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America Mein Birthright:पर ट्रंप का बड़ा फैसला, विदेशियों के बच्चों की नागरिकता पर लगेगी रोक

By Team Abua
August 8, 2026 7 Min Read
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America Mein Birthright in the US पर ट्रंप का बड़ा फैसला, विदेशियों के बच्चों की नागरिकता पर लगेगी रोक

अमेरिका में Birthright in the US को लेकर एक बार फिर बड़ा राजनीतिक और कानूनी विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 6 अगस्त 2026 को दो नए कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए, जिनका उद्देश्य जन्मसिद्ध नागरिकता के नियमों को सख्त करना है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा पिछले कार्यकारी आदेश को खारिज करने के बाद उठाया गया है, जिसमें ट्रंप प्रशासन ने बड़े पैमाने पर Birthright in the US को समाप्त करने की कोशिश की थी।


विषय सूची

  1. Birthright in the US क्या है और इसका संवैधानिक आधार
  2. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप की नई चाल
  3. नए कार्यकारी आदेशों का दायरा और प्रमुख प्रावधान
  4. Birth Tourism पर क्यों है ट्रंप का निशाना
  5. Birthright in the US से जुड़े आंकड़े और वास्तविकता
  6. विदेशियों पर क्या होगा असर
  7. कानूनी चुनौतियां और आगे की राह

1. Birthright in the US क्या है और इसका संवैधानिक आधार

Birthright in the US यानी जन्मसिद्ध नागरिकता अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन में निहित है, जो 1868 में अमेरिकी गृहयुद्ध के बाद लागू हुआ था। इस संशोधन में कहा गया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका में जन्मे या प्राकृतिक रूप से नागरिकता प्राप्त सभी व्यक्ति, और उनके अधिकार क्षेत्र के अधीन, संयुक्त राज्य अमेरिका और उस राज्य के नागरिक हैं जिसमें वे निवास करते हैं।

इस प्रावधान के तहत अमेरिकी धरती पर जन्म लेने वाला लगभग हर बच्चा अमेरिकी नागरिक बन जाता है, भले ही उसके माता-पिता विदेशी नागरिक क्यों न हों। इस नियम के कुछ अपवाद भी हैं, जिनमें विदेशी राजनयिकों के बच्चे, अमेरिकी क्षेत्र पर शत्रुतापूर्ण कब्जे के दौरान दुश्मन सैनिकों से पैदा हुए बच्चे, और अमेरिकी समोआ जैसे कुछ गैर-सम्मिलित क्षेत्रों में जन्मे बच्चे शामिल हैं, जहां संघीय कानून नागरिकता प्रदान नहीं करता है।

1898 में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले वोंग किम आर्क मामले ने इस सिद्धांत को और मजबूत किया, जिसमें माना गया कि 14वां संशोधन अमेरिकी धरती पर जन्म के आधार पर नागरिकता प्रदान करता है, जिसमें विदेशी नागरिकों के बच्चे भी शामिल हैं। यही कारण है कि Birthright in the US को अमेरिकी कानूनी व्यवस्था का एक स्थापित और अटूट सिद्धांत माना जाता रहा है।

2. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप की नई चाल

ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले दिन 20 जनवरी 2025 को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें दावा किया गया कि अवैध या अस्थायी रूप से अमेरिका में मौजूद व्यक्तियों के बच्चे 14वें संशोधन के अधिकार क्षेत्र के अधीन नहीं हैं, और इसलिए वे नागरिकता के पात्र नहीं हैं। इस आदेश को कई निचली अदालतों ने खारिज कर दिया और यह कभी लागू नहीं हो पाया।

30 जून 2026 को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से ट्रंप के इस कार्यकारी आदेश को खारिज कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि Birthright in the US संविधान द्वारा सुरक्षित है और राष्ट्रपति इसे कार्यकारी आदेश के माध्यम से समाप्त नहीं कर सकते। मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने अपने फैसले में कहा कि नागरिकता, तब और अब, अधिकारों का अधिकार थी – हमारे राजनीतिक समुदाय में स्वतंत्र रूप से भाग लेने का अधिकार।

हालांकि, जस्टिस ब्रेट कवानॉ ने अपनी सहमति में संकेत दिया कि कांग्रेस कानून पारित करके Birthright in the US में अपवाद स्थापित कर सकती है। इससे ट्रंप प्रशासन को एक नया रास्ता मिल गया और उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद Birthright in the US को प्रतिबंधित करने के लिए नए, संकीर्ण दायरे वाले कार्यकारी आदेश जारी किए।

