Fake Appointment Letter झारखंड में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को निशाना बनाकर फर्जी नियुक्ति पत्र बांटने का मामला सामने आया है। वन विभाग ने इसे लेकर राज्यभर में अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है । पिछले कुछ दिनों में राज्य के अलग-अलग जिलों से ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां युवाओं को वन विभाग के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र दिए गए । जब कुछ अभ्यर्थी इन नियुक्ति पत्रों को लेकर संबंधित कार्यालय पहुंचे, तब जांच में वे पूरी तरह फर्जी पाए गए ।
Fake Appointment Letter: वन विभाग ने क्या कहा?
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि विभाग में किसी भी प्रकार की नियुक्ति केवल निर्धारित सरकारी प्रक्रिया के तहत ही की जाती है । किसी भी अभ्यर्थी को सीधे नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया जाता और न ही किसी व्यक्ति या एजेंसी के माध्यम से नौकरी देने का कोई प्रावधान है । विभाग ने कहा कि यदि किसी युवक या युवती को वन विभाग के नाम पर नियुक्ति पत्र मिलता है, तो उसकी सत्यता संबंधित वन प्रमंडल कार्यालय या विभाग के अधिकृत माध्यम से अवश्य जांच लें । किसी भी संदिग्ध दस्तावेज या नियुक्ति पत्र पर विश्वास करने से पहले विभाग से पुष्टि करना जरूरी है ।
Fake Appointment Letter: कैसे करते हैं ठगी?
यह गिरोह अक्सर झारखंड वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर और नकली कार्यालयीय मुहर का इस्तेमाल करके फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करते हैं । हाल ही में एक युवक फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर वन विभाग के मुख्यालय पहुंचा था, जिसमें पत्र पर कई गंभीर गड़बड़ियां मिलीं । पुलिस को भी ऐसे कई मामलों का पता चला है जिनमें युवाओं को फॉरेस्ट गार्ड की नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये वसूल किए गए ।
Fake Appointment Letter: एक ऐतिहासिक मामला
2022 में पलामू पुलिस ने एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया था, जो झारखंड वन विभाग में फर्जी नियुक्ति पत्र देकर ठगी कर रहा था । इस गिरोह ने बिहार के 26 युवकों को फर्जी नियुक्ति पत्र दिए थे और गढ़वा-पलामू सीमावर्ती इलाके में उन्हें नकली प्रशिक्षण दिया जा रहा था । गिरोह का संचालन पटना के रहने वाले सत्येंद्र कुमार उर्फ शैलेंद्र कुमार उर्फ गुड्डू कर रहा था, जबकि उसका सहयोगी विमलेश कुमार दुबे 2016 से 2018 तक वन विभाग में अनुबंध पर काम कर चुका था ।
Fake Appointment Letter से बचने के उपाय
वन विभाग ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति के झांसे में न आएं, किसी को पैसे न दें और केवल विभाग की आधिकारिक वेबसाइट तथा अधिकृत सूचना माध्यमों पर ही भरोसा करें । यदि किसी के पास ऐसा फर्जी नियुक्ति पत्र पहुंचे तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित वन कार्यालय या पुलिस को दें । हाल ही में जामताड़ा समाहरणालय में एक युवक फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर ज्वाइन करने पहुंचा, जिसमें उपायुक्त के फर्जी हस्ताक्षर और जाली मोहर का इस्तेमाल किया गया था ।
Fake Appointment Letter: कानूनी कार्रवाई
फर्जी नियुक्ति पत्र बनाना और सरकारी अधिकारियों के नाम का दुरुपयोग करना गंभीर अपराध है । हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने देशभर में फर्जी सरकारी नौकरी घोटालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है । सरकारी विभागों की ओर से फर्जी नियुक्ति पत्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है ।
बाहरी संसाधन
- झारखंड वन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट: https://forest.jharkhand.gov.in
- साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल: https://cybercrime.gov.in
- झारखंड पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट: https://jhpolice.gov.in
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