रबंधन को काम बंद करने के संबंध में पत्र दिया है।
सितंबर-अक्टूबर में बढ़ सकती है यात्रियों की संख्या
बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के एयरपोर्ट निदेशक विनोद कुमार के मुताबिक, मानसून के दौरान हर साल हवाई यात्रियों की संख्या में कमी देखने को मिलती है। शैक्षणिक संस्थानों के खुले रहने और पर्यटकों की संख्या कम होने का भी असर पड़ता है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि सितंबर और अक्टूबर में त्योहारों का सीजन शुरू होने के साथ यात्रियों की संख्या में फिर बढ़ोतरी होगी।

