Hyderabad Fuel Crisis: Panic Buying Triggers Long Queues for Second Day
हैदराबाद: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में पेट्रोल पंपों पर अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिल रहा है। लगातार दूसरे दिन भी शहर के कई फ्यूल आउटलेट्स पर लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। लोग सुबह-सुबह ही पेट्रोल भरवाने के लिए पहुंच गए, जिससे कई जगहों पर “No Stock” के बोर्ड तक लगाने पड़े।

क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बुधवार (25 मार्च 2026) की सुबह से ही शहर के कई पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोग जल्द से जल्द पेट्रोल भरवाने के लिए लाइन में खड़े नजर आए। यह स्थिति पिछले दिन यानी मंगलवार से ही बनी हुई है।
तेलंगाना सिविल सप्लाइज डिपार्टमेंट ने इस स्थिति के पीछे पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) को मुख्य कारण बताया है। अधिकारियों के मुताबिक, किसी वास्तविक कमी से ज्यादा अफवाहों ने लोगों को पेट्रोल स्टोर करने के लिए मजबूर कर दिया।
“No Stock” बोर्ड ने बढ़ाई चिंता
कई पेट्रोल पंपों पर अचानक स्टॉक खत्म होने की खबरों ने हालात को और बिगाड़ दिया।
- कई आउटलेट्स पर “No Stock” के बोर्ड लगाए गए
- इससे लोगों में और ज्यादा डर फैल गया
- भीड़ और लंबी कतारें और बढ़ गईं
क्या सच में है पेट्रोल की कमी?
अधिकारियों ने साफ किया है कि राज्य में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई सामान्य है।
👉 असली समस्या सप्लाई नहीं, बल्कि अचानक बढ़ी मांग है
👉 अफवाहों के कारण लोग जरूरत से ज्यादा फ्यूल भरवा रहे हैं
आम लोगों पर असर
इस स्थिति का असर सीधे आम जनता पर देखने को मिला:
- ऑफिस जाने वाले लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा
- ट्रैफिक और अव्यवस्था की स्थिति बनी
- कई जगहों पर बहस और धक्का-मुक्की भी देखने को मिली
प्रशासन की अपील
सरकार और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल खरीदें।
“घबराने की जरूरत नहीं है, सप्लाई पूरी तरह सामान्य है” — अधिकारियों का बयान ।हैदराबाद में पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें यह दिखाती हैं कि कैसे अफवाहें और पैनिक बाइंग किसी भी सामान्य स्थिति को संकट में बदल सकती हैं। प्रशासन लगातार हालात को नियंत्रित करने में जुटा है, लेकिन असली जिम्मेदारी लोगों की समझदारी पर भी निर्भर करती है।



