Ranchi RIMS: मरीज की मौत के बाद हंगामा, डॉक्टर-परिजनों में मारपीट, ICU में बंद कर पिटाई, पुलिस कर रही जांच

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Ranchi RIMS में मरीज की मौत के बाद हंगामा, डॉक्टर और परिजनों के बीच मारपीट

राजधानी रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (Ranchi RIMS) में मंगलवार रात एक मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। इलाज में लापरवाही और देरी का आरोप लगाते हुए मृतक के स्वजनों तथा जूनियर डॉक्टरों के बीच पहले तीखी बहस हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। घटना के बाद मेडिसिन विभाग परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

Ranchi RIMS के इस घटनाक्रम ने एक बार फिर अस्पतालों में चिकित्सकों की सुरक्षा और मरीजों के स्वजनों के व्यवहार को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।


Ranchi RIMS: कैसे बढ़ा विवाद और मारपीट पर उतरा मामला?

जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल के पुरुलिया से इलाज के लिए एक मरीज को Ranchi RIMS के मेडिसिन वार्ड में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान मरीज की मौत हो गई, जिसके बाद स्वजनों ने इलाज में लापरवाही और देरी का आरोप लगाते हुए ड्यूटी पर मौजूद जूनियर डॉक्टरों से जवाब-तलब किया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बहस के दौरान एक स्वजन द्वारा जूनियर डॉक्टर पर हाथ उठाने की बात सामने आई, जिसके बाद स्थिति और बिगड़ गई। आरोप है कि इसके बाद कुछ जूनियर डॉक्टरों ने स्वजनों को मेडिसिन आईसीयू कक्ष में ले जाकर उनके साथ मारपीट की। स्वजनों का दावा है कि उन्होंने खिड़की का शीशा तोड़कर किसी तरह वहां से निकलकर अपनी जान बचाई।


Ranchi RIMS: जूनियर डॉक्टरों का विरोध, ट्रामा सेंटर में जमावड़ा

घटना के विरोध में जूनियर डॉक्टर रात करीब नौ बजे Ranchi RIMS के ट्रामा सेंटर पहुंच गए और सुरक्षा व्यवस्था तथा डॉक्टरों पर हुए कथित हमले को लेकर आक्रोश जताने लगे। हंगामे के कारण अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। इस दौरान Ranchi RIMS का आपातकालीन विभाग (Central Emergency) भी लगभग एक घंटे तक प्रभावित रहा, जिससे गंभीर मरीजों और उनके स्वजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

Ranchi RIMS के Central Emergency में आमतौर पर रोजाना करीब 250 इमरजेंसी मरीज आते हैं और लगभग 100 मरीजों को विभिन्न विभागों में भर्ती किया जाता है। ऐसे में इस तरह के हंगामे का मरीजों पर सीधा असर पड़ता है।


Ranchi RIMS प्रबंधन की कार्रवाई और पुलिस की हिरासत

सूचना मिलने पर Ranchi RIMS के अधीक्षक डॉ. हिरेंद्र बिरुआ ट्रामा सेंटर पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित किया। अस्पताल प्रबंधन के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और अस्पताल की सेवाएं सामान्य हो सकीं।

इधर, सूचना पर पहुंची बरियातू थाना पुलिस ने हंगामा कर रहे कुछ स्वजनों को हिरासत में लेकर थाने ले गई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और अस्पताल प्रबंधन भी घटना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने में जुटा है।


Ranchi RIMS: डॉक्टरों की सुरक्षा और मरीजों के अधिकारों पर बहस

Ranchi RIMS में हुई इस घटना ने एक बार फिर अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा और मरीजों के परिजनों के व्यवहार को लेकर बहस छेड़ दी है। पिछले कुछ समय में Ranchi RIMS में डॉक्टरों पर हमले के कई मामले सामने आ चुके हैं।

Ranchi RIMS, जो झारखंड का एक प्रमुख तृतीयक स्तरीय रेफरल अस्पताल है और 2,170 बेड का मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल है, वहां मरीजों की भारी भीड़ के कारण अक्सर तनावपूर्ण स्थितियां बन जाती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पताल प्रबंधन को चिकित्सकों की सुरक्षा के साथ-साथ मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर संवाद और पारदर्शिता प्रदान करने की दिशा में भी काम करना चाहिए।

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