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झारखंड के समग्र विकास पर हमारा फोकस : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

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खनिज संपदा को मानव पूंजी से जोड़कर झारखंड को Manufacturing Hub और Knowledge Economy बनाने का संकल्प

11 जून 2026 | नई दिल्ली

नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड के समग्र एवं समावेशी विकास का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राज्य की खनिज संपदा तभी सार्थक होगी, जब उसे मानव पूंजी, कौशल विकास, अनुसंधान और उद्योगों से जोड़ा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड को केवल खनिज उत्पादक राज्य के रूप में नहीं, बल्कि वैल्यू एडिशन, विनिर्माण और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से क्रिटिकल मिनरल्स आधारित उद्योगों, अनुसंधान संस्थानों तथा नॉलेज एवं इनोवेशन केंद्रों के विकास में सहयोग की अपेक्षा जताई।

उन्होंने टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी, लॉजिस्टिक्स तथा एग्रो-फूड प्रोसेसिंग क्षेत्रों में बड़े निवेश को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही एआई आधारित मिनरल एक्सप्लोरेशन एवं सस्टेनेबल माइनिंग प्रथाओं को अपनाकर झारखंड को उद्योग एवं रोजगार का प्रमुख केंद्र बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास को प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास को विकास का आधार बना रही है।

शिक्षा क्षेत्र

  • सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के विद्यार्थियों का चयन अब IIT एवं मेडिकल संस्थानों में हो रहा है।
  • राज्य सरकार 5,000 उत्कृष्ट विद्यालय विकसित करने के लक्ष्य पर कार्य कर रही है।
  • पीएम श्री एवं केंद्रीय विद्यालयों की संख्या बढ़ाने तथा झारखंड में NCERT के क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना का आग्रह किया गया।

आंगनबाड़ी एवं पोषण

  • राज्य के 38,000 आंगनबाड़ी केंद्रों में से लगभग 15,000 के पास भवन नहीं हैं।
  • इसके बावजूद SAAMAR एवं पोषण अभियान के माध्यम से कुपोषण में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
  • बच्चों को प्रतिदिन अंडा उपलब्ध कराया जा रहा है।
  • राज्य सरकार अपने संसाधनों से 5,000 नए आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण कर रही है।

कौशल विकास एवं रोजगार

  • राज्य प्रतिवर्ष एक लाख से अधिक युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ रहा है।
  • सारथी योजना के तहत 6.76 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है।
  • AI, EV, ड्रोन एवं सोलर तकनीक जैसे उभरते क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
  • 53,000 से अधिक महिलाओं को आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।

स्वास्थ्य सेवाएं

  • पंचायत स्तर तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में 1,276 दवा दुकानें संचालित हैं।
  • मेडिकल कॉलेजों में UG एवं PG सीटों के विस्तार का प्रस्ताव लंबित है।
  • AI आधारित डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल विकसित करने की दिशा में कार्य जारी है।

खेल, कृषि और डिजिटल गवर्नेंस में नई पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के खिलाड़ी हॉकी, फुटबॉल और एथलेटिक्स में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने राज्य में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी एवं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना का प्रस्ताव रखा।

कृषि क्षेत्र में 10 लाख से अधिक पोषण वाटिकाओं का विकास किया गया है तथा 1.5 लाख एकड़ क्षेत्र में फलदार पौधरोपण किया गया है। झारखंड का आम अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कृषि को कुपोषण के खिलाफ प्रभावी हथियार बताया।

डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में राज्य AI आधारित CM Data Intelligence Platform तथा Integrated Command and Control Centre विकसित कर रहा है। साथ ही DBT प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और डिजिटल धोखाधड़ी रोकने पर बल दिया गया।

केंद्र सरकार के समक्ष प्रमुख मांगें

  • जल जीवन मिशन की शेष ₹6,000 करोड़ राशि शीघ्र जारी की जाए।
  • कोयला कंपनियों पर राज्य का ₹1.36 लाख करोड़ बकाया भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
  • DMFT के मानकों में आवश्यक संशोधन किए जाएं।
  • भूमि अधिग्रहण एवं भूमि स्वामित्व संबंधी प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए।
  • स्कूली शिक्षा से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं निधियों का एकीकरण किया जाए।
  • PPP मोड पर प्रस्तावित 6 मेडिकल कॉलेजों में शेष 2 कॉलेजों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाए।
  • झारखंड को राष्ट्रीय, एशियाई एवं अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी का अवसर दिया जाए।
  • DVC, CCL, ECL एवं अन्य केंद्रीय उपक्रमों के कमांड क्षेत्रों में सामाजिक आधारभूत संरचना विकास हेतु आवश्यक प्रशासनिक छूट प्रदान की जाए।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से झारखंड को खनिज-आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़ाकर ज्ञान, नवाचार, उद्योग और मानव संसाधन आधारित विकास मॉडल के रूप में स्थापित किया जा सकता है।

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