“30 जून से घर-घर दस्तक देंगे BLO! मतदाता सूची में गड़बड़ी मिली तो कट सकता है नाम”

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मतदाता सूची को अपडेट करने की बड़ी कवायद, दो जगह नाम होने पर हटेगा एक नाम, नए मतदाताओं का भी होगा पंजीकरण

“BLOs to Begin Door-to-Door Verification from June 30; Duplicate Voter Entries to Face Deletion”

रांची: झारखंड में मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाने के लिए निर्वाचन आयोग 30 जून से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान शुरू करने जा रहा है। इस अभियान के तहत 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के. रविकुमार ने अधिकारियों और BLO को निर्देश दिया है कि अभियान के दौरान मतदाताओं तक सही जानकारी पहुंचाई जाए और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दिया जाए।

घर-घर जाकर बांटे जाएंगे एन्यूमरेशन फॉर्म

अभियान के दौरान BLO प्रत्येक घर तक पहुंचेंगे और मतदाताओं को एन्यूमरेशन फॉर्म (गणना प्रपत्र) उपलब्ध कराएंगे। मतदाता फॉर्म भरकर BLO को वापस दे सकेंगे।

इसके साथ ही मतदाताओं को उनकी मतदाता सूची में दर्ज जानकारी की पावती रसीद भी दी जाएगी, ताकि वे अपने विवरण की पुष्टि कर सकें।

निर्वाचन आयोग का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह अद्यतन, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है।

दो राज्यों की मतदाता सूची में नाम होने पर होगी कार्रवाई

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि एक व्यक्ति का नाम दो अलग-अलग राज्यों या दो अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में नहीं हो सकता।

यदि जांच के दौरान किसी मतदाता का नाम झारखंड और किसी अन्य राज्य की मतदाता सूची में पाया जाता है, तो उसे फॉर्म-7 भरकर एक स्थान से अपना नाम हटवाना होगा।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत दो स्थानों पर मतदाता के रूप में पंजीकरण कराना कानूनन अपराध है।

गैर-भारतीय नागरिकों को भरना होगा घोषणा पत्र

अभियान के दौरान यदि कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं है या उसकी नागरिकता से संबंधित दस्तावेज अधूरे हैं, तो BLO द्वारा उससे संबंधित जानकारी प्राप्त की जाएगी।

गैर-भारतीय नागरिकों अथवा भारतीय नागरिकता त्याग चुके व्यक्तियों को घोषणा पत्र (Declaration Form) भरकर BLO को सौंपना होगा।

नागरिकता को लेकर निर्वाचन आयोग ने दी स्पष्ट जानकारी

निर्वाचन आयोग के अनुसार:

  • 26 जनवरी 1950 से 1 जुलाई 1987 के बीच भारत में जन्म लेने वाले सभी व्यक्ति जन्म से भारतीय नागरिक माने जाएंगे।
  • 1 जुलाई 1987 से 3 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे व्यक्ति के लिए कम से कम एक अभिभावक का भारतीय नागरिक होना आवश्यक है।
  • 3 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे व्यक्ति के लिए एक अभिभावक का भारतीय नागरिक होना तथा दूसरा अवैध प्रवासी न होना जरूरी है।

प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 5 अगस्त को

निर्वाचन विभाग के अनुसार, एन्यूमरेशन और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 5 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची (Draft Electoral Roll) प्रकाशित की जाएगी।

इसके बाद मतदाताओं को आपत्ति और दावा दर्ज करने का अवसर मिलेगा। जिन लोगों का नाम छूट गया होगा या जिनकी जानकारी में त्रुटि होगी, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत संशोधन करा सकेंगे।

नए मतदाताओं के लिए फॉर्म-6

18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 उपलब्ध कराया जाएगा। BLO घर-घर जाकर पात्र युवाओं को फॉर्म देंगे और आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन प्राप्त करेंगे। इसके बाद सत्यापन कर उन्हें मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।

अफवाहों से बचने की अपील

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि एसआईआर अभियान से जुड़ी किसी भी गलत सूचना या अफवाह का तत्काल खंडन किया जाए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों पर लगातार नजर रखी जाए तथा लोगों तक केवल प्रमाणिक जानकारी ही पहुंचे।

27 जून को डिजिटल क्रिएटर्स और मीडिया से संवाद

निर्वाचन आयोग ने 27 जून को डिजिटल क्रिएटर्स, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और मीडिया प्रतिनिधियों के साथ विशेष बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है।इस बैठक का उद्देश्य एसआईआर अभियान से जुड़ी सही जानकारी आम जनता तक पहुंचाना और किसी भी प्रकार की भ्रांतियों को दूर करना है।

मुख्य बिंदु एक नजर में

✅ 30 जून से 29 जुलाई तक घर-घर जाएंगे BLO
✅ मतदाताओं को एन्यूमरेशन फॉर्म देंगे
✅ दो जगह नाम मिलने पर हटाना होगा एक नाम
✅ नए मतदाताओं के लिए फॉर्म-6 उपलब्ध
✅ 5 अगस्त को प्रकाशित होगी प्रारूप मतदाता सूची
✅ 27 जून को डिजिटल क्रिएटर्स और मीडिया से संवाद
✅ अफवाहों पर नजर रखने के निर्देश

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