3. नए कार्यकारी आदेशों का दायरा और प्रमुख प्रावधान

ट्रंप ने 6 अगस्त 2026 को दो नए कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए, जो सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ध्यान में रखते हुए समायोजन के साथ बनाए गए हैं। पहला आदेश उन गैर-नागरिकों की परिभाषा का विस्तार करता है जिनके बच्चे Birthright in the US के पात्र नहीं हैं।

नए नियमों के तहत, निम्नलिखित श्रेणियों के विदेशी माता-पिता से अमेरिका में जन्मे बच्चों को स्वचालित नागरिकता नहीं मिलेगी:

  • विदेशी आतंकवादी संगठन के सदस्य के बच्चे
  • विदेशी सरकार के कर्मचारी के बच्चे
  • नागरिकता प्राप्त करने के लिए धोखाधड़ी गतिविधि में शामिल व्यक्ति के बच्चे
  • संघीय कानून द्वारा नागरिकता प्रदान नहीं किए गए अमेरिकी क्षेत्रों में रहने वाले व्यक्ति के बच्चे

दूसरा आदेश बर्थ टूरिज्म पर प्रतिबंध लगाने पर केंद्रित है, जिसे अमेरिकी धरती पर बच्चे को जन्म देने के उद्देश्य से गैर-आप्रवासी वीजा पर अमेरिका में प्रवेश करने वाले किसी भी विदेशी के रूप में परिभाषित किया गया है। इस आदेश का उद्देश्य विदेशी नागरिकों को अमेरिकी नागरिकता प्राप्त करने के लिए बच्चे को जन्म देने से रोकना है।

4. Birth Tourism पर क्यों है ट्रंप का निशाना

Birthright in the US को प्रतिबंधित करने के ट्रंप प्रशासन के प्रयासों का एक प्रमुख कारण तथाकथित बर्थ टूरिज्म है। यह वह प्रथा है जिसमें विदेशी नागरिक विशेष रूप से अपने बच्चे को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के लिए अमेरिका की यात्रा करते हैं।

ट्रंप ने आरोप लगाया है कि सैकड़ों हजारों बच्चे बर्थ टूरिज्म के माध्यम से पैदा हुए हैं, हालांकि उन्होंने इस दावे के लिए कोई सबूत पेश नहीं किया। व्हाइट हाउस के उप चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने कहा कि लोग यहां पर्यटक होने का नाटक करके आते हैं, लेकिन असली कारण यह है कि वे एक बच्चा पैदा करें, उस बच्चे को स्वचालित नागरिक बनाएं, हमारा देश छोड़ दें और फिर उनके पास एक अमेरिकी नागरिक बच्चा हो। उन्होंने दावा किया कि ऐसे बच्चे फिर कल्याण लाभ, मतदान और अन्य अधिकारों तक पहुंच प्राप्त करते हैं।

हालांकि, बर्थ टूरिज्म की वास्तविकता को लेकर विशेषज्ञों के बीच मतभेद है। जैसा कि बाद में चर्चा की जाएगी, आंकड़े बताते हैं कि यह एक बहुत छोटी घटना है और अमेरिका में कुल जन्मों का 1 प्रतिशत से भी कम है।

5. Birthright in the US से जुड़े आंकड़े और वास्तविकता

Birthright in the US और बर्थ टूरिज्म के बारे में ट्रंप प्रशासन के दावों और वास्तविक आंकड़ों में बड़ा अंतर है। यह जानना जरूरी है कि अमेरिका में कितने बच्चे वास्तव में बर्थ टूरिज्म के माध्यम से पैदा होते हैं।

सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल सीडीसी के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में विदेशी माता-पिता से अमेरिका में लगभग 9,600 बच्चों का जन्म हुआ, जबकि उसी वर्ष अमेरिका में कुल 3.7 मिलियन जन्म दर्ज किए गए। इसका मतलब है कि विदेशी माता-पिता से पैदा होने वाले बच्चे कुल जन्मों का केवल 0.25 प्रतिशत हैं।

माइग्रेशन पॉलिसी इंस्टीट्यूट एमपीआई का अनुमान है कि बर्थ टूरिज्म के माध्यम से प्रतिवर्ष 20,000 से 26,000 बच्चे पैदा होते हैं, जो कुल वार्षिक जन्मों का 0.5 से 0.7 प्रतिशत है। पेन स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पाया कि बर्थ टूरिज्म से पैदा होने वाले बच्चों की संख्या 5,000 से 10,000 के बीच है, जो कुल जन्मों का 0.3 प्रतिशत है।

