नई शिक्षा नीति के तहत बदला पैटर्न, चार वर्षीय स्नातक करने वाले विद्यार्थी ही ले सकेंगे एक वर्षीय पीजी में दाखिला

रांची: चार वर्षीय स्नातक डिग्री पूरी करने वाले विद्यार्थियों के लिए अब पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई का रास्ता छोटा होने जा रहा है। नई शिक्षा नीति के तहत लागू किए जा रहे नए शैक्षणिक ढांचे के अनुरूप इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय यानी IGNOU ने भी एक वर्षीय पीजी कोर्स की व्यवस्था शुरू की है।
इस व्यवस्था के तहत चार साल का स्नातक कोर्स पूरा करने वाले विद्यार्थी एक वर्ष में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल कर सकेंगे। शुरुआत में IGNOU ने नौ विषयों को इस एक वर्षीय पीजी कार्यक्रम में शामिल किया है।
इन 9 विषयों में कर सकेंगे एक वर्षीय PG
IGNOU की ओर से फिलहाल जिन विषयों का चयन किया गया है, उनमें MA अर्थशास्त्र, MA समाजशास्त्र, MA इतिहास, M.Com, MA पत्रकारिता एवं जनसंचार, MA अंग्रेजी, MA हिंदी, MA संस्कृत और MA उर्दू शामिल हैं। यानी चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम पूरा करने वाले विद्यार्थी इन विषयों में एक वर्षीय पीजी कोर्स का विकल्प चुन सकेंगे।
चार साल की ग्रेजुएशन जरूरी
नई व्यवस्था का लाभ उन्हीं विद्यार्थियों को मिलेगा, जिन्होंने चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम पूरा किया है। इसके बाद वे एक वर्षीय पीजी कार्यक्रम में प्रवेश ले सकेंगे। यह बदलाव नई शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षा में किए जा रहे पाठ्यक्रम और डिग्री संरचना में बदलाव का हिस्सा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप आगे की पढ़ाई के लिए अधिक लचीले विकल्प उपलब्ध कराना है।
जुलाई 2026 सत्र में नामांकन का मौका
इधर, IGNOU ने जुलाई 2026 सत्र में नामांकन के लिए आवेदन की अंतिम तारीख भी बढ़ा दी है। विद्यार्थी अब 31 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। ऐसे में चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम पूरा कर चुके विद्यार्थियों के लिए एक वर्षीय पीजी कोर्स में दाखिले का यह महत्वपूर्ण अवसर है।
आगे बढ़ सकता है एक वर्षीय PG का दायरा
फिलहाल IGNOU ने नौ विषयों से इसकी शुरुआत की है। आने वाले समय में अन्य विषयों को भी इस व्यवस्था में शामिल किए जाने की संभावना बनी हुई है। नई शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षा के ढांचे में हो रहे बदलावों के बीच एक वर्षीय पीजी कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए समय और शैक्षणिक योजना के लिहाज से महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।

