17 अगस्त से 16 नवंबर तक चलेगा अभियान; लंबित शिकायतों-मामलों के निपटारे, डिजिटल पहल और अनुबंध प्रबंधन पर रहेगा विशेष फोकस

रांची: सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) ने संगठन में पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से सतर्कता जागरूकता अभियान 2026 की शुरुआत की है। यह अभियान 17 अगस्त से 16 नवंबर 2026 तक चलेगा।
CCL मुख्यालय के दरभंगा हाउस में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में अभियान की रूपरेखा पर चर्चा की गई। कार्यक्रम की शुरुआत सत्यनिष्ठा प्रतिज्ञा के साथ हुई। अधिकारियों और कर्मचारियों ने ईमानदारी से काम करने, जनहित को प्राथमिकता देने और नियम-कानूनों का पालन करने की शपथ ली।
कार्यक्रम में CCL के CMD निलेंदु कुमार सिंह, निदेशक वित्त पवन कुमार मिश्रा, निदेशक मानव संसाधन हर्ष नाथ मिश्र, निदेशक तकनीकी/संचालन सीएस तिवारी और मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज कुमार समेत वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
सतर्कता सिर्फ एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं
CCL के CMD निलेंदु कुमार सिंह ने कहा कि सतर्कता व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए संगठन के हर स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। उन्होंने कहा कि सतर्कता केवल किसी एक विभाग या अधिकारी की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक कर्मचारी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने प्रभावी जनसंचार को भी संस्थान के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनके मुताबिक, संगठन से जुड़ी सूचनाओं और संदेशों को सरल और स्पष्ट तरीके से लोगों तक पहुंचाया जाना चाहिए, ताकि उसका व्यापक असर हो।
CMD ने पिछले वर्ष के सतर्कता जागरूकता अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान CCL की ओर से कई गतिविधियां आयोजित की गई थीं। इनमें 900 से अधिक यूनिट रक्तदान को उन्होंने समाज के प्रति कंपनी की जिम्मेदारी का उल्लेखनीय उदाहरण बताया।
पांच प्रमुख क्षेत्रों पर रहेगा अभियान का फोकस
मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज कुमार ने अभियान के उद्देश्य और आगे की गतिविधियों की जानकारी दी। इस वर्ष अभियान को पांच प्रमुख क्षेत्रों में केंद्रित किया गया है।
इनमें शामिल हैं—
- लंबित शिकायतों का निपटारा
- लंबित मामलों का समाधान
- क्षमता निर्माण कार्यक्रम
- डिजिटल पहल
- अनुबंध प्रबंधन
इन क्षेत्रों में प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने और कामकाज में अधिक पारदर्शिता लाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने पर चर्चा हुई।
शिकायत और लंबित मामलों के जल्द निपटारे पर जोर
अभियान के दौरान लंबित शिकायतों और मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने की योजना है। अधिकारियों को प्रक्रियाओं को आसान बनाने और मामलों के समाधान में अनावश्यक देरी कम करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही कर्मचारियों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से सतर्कता नियमों और कार्यप्रणाली की बेहतर समझ विकसित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
डिजिटल पहल और कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट भी एजेंडे में
CCL के सतर्कता अभियान में डिजिटल माध्यमों के बेहतर इस्तेमाल को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। डिजिटल प्रक्रियाओं के जरिए कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने और मानवीय हस्तक्षेप को कम करने की संभावनाओं पर जोर दिया जाएगा। इसके अलावा अनुबंध प्रबंधन को भी अभियान के प्रमुख फोकस क्षेत्रों में रखा गया है। इसका उद्देश्य अनुबंध से जुड़े कार्यों में नियमों का पालन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
E-MB की SOP लॉन्च
कार्यक्रम के दौरान असैनिक विभाग में इस्तेमाल होने वाली इंजीनियर मेजरमेंट बुक (EMB) से संबंधित SOP यानी Standard Operating Procedure भी लॉन्च की गई। SOP के जरिए EMB से जुड़े कार्यों में प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया गया है। इससे माप, रिकॉर्ड और संबंधित प्रक्रियाओं में जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
ईमानदार कार्यसंस्कृति को मजबूत करने का संकल्प
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने संगठन में पारदर्शिता और सत्यनिष्ठा को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। CCL का लक्ष्य है कि सतर्कता को केवल अभियान या औपचारिक गतिविधि तक सीमित न रखकर उसे रोजमर्रा के कामकाज का हिस्सा बनाया जाए।
17 अगस्त से शुरू हुआ यह अभियान 16 नवंबर तक चलेगा। इस दौरान शिकायत निवारण, क्षमता निर्माण, डिजिटल व्यवस्था और अनुबंध प्रबंधन समेत विभिन्न क्षेत्रों में गतिविधियां आयोजित कर CCL की कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया जाएगा।

