JPSC News: जेपीएससी की लंबित भर्ती प्रक्रियाओं ने हजारों अभ्यर्थियों की उम्मीदों पर ब्रेक लगा दिया है। छठी सीमित उपसमाहर्ता समेत कई परीक्षाओं के परिणाम लंबे समय से लंबित हैं, जिससे नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।

JPSC News: झारखंड में नियुक्ति का आलम यह है कि एक तरफ जेएसएससी नियुक्ति विज्ञापन निकालने के बाद उसे रद्द कर रहा है, तो दूसरी ओर जेपीएससी में अब तक लगभग 1728 नियुक्तियां लंबित हैं. राज्य सरकार में कार्यरत कर्मियों को डिप्टी कलक्टर बनाने के लिए आयोग द्वारा छठी सीमित उपसमाहर्ता (डिप्टी कलक्टर) के 28 पदों के लिए 25 सितंबर 2018 में विज्ञापन निकाला गया था. इसमें अभ्यर्थियों की उम्रसीमा का निर्धारण एक अगस्त 2015 को अधिकतम 45 वर्ष किया. अब जिस कर्मचारी या अधिकारी ने अधिकतम उम्र सीमा 45 वर्ष के आधार पर नियुक्ति के लिए आवेदन किया, अब वह परीक्षा के रिजल्ट का इंतजार करते-करते 56 वर्ष के हो गए. नियमानुसार 60 वर्ष यानी चार वर्ष बाद वह रिटायर भी हो जाएंगे. आयोग ने 10 और 11 जनवरी 2026 को लिखित परीक्षा ली, 21 फरवरी 2026 को मॉडल आंसर की निकाला, लेकिन रिजल्ट निकालना ही भूल गया. रिजल्ट के बाद इंटरव्यू लेना भी बाकी है.
मेडिकल और अन्य महत्वपूर्ण भर्तियां भी फंसी
इतना ही नहीं आयोग ने होम्योपैथिक चिकित्सक, यूनानी चिकित्सक और आयुर्वेदिक चिकित्सा पदाधिकारी के कुल 422 पदों पर नियुक्ति के लिए वर्ष 2022 में ही विज्ञापन जारी किया है, लेकिन अब तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है. विवि में अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया भी एक साल से अधिक समय से रुकी पड़ी है. इसी प्रकार विवि में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया भी 2018 से ही जारी है. आयोग में झारखंड पात्रता परीक्षा, बीएयू शिक्षक व अधिकारी नियुक्ति प्रक्रिया भी रुकी हुई है. वहीं विवि शिक्षकों को प्रोन्नति देने की प्रक्रिया चल ही रही है.

