बिहार सरकार का बड़ा फैसला: सोशल मीडिया पर अभद्र पोस्ट और पेपर लीक पर होगी कड़ी कार्रवाई

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कैबिनेट ने अपराध नियंत्रण कानून में संशोधन को दी मंजूरी, डिजिटल अपराधों पर सख्ती के साथ शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई अहम प्रस्ताव भी हुए पारित

पटना: बिहार सरकार ने इंटरनेट और सोशल मीडिया पर बढ़ते दुरुपयोग को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही संशोधित विधेयक के प्रारूप को भी स्वीकृति प्रदान की गई। कैबिनेट बैठक में कुल 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। नई व्यवस्था के तहत सोशल मीडिया पर गाली-गलौज, अभद्र भाषा का प्रयोग या किसी व्यक्ति के खिलाफ आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणी करने वालों के खिलाफ गुंडा एक्ट (CCA) के तहत कार्रवाई की जा सकेगी। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर छह महीने से लेकर एक वर्ष तक की सजा का प्रावधान किया गया है।

सरकार ने परीक्षा प्रश्नपत्र लीक जैसे गंभीर अपराधों को भी इस कानून के दायरे में शामिल करने का फैसला किया है। नए प्रावधान लागू होने के बाद पेपर लीक के आरोपितों पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि बदलते अपराधों और नई तकनीक के दुरुपयोग को देखते हुए कानून को समय के अनुसार मजबूत बनाना आवश्यक है। सरकार के मुताबिक, साइबर अपराध, डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग और संगठित अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है। संशोधित कानून से पुलिस और जांच एजेंसियों को ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई के लिए अधिक कानूनी अधिकार मिलेंगे।

कैबिनेट ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। इनमें बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन, बिहार विशिष्ट विश्वविद्यालय विधेयक, 2026 तथा मुजफ्फरपुर में शहीद जुब्बा सहनी वास्तुकला एवं असैनिक अभियंत्रण विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव शामिल है। राज्य सरकार का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाना, डिजिटल अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना तथा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए संस्थानों के माध्यम से बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

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