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Rajya Sabha Elections: मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ नामांकन में जानकारी छिपाने का आरोप – मीनाक्षी नटराजन की तरह होगी कार्रवाई 2026

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Rajya Sabha elections में मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। आरोप है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने नामांकन पत्र में जरूरी जानकारी छिपाई है। यह मामला उस समय सामने आया है जब मध्य प्रदेश में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन इसी वजह से रद्द हो चुका है।

कांग्रेस के लिए Rajya Sabha elections का यह मामला बड़ी टेंशन का सबब बन गया है। कर्नाटक विधानसभा सचिवालय में सोशल एक्टिविस्ट दिनेश कल्लाहल्ली ने खरगे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र के साथ दिए गए हलफनामे में उन्होंने सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट के साथ अपने संबंधों की जानकारी नहीं दी है।

Rajya Sabha elections में उम्मीदवारों को नामांकन पत्र के साथ हलफनामा जमा करना अनिवार्य होता है। इसमें उन्हें अपनी वित्तीय स्थिति, संगठन में पद, प्रबंधन के अधिकार और ट्रस्ट या अन्य संस्थानों से संबंधों के बारे में पूरी जानकारी देनी होती है। शिकायतकर्ता का कहना है कि खरगे ने यह नियम तोड़ा है।

खरगे ने 5 जून 2026 को कर्नाटक से राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन दाखिल किया था। उनका मौजूदा राज्यसभा कार्यकाल इसी महीने समाप्त हो रहा है। वह फिर से राज्यसभा के लिए उम्मीदवार हैं। लेकिन इस शिकायत के बाद उनके सामने कानूनी संकट खड़ा हो सकता है।

कांग्रेस के लिए यह शिकायत इसलिए भी गंभीर है क्योंकि पार्टी को हाल ही में मध्य प्रदेश में Rajya Sabha elections में बड़ा झटका लगा है। वहां कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन इसी तरह के आरोपों में खारिज हो चुका है। उन पर भी जानकारी छिपाने का आरोप था। नामांकन खारिज होने के बाद भाजपा के तीनों उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए।

अगर मल्लिकार्जुन खरगे के नामांकन में भी कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो उनके सामने भी यही स्थिति आ सकती है। हालांकि अभी यह शिकायत है और इस पर जांच होनी है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

Rajya Sabha elections की बात करें तो कर्नाटक में कुल चार सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। कांग्रेस ने तीन और भाजपा ने एक उम्मीदवार उतारा है। कांग्रेस के उम्मीदवारों में मल्लिकार्जुन खरगे, पवन खेड़ा और मंसूर अली खान शामिल हैं। भाजपा से प्रोफेसर एम नागराजा उम्मीदवार हैं। इन सभी के निर्विरोध चुनाव जीतने की संभावना है।

लेकिन खरगे के खिलाफ हुई इस शिकायत ने समीकरण बदल दिए हैं। कांग्रेस के लिए Rajya Sabha elections में यह दूसरा बड़ा झटका हो सकता है। पहले मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द हुआ और अब उनकी पार्टी अध्यक्ष पर ही आरोप लग रहे हैं।

सोशल एक्टिविस्ट दिनेश कल्लाहल्ली ने अपनी शिकायत में साफ कहा है कि जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत उम्मीदवारों के लिए हलफनामे में सभी जरूरी जानकारी देना अनिवार्य है। जानकारी छिपाना कानून का उल्लंघन है। उन्होंने मांग की है कि खरगे के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।

यह मामला अब चुनाव आयोग और कानूनी दांव पर है। अगर खरगे के खिलाफ शिकायत सही पाई जाती है तो उनका नामांकन भी रद्द हो सकता है। Rajya Sabha elections में यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े नेता के नामांकन पर सवाल खड़े हुए हों।

कांग्रेस पहले से ही मध्य प्रदेश में हार के बाद संभलने की कोशिश कर रही थी, लेकिन अब खरगे का मामला पार्टी के लिए और मुश्किलें बढ़ा सकता है। खरगे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और उनके खिलाफ चुनावी हलफनामे में गड़बड़ी का आरोप पार्टी की छवि को भी नुकसान पहुंचा सकता है।

वहीं भाजपा ने इस पूरे मामले पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन पार्टी के नेता खरगे पर निशाना साध सकते हैं। Rajya Sabha elections में कांग्रेस के लिए यह समय बेहद नाजुक है।

आने वाले दिनों में इस मामले में चुनाव आयोग का फैसला आएगा। अगर खरगे का नामांकन रद्द हुआ तो कांग्रेस को उनकी जगह दूसरा उम्मीदवार उतारना होगा। लेकिन अब तक पार्टी ने इस मामले में कोई विकल्प नहीं रखा है।

Rajya Sabha elections के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है जब किसी राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष पर नामांकन में जानकारी छिपाने का आरोप लगा हो। कर्नाटक की चार राज्यसभा सीटों पर यह मामला अब सुर्खियों में है।

फिलहाल खरगे ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि यह शिकायत राजनीति से प्रेरित है। लेकिन चुनाव आयोग को सबूतों के आधार पर फैसला लेना है।

कांग्रेस के लिए Rajya Sabha elections में मध्य प्रदेश का झटका अभी पूरी तरह नहीं झेला था कि खरगे का मामला आ गया है। पार्टी के लिए यह लगातार दूसरा बड़ा झटका हो सकता है।

अगर खरगे का नामांकन रद्द हुआ तो यह कांग्रेस के लिए बड़ा नुकसान होगा। क्योंकि खरगे को राज्यसभा में कांग्रेस का सबसे अनुभवी नेता माना जाता है। उनके बिना राज्यसभा में पार्टी की ताकत और कम हो जाएगी।

Rajya Sabha elections का यह मामला अब कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तर पर गरमाया हुआ है। अब देखना यह है कि चुनाव आयोग खरगे के खिलाफ दायर शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और क्या कांग्रेस अध्यक्ष को मीनाक्षी नटराजन की तरह ही नामांकन रद्द होने का सामना करना पड़ता है।

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