Cyber fraud in the name of the DC झारखंड के लोहरदगा जिले में साइबर अपराधियों ने जिला उपायुक्त (डीसी) संदीप कुमार मीना के नाम और फोटो का दुरुपयोग कर फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल बनाकर लोगों को ठगी का शिकार बनाने की कोशिश की है . साइबर ठगों ने डीसी के नाम से फर्जी व्हाट्सएप आईडी बनाकर लोगों को भ्रामक संदेश भेजने और कॉल करने शुरू कर दिए हैं . मामले की जानकारी सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने आम लोगों के लिए आधिकारिक चेतावनी जारी करते हुए सतर्क रहने की अपील की है . यह पहली बार नहीं है जब साइबर अपराधियों ने किसी वरिष्ठ अधिकारी के नाम का दुरुपयोग किया है; इससे पहले भी बोकारो डीसी का पांच बार फर्जी अकाउंट बनाया जा चुका है .
डीसी के नाम और फोटो का किया दुरुपयोग
जिला प्रशासन ने बताया कि किसी अज्ञात साइबर अपराधी ने उपायुक्त संदीप कुमार मीना की फोटो और नाम का इस्तेमाल कर फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाया है . इस प्रोफाइल के जरिए लोगों से संपर्क कर उन्हें गुमराह करने की कोशिश की जा रही है . प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के किसी भी संदेश या कॉल का डीसी से कोई संबंध नहीं है .
अंतरराष्ट्रीय नंबर से आ रहे कॉल और मैसेज
प्रशासन के अनुसार, +66803091600 नंबर से “Sandeep Kumar Meena” के नाम पर व्हाट्सएप मैसेज और कॉल किए जा रहे हैं . यह एक अंतरराष्ट्रीय नंबर है, जिसका इस्तेमाल साइबर ठग कर रहे हैं . जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि इस नंबर से आने वाले किसी भी संदेश या कॉल पर भरोसा न करें और न ही किसी प्रकार की जानकारी साझा करें . लोहरदगा में इससे पहले भी 2025 में डीसी ताराचंद के नाम से फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की गई थी .
बैंकिंग और निजी जानकारी साझा न करें
जिला प्रशासन ने नागरिकों को आगाह किया है कि साइबर अपराधी अक्सर सरकारी अधिकारियों, बैंक या अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के नाम का इस्तेमाल कर लोगों से आधार नंबर, बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड और अन्य गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं . ऐसी किसी भी मांग पर तुरंत सतर्क रहें और कोई भी संवेदनशील जानकारी साझा न करें . साइबर अपराधी अक्सर ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे झांसों का भी सहारा लेते हैं, जिसका भारतीय कानून में कोई अस्तित्व नहीं है .
संदिग्ध गतिविधि की तुरंत दें सूचना
प्रशासन ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को डीसी के नाम से पैसे मांगने, दस्तावेज भेजने या निजी जानकारी साझा करने का संदेश मिले, तो पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि करें . किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत जिला प्रशासन या स्थानीय पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके . साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है .
साइबर सुरक्षा को लेकर प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने कहा कि डिजिटल युग में साइबर अपराध लगातार नए तरीके अपना रहे हैं . इसलिए हर नागरिक को सतर्क और जागरूक रहने की आवश्यकता है . अफवाहों से बचें, केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाकर स्वयं को साइबर ठगी से बचाएं . जामताड़ा जैसे साइबर अपराध के गढ़ से जुड़े नेटवर्क को ध्यान में रखते हुए सतर्कता और भी जरूरी हो जाती है .
बाहरी संसाधन
- राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल: https://cybercrime.gov.in
- साइबर हेल्पलाइन नंबर: 1930
- लोहरदगा जिला प्रशासन: https://lohardaga.nic.in


