1. Book Released on Martyr Baikunth Shukla – 92वें शहादत दिवस पर विमोचन
अमर शहीद बैकुंठ शुक्ल के 92वें शहादत दिवस के अवसर पर एक महत्वपूर्ण पुस्तक का विमोचन किया गया। book released on martyr baikunth shukla ने इस ऐतिहासिक दिन को और भी यादगार बना दिया।
जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं राजनीतिक शोध संस्थान के सभागार, हार्डिंग रोड में गुरुवार (14 मई 2026) को युवा एकता मंच के तत्वावधान में यह आयोजन हुआ। Book released on martyr baikunth के इस अवसर पर शहीद को श्रद्धांजलि भी दी गई।
2. कार्यक्रम का आयोजन – युवा एकता मंच के तत्वावधान में
Book released on martyr baikunth का यह कार्यक्रम युवा एकता मंच द्वारा आयोजित किया गया था।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| आयोजक | युवा एकता मंच |
| स्थान | जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं राजनीतिक शोध संस्थान, हार्डिंग रोड |
| तारीख | गुरुवार, 14 मई 2026 |
| अवसर | अमर शहीद बैकुंठ शुक्ल का 92वां शहादत दिवस |
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने शहीद बैकुंठ शुक्ल को याद किया और उनके बलिदान को नमन किया। Book released on martyr baikunth ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
(Image Alt Text: book released on martyr baikunth shukla at jagjivan ram institute hall)
3. Book Released on Martyr Baikunth – पुस्तक का नाम और विवरण
Book released on martyr baikunth के इस अवसर पर जिस पुस्तक का विमोचन हुआ, उसका नाम है:
| पुस्तक का नाम | विवरण |
|---|---|
| वैशाली के अनमोल लाल शहीद-ए-आजम बैकुंठ शुक्ल | शहीद बैकुंठ शुक्ल की जीवन-गाथा पर आधारित |
यह पुस्तक शहीद बैकुंठ शुक्ल के जीवन, संघर्ष और बलिदान को दर्शाती है। Book released on martyr baikunth से युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी।
4. पूर्व सांसद डॉ अरुण कुमार ने किया उद्घाटन – कहा, ‘पाठ्यक्रम में शामिल करने की जरूरत’
Book released on martyr baikunth के इस कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व सांसद डॉ अरुण कुमार ने किया।
| डॉ अरुण कुमार के विचार | विवरण |
|---|---|
| युवाओं को प्रेरणा | क्रांतिकारियों से प्रेरणा लेनी चाहिए |
| फांसी का फंदा | हंसते-हंसते फांसी स्वीकार करने वाले वीरों को सलाम |
| पाठ्यक्रम में शामिल करें | बैकुंठ शुक्ल की जीवनी पाठ्यक्रम का हिस्सा होनी चाहिए |
| उचित सम्मान | केंद्र और राज्य स्तर पर सम्मान दिलाने की पहल तेज करें |
डॉ अरुण कुमार ने कहा कि book released on martyr baikunth एक सराहनीय कदम है और इससे युवाओं में देशभक्ति की भावना जागृत होगी।
5. Book Released on Martyr Baikunth – प्रस्ताव में उठाई गई ये मांगें
Book released on martyr baikunth के इस अवसर पर एक प्रस्ताव भी पारित किया गया।
| मांग | विवरण |
|---|---|
| भारत रत्न | शहीद बैकुंठ शुक्ल को भारत रत्न देने की मांग |
| आदमकद प्रतिमा | राजधानी में शहीद की आदमकद प्रतिमा लगाई जाए |
| शोध संस्थान | शहीद के नाम पर एक शोध संस्थान खोला जाए |
यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। Book released on martyr baikunth के इस अवसर पर ये मांगें सरकार तक पहुंचाई जाएंगी।
6. अध्यक्षता और विशिष्ट अतिथि – इन गणमान्य लोगों ने लिया भाग
Book released on martyr baikunth के इस कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
| उपस्थित गणमान्य | पद/योगदान |
|---|---|
| संजीत कुमार चौधरी | अध्यक्षता की |
| हंसराज भारद्वाज | शहीदों के बलिदान को राष्ट्र की पूंजी बताया |
| शिव कुमार | उपस्थित |
| शशि कुमार | उपस्थित |
| विज्ञान स्वरूप सिंह | उपस्थित |
| श्याम नारायण ठाकुर | उपस्थित |
| बलराम मिश्रा | उपस्थित |
| खुर्शीद अनवर | उपस्थित |
| राजकिशोर सिन्हा | उपस्थित |
| डॉ रजनीश कुमार | उपस्थित |
इन सभी ने book released on martyr baikunth के इस अवसर पर शहीद को श्रद्धांजलि दी और पुस्तक के विमोचन पर खुशी जताई।
7. Book Released on Martyr Baikunth – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
सवाल 1: Book released on martyr baikunth – किस अवसर पर पुस्तक का विमोचन हुआ?
जवाब: Book released on martyr baikunth शुक्ल के 92वें शहादत दिवस के अवसर पर हुआ।
सवाल 2: पुस्तक का नाम क्या है?
जवाब: पुस्तक का नाम ‘वैशाली के अनमोल लाल शहीद-ए-आजम बैकुंठ शुक्ल’ है।
सवाल 3: कार्यक्रम का आयोजन किसने किया?
जवाब: कार्यक्रम का आयोजन युवा एकता मंच ने किया।
सवाल 4: उद्घाटन किसने किया?
जवाब: पूर्व सांसद डॉ अरुण कुमार ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
सवाल 5: प्रस्ताव में क्या मांगें उठाई गईं?
जवाब: भारत रत्न, आदमकद प्रतिमा और शोध संस्थान की मांग उठाई गई।
सवाल 6: डॉ अरुण कुमार ने क्या कहा?
जवाब: उन्होंने कहा कि बैकुंठ शुक्ल की जीवनी पाठ्यक्रम में शामिल की जानी चाहिए।
सवाल 7: यह कार्यक्रम कहां आयोजित हुआ?
जवाब: जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं राजनीतिक शोध संस्थान, हार्डिंग रोड में।
निष्कर्ष
Book released on martyr baikunth शुक्ल के 92वें शहादत दिवस पर एक ऐतिहासिक घटना रही। युवा एकता मंच के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व सांसद डॉ अरुण कुमार ने ‘वैशाली के अनमोल लाल शहीद-ए-आजम बैकुंठ शुक्ल’ पुस्तक का विमोचन किया।
इस अवसर पर भारत रत्न, राजधानी में आदमकद प्रतिमा और शोध संस्थान की मांग सर्वसम्मति से पारित की गई। डॉ अरुण कुमार ने बैकुंठ शुक्ल की जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल करने की आवश्यकता बताई।
Book released on martyr baikunth से युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी और शहीद के बलिदान को सही सम्मान मिल सकेगा।
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(वीडियो एम्बेड करने के लिए जगह – यहां पुस्तक विमोचन समारोह के मुख्य दृश्यों का वीडियो एम्बेड किया जा सकता है।)
अस्वीकरण: यह लेख युवा एकता मंच के कार्यक्रम और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। पुस्तक विमोचन की जानकारी आयोजकों द्वारा प्रदान की गई है।



