JPSC JSSC Recruitment Controversy: छात्रों ने जयपाल सिंह स्टेडियम में किया धरना, CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग

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JPSC JSSC Recruitment Controversy झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब नए चरण में पहुंच गया है। राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरने पर बैठे छात्रों ने कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए JPSC परीक्षा रद्द करने और JSSC-CGL परीक्षा की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई है[1][2][4]. 14वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ, जिसके बाद OMR शीट, परीक्षा एजेंसी और अनुमोदन प्रक्रिया पर सवाल उठे[4].

JPSC JSSC Recruitment Controversy: आंदोलन की शुरुआत और वजह

JPSC JSSC Recruitment Controversy की शुरुआत 25 जुलाई 2026 से रांची के बापू वाटिका से हुई, जो अब जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में स्थानांतरित हो गया है[1][2][10]. छात्रों ने JPSC-दो भर्ती घोटाले का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में पिछले 26 वर्षों से भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं होती रही हैं[2][12]. इस JPSC JSSC Recruitment Controversy में अभ्यर्थियों ने JPSC परीक्षा रद्द करने, CBI जांच कराने और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की मांग की है[4][10].

छात्रों का कहना है कि कथित अनियमितताओं में OMR शीट का गलत मूल्यांकन, ब्लैकलिस्टेड एजेंसी का चयन और परिणामों में हेराफेरी शामिल है[1]. इस JPSC JSSC Recruitment Controversy में सीआईडी ने कई अधिकारियों को गिरफ्तार किया है और JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते को इस्तीफा देना पड़ा है[2][4][11]. इसके अलावा 25 से 27 जुलाई तक प्रस्तावित मुख्य परीक्षा सहित 9 भर्ती परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया है[11].

JPSC JSSC Recruitment Controversy: छात्रों की प्रमुख मांगें

इस JPSC JSSC Recruitment Controversy के तहत छात्र संगठनों ने पांच मुख्य मांगें रखी हैं[2][4][10]:

  1. CBI जांच: सीआईडी जांच को अपर्याप्त बताते हुए पूरे मामले की CBI जांच की मांग[5][8]
  2. परीक्षा रद्द: विवादित JPSC और JSSC परीक्षाओं को रद्द करने की मांग[1][11]
  3. दोषियों पर कार्रवाई: भ्रष्टाचार में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई[4]
  4. समयबद्ध भर्ती: पारदर्शी और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करना[10]
  5. जेपीएससी सदस्यों को हटाना: अध्यक्ष के इस्तीफे के बाद शेष सदस्यों को भी हटाने की मांग[8]

छात्र नेता देवेंद्र महतो ने कहा, “26 वर्षों से झारखंड के युवा भर्ती में अनियमितताओं के कारण लगातार पीड़ित हो रहे हैं”[2]. उनका आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक है और इसे किसी राजनीतिक दल से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए[1][2][4].

JPSC JSSC Recruitment Controversy: राजनीतिक दलों का समर्थन

इस JPSC JSSC Recruitment Controversy में राजनीतिक दल भी सक्रिय हो गए हैं. बीजेपी ने 1 अगस्त को राज्यव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया और CBI जांच की मांग को समर्थन दिया[5][8][15]. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि सीआईडी जांच केवल “दिखावा” है और इससे दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है[5][8]. विपक्ष ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की भी मांग की है[5].

वहीं कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी इस आंदोलन का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही है. कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में केंद्र में बीजेपी सरकार के दौरान पेपर लीक और भर्ती घोटालों से युवा सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं[5].

JPSC JSSC Recruitment Controversy: 6 अगस्त को विधानसभा मार्च

JPSC JSSC Recruitment Controversy के अगले चरण में छात्रों ने 6 अगस्त 2026 को विधानसभा मार्च का ऐलान किया है[2][10]. विशेष शाखा ने चेतावनी दी है कि आंदोलन और तेज हो सकता है और सैकड़ों अभ्यर्थी रांची में एकत्रित हो सकते हैं[10]. छात्रों ने 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की भी चेतावनी दी है[10].

छात्र आंदोलन को जिला प्रशासन से अलग मंच बनाने की अनुमति मिलने के बाद नई दिशा मिली है[2]. बारिश और धूप के बावजूद छात्र धरना स्थल पर डटे हैं और स्पष्ट किया है कि “जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा”[1][2].

JPSC JSSC Recruitment Controversy: अब तक की कार्रवाई

इस JPSC JSSC Recruitment Controversy में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता और टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह शामिल हैं[4][11]. JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते ने 21 जुलाई 2026 को इस्तीफा दे दिया[2][4]. सीआईडी ने जेपीएससी कार्यालय और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी के परिसर में छापेमारी की है[4][11].

JPSC JSSC Recruitment Controversy के चलते 9 भर्ती परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है[11]. इनमें 25-27 जुलाई की मुख्य परीक्षा, सिविल जज और सहायक लोक अभियोजक परीक्षाएं शामिल हैं[11].

बाहरी संसाधन

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