करीब 1,500 शिक्षक-शिक्षिकाओं का स्थानांतरण अब भी लंबित है। शिक्षक संघ ने सरकार से जल्द प्रक्रिया पूरी करने, स्थानांतरण नीति को स्थायी बनाने और टीईटी में क्षेत्रीय भाषा की अनिवार्यता खत्म करने की मांग की है।

रांची: झारखंड में अंतर जिला स्थानांतरण को लेकर शिक्षकों की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। अंतर जिला स्थानांतरण शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ज्ञापन सौंपकर प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शेष शिक्षकों का जल्द स्थानांतरण कराने की अपील की है। संघ के अनुसार अब तक करीब 4,000 शिक्षकों का अंतर जिला स्थानांतरण किया जा चुका है, लेकिन लगभग 1,500 शिक्षक-शिक्षिकाएं अब भी इस सुविधा का इंतजार कर रहे हैं। संघ ने सरकार से लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने की मांग की है।
शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने यह भी मांग की कि अंतर जिला स्थानांतरण की व्यवस्था को नियमावली और सरकारी अधिसूचना में स्थायी रूप से शामिल किया जाए, ताकि भविष्य में पात्र शिक्षकों को पारदर्शी और नियमित प्रक्रिया के तहत अपने गृह जिले में पदस्थापना का अवसर मिल सके। संघ का कहना है कि गृह जिले में पदस्थापना मिलने से शिक्षक बेहतर माहौल में कार्य कर सकेंगे, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी और सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी।
ज्ञापन में सरकार से लंबित स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी करने के साथ-साथ टीईटी में क्षेत्रीय भाषा की अनिवार्यता समाप्त करने और दूसरे राज्यों से नियुक्त शिक्षकों को सीमावर्ती जिलों में पदस्थापित करने का भी सुझाव दिया गया है। शिक्षक संघ ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर वर्षों से स्थानांतरण का इंतजार कर रहे शिक्षकों को जल्द राहत प्रदान करेगी।

