करीब तीन घंटे की कैबिनेट बैठक के बाद सरकार का निर्णय; रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में होगी जांच, परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए बनेगी कमेटी

रांची: झारखंड में लंबे समय से चल रहे JPSC-JSSC छात्र आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ऐलान किया है कि JSSC-CGL समेत परीक्षा एजेंसी TDPL द्वारा आयोजित कराई गई सभी भर्ती परीक्षाओं को रद्द किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह घोषणा प्रोजेक्ट भवन में हुई कैबिनेट की विशेष बैठक के बाद की। बैठक करीब तीन घंटे तक चली, जिसमें परीक्षा रद्द करने से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
छात्रों से वार्ता से पहले हुई कैबिनेट बैठक
सरकार की ओर से आंदोलनरत छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के साथ सोमवार को दोपहर दो बजे स्टेट गेस्ट हाउस में वार्ता प्रस्तावित थी। लेकिन बातचीत शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ बैठक कर परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर निर्णय लेना जरूरी समझा। अब सरकार की ओर से इस फैसले की जानकारी छात्र प्रतिनिधियों को दी जाएगी।
TDPL से जुड़ी सभी परीक्षाएं होंगी रद्द
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि TDPL द्वारा आयोजित कराई गई परीक्षाओं और उससे जुड़ी चयन प्रक्रिया को रद्द किया जाएगा। उन्होंने कहा कि TDPL की ओर से अब तक की गई संबंधित गतिविधियों को भी समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले का सबसे बड़ा असर JSSC-CGL समेत उन भर्ती परीक्षाओं पर पड़ेगा, जिन्हें TDPL के माध्यम से आयोजित कराया गया था।
14वीं JPSC PT और बैकलॉग का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि 14वीं JPSC PT से जुड़ा मामला पहले ही सुलझाया जा चुका था। वहीं बैकलॉग परीक्षाओं से संबंधित विषय पर भी समाधान निकाला गया था। हालांकि, कई नियुक्तियों के मामले में अंतिम सहमति नहीं बन सकी थी। इसी वजह से पूरे मामले का पटाक्षेप करने के लिए कैबिनेट की विशेष बैठक बुलायी गयी।
रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में होगी जांच
सरकार ने परीक्षा विवाद की जांच के लिए एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पूरे मामले की जांच सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली समिति करेगी। इस जांच के जरिए परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े आरोपों, अनियमितताओं और जिम्मेदारियों की पड़ताल की जाएगी।
परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए बनेगी कमेटी
मुख्यमंत्री ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की दिशा में भी कदम उठाने की बात कही। इसके लिए अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में सुधार समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। सरकार की योजना ऐसी परीक्षा व्यवस्था तैयार करने की है, जिसमें पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो और भविष्य में भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवाद की स्थिति कम से कम बने।
छात्र और अभिभावक दे सकेंगे सुझाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर छात्रों और अभिभावकों से भी सुझाव लिये जाएंगे। इसके लिए पोर्टल के माध्यम से सुझाव देने की व्यवस्था की जाएगी। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में बदलाव केवल मौजूदा विवाद को खत्म करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य की भर्ती परीक्षाओं को अधिक निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने पर भी जोर दिया जाएगा।
छात्र आंदोलन के बीच बड़ा फैसला
JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे। छात्रों की प्रमुख मांगों में विवादित परीक्षाओं को रद्द करना, जांच कराना और भर्ती प्रक्रिया में स्थायी सुधार शामिल था। ऐसे में JSSC-CGL समेत TDPL से जुड़ी सभी परीक्षाओं को रद्द करने का सरकार का फैसला छात्र आंदोलन के लिहाज से बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर होंगी कि सरकार के फैसले के बाद छात्र प्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया क्या रहती है और आगे भर्ती परीक्षाओं का नया कैलेंडर किस तरह तैयार किया जाता है।