यह ध्यान देने योग्य है कि इन बर्थ टूरिज्म से पैदा होने वाले बच्चों में अधिकांश हिस्पैनिक माताओं से हैं, विशेष रूप से मेक्सिको से, न कि अमीर एशियाई परिवारों से, जैसा कि अक्सर कहा जाता है। पेन स्टेट के शोधकर्ताओं ने पाया कि एशियाई माताओं से बर्थ टूरिज्म के माध्यम से पैदा होने वाले बच्चों की संख्या लगातार कम रही है, 2014 से 2024 के बीच यह 425 पर पीक पर थी।

6. विदेशियों पर क्या होगा असर

नए कार्यकारी आदेशों का सबसे बड़ा असर उन विदेशी नागरिकों पर पड़ेगा जो अस्थायी वीजा पर अमेरिका में रह रहे हैं। पर्यटन वीजा, छात्र वीजा, या कार्य वीजा पर अमेरिका में मौजूद लोगों के बच्चों को अब स्वचालित रूप से अमेरिकी नागरिकता नहीं मिलेगी।

खास तौर पर, नए नियम उन परिवारों को प्रभावित करेंगे जो:

  • पर्यटन वीजा पर अमेरिका आए हैं और वहां बच्चे को जन्म देते हैं
  • अमेरिका में विदेशी सरकार या अंतरराष्ट्रीय संगठन के कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं
  • आतंकवादी संगठन के सदस्य हैं
  • नागरिकता प्राप्त करने के लिए धोखाधड़ी में शामिल रहे हैं

ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि ये कदम बर्थ टूरिज्म को रोकने के लिए आवश्यक हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि Birthright in the US पर इन प्रतिबंधों को लागू करना कानूनी रूप से चुनौतीपूर्ण होगा, क्योंकि 14वां संशोधन स्पष्ट रूप से जन्मसिद्ध नागरिकता की गारंटी देता है।

7. कानूनी चुनौतियां और आगे की राह

ट्रंप के नए कार्यकारी आदेशों को कानूनी चुनौती मिलना लगभग तय है। अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन ACLU जैसे संगठनों ने पिछले कार्यकारी आदेश को चुनौती दी थी और अब नए आदेशों के खिलाफ भी मुकदमा दायर करने की तैयारी है।

ACLU के आप्रवासन अधिकार परियोजना के उप निदेशक कोडी वोफ्सी ने कहा कि Birthright in the US की गारंटी 14वें संशोधन द्वारा दी गई है, और कोई भी कार्यकारी आदेश इसे नहीं बदल सकता। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय डेविस के कानून के प्रोफेसर गेब्रियल चिन ने कहा कि जबकि राष्ट्रपति के पास लोगों को बच्चा पैदा करने के विशिष्ट उद्देश्य से अमेरिका आने से रोकने की कुछ शक्ति है, एक बार जब ऐसा होता है, एक बार जब एक बच्चा अमेरिका में पैदा होता है, तो मुझे नहीं लगता कि राष्ट्रपति के पास यह तय करने की कोई शक्ति है कि वह बच्चा नागरिक नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट के पिछले फैसले ने स्पष्ट किया कि Birthright in the US संवैधानिक है और इसे कार्यकारी आदेश के माध्यम से नहीं बदला जा सकता। न्यायाधीश कवानॉ के सुझाव के अनुसार, Birthright in the US को कानून के माध्यम से बदलने का एकमात्र संभावित रास्ता कांग्रेस है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि कांग्रेस द्वारा पारित कोई भी कानून भी 14वें संशोधन के उल्लंघन के रूप में चुनौती दी जाएगी।

कुल मिलाकर, अमेरिका में Birthright in the US को लेकर विवाद अभी समाप्त होता दिखाई नहीं दे रहा है। ट्रंप प्रशासन के इन नए कदमों के परिणामस्वरूप कानूनी लड़ाई और भी तेज हो सकती है और यह मामला संभवतः फिर से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच सकता है। विदेशी नागरिकों, विशेष रूप से अस्थायी वीजा पर अमेरिका में रहने वाले परिवारों को इन बदलावों पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है, क्योंकि उनके बच्चों की नागरिकता पर इसका सीधा प्रभाव पड़ सकता है।

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