केले-सेब खरीदने के बहाने 6 हजार नकद लिए, दूसरी दुकान में बैटरी-इनवर्टर का सौदा कर 10 हजार ठगे; दोनों मामलों में एक ही तरीके से बनाया निशाना

पिठोरिया: रांची के पिठोरिया चौक में UPI पेमेंट का भरोसा दिलाकर दुकानदारों से नकदी ठगने का मामला सामने आया है। अलग-अलग दो दुकानों में पहुंचे एक शातिर ने खरीदारी के नाम पर दुकानदारों को अपनी बातों में फंसाया और उनसे कुल 16 हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गया।
दोनों घटनाओं में आरोपी ने दुकानदारों से कहा कि वह नकद रकम ले ले और बदले में ऑनलाइन UPI के जरिए भुगतान कर देगा। लेकिन पैसे हाथ में आते ही वह मौके से निकल गया। घटनाओं के बाद स्थानीय दुकानदारों में चिंता बढ़ गयी है।
फल दुकानदार से 6 हजार की ठगी
पहला मामला पिठोरिया चौक स्थित जगदीश फ्रूट कॉर्नर का बताया जा रहा है। दुकान संचालक रवि ठाकुर के अनुसार, एक अज्ञात व्यक्ति दुकान पर आया और करीब 220 केले पैक करने को कहा। इसके बाद उसने लगभग 16 किलो सेब भी खरीदने की बात कही।
खरीदारी के दौरान आरोपी ने दुकानदार को बातचीत में उलझाया और करीब 6 हजार रुपये नकद यह कहकर ले लिये कि वह रकम का भुगतान UPI से कर देगा। दुकानदार के मुताबिक, नकदी लेने के बाद आरोपी वहां से निकल गया और वापस नहीं लौटा।
बैटरी-इनवर्टर खरीदने के नाम पर 10 हजार लिये
दूसरी घटना शुभम बैट्री-इनवर्टर दुकान की है। दुकान संचालक शुभम केसरी के मुताबिक, एक व्यक्ति बैटरी और इनवर्टर खरीदने पहुंचा। दोनों के बीच करीब 60 से 70 हजार रुपये की खरीदारी को लेकर बातचीत हुई।
इसके बाद आरोपी ने 25 हजार रुपये नकद देने की बात कही। दुकानदार ने इतनी नकदी उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी तो आरोपी ने कहा कि जितना कैश है, उतना दे दें, बाकी भुगतान वह UPI से कर देगा। उसकी बातों पर भरोसा कर दुकानदार ने उसे 10 हजार रुपये नकद दे दिये।
सामान ऑटो में लोड कराया, फिर पेटी लाने के बहाने गायब
नकदी लेने के बाद आरोपी ने बैटरी और इनवर्टर ऑटो में लोड करवाया। इसके बाद उसने दुकानदार से कहा कि आगे एक और पेटी रखी है, जिसे लेकर वह अभी आता है। इसी बहाने वह दुकान से निकला और फिर वापस नहीं लौटा। काफी देर इंतजार करने के बाद दुकानदार को ठगी का एहसास हुआ।
एक ही तरीके से ठगी, दुकानदारों में बढ़ी चिंता
दोनों मामलों में ठगी का तरीका लगभग एक जैसा बताया जा रहा है। आरोपी ने पहले सामान खरीदने में दिलचस्पी दिखाई, फिर नकद रकम लेकर UPI से भुगतान करने का भरोसा दिया और पैसे मिलते ही फरार हो गया।
घटनाओं के बाद स्थानीय दुकानदारों ने ऐसे ग्राहकों से सतर्क रहने की अपील की है। खासकर UPI भुगतान का दावा करने वाले व्यक्ति से अपने बैंक खाते में वास्तविक भुगतान की पुष्टि किए बिना नकद रकम या सामान देने से बचने की सलाह दी जा रही है।

