दिल्ली Rent Hikes: 10 साल में 103% किराए की बढ़ोतरी
अगर आप दिल्ली में किराए के घर में रहते हैं या रहने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यूएस बैंक की ‘ग्लोबल हाउसिंग वॉच 2026’ रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली दुनिया के उन शहरों में शामिल हो गई है जहां rent hikes (किराए में बढ़ोतरी) सबसे तेजी से हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में दिल्ली में औसत किराया 103 प्रतिशत तक बढ़ गया है। वर्तमान में दिल्ली में एक सामान्य घर का औसत मासिक किराया 473 डॉलर, यानी लगभग 45,750 रुपये पहुंच गया है। Rent hikes की यह दर दिल्ली को वैश्विक स्तर पर सबसे तेज किराया वृद्धि वाले शहरों में शामिल करती है।
Rent Hikes के पीछे क्या कारण?
विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली में rent hikes के कई कारण हैं:
- लगातार पलायन: नौकरी, व्यापार, शिक्षा और बेहतर बुनियादी सुविधाओं के कारण लोगों का लगातार दिल्ली की ओर पलायन हो रहा है।
- बढ़ती मांग: बढ़ती मांग के चलते किराए में तेज उछाल देखने को मिल रहा है, जबकि नए घरों की उपलब्धता उस गति से नहीं बढ़ पा रही है।
- प्रीमियम हाउसिंग की मांग: दिल्ली-एनसीआर में प्रीमियम और लग्जरी घरों की मांग तेजी से बढ़ी है, जिससे औसत किराए पर भी असर पड़ा है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दिल्ली में rent hikes के बावजूद आवास की लागत कई बड़े शहरों की तुलना में अपेक्षाकृत कम है। लेकिन लगातार बढ़ते किराए और मकानों की कीमतें आम लोगों के बजट पर दबाव बढ़ा रही हैं।
Rent Hikes: किराएदारों के लिए कानूनी अधिकार
Rent hikes के बीच किराएदारों के लिए कानूनी सुरक्षा भी मौजूद है। दिल्ली रेंट कंट्रोल एक्ट, 1958 के तहत कुछ नियम हैं:
- मकान मालिक को किराया बढ़ाने से पहले लिखित नोटिस देना होता है।
- बढ़ा हुआ किराया नोटिस देने के 30 दिन बाद ही वसूल किया जा सकता है।
- कुछ मामलों में किराया वृद्धि 10 प्रतिशत तक सीमित है।
यदि आपको अनुचित rent hikes का सामना करना पड़ रहा है, तो आप अपने किराया समझौते की जांच कर सकते हैं और यदि आवश्यक हो तो रेंट अथॉरिटी में आवेदन कर सकते हैं।
Rent Hikes: घरों की कीमतों में भी उछाल
दिल्ली में rent hikes के साथ-साथ घरों की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखी गई है। दिल्ली-एनसीआर में आवासीय कीमतें 17.6% बढ़ी हैं। घरों की कीमतों की बात करें तो दिल्ली में औसत घर की कीमत करीब 2.465 लाख डॉलर, यानी लगभग 2.37 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस मामले में दिल्ली दुनिया के 69 शहरों की सूची में 65वें स्थान पर है।


