Tuesday, March 24, 2026

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विश्व टीबी दिवस पर झारखंड में 76 डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र, 1250 और भर्ती जल्द

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Jharkhand Strengthens Healthcare: 76 Doctors Appointed on World TB Day, 1250 More Recruitments Soon

रांची – टीम अबुआ

झारखंड सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विश्व यक्ष्मा दिवस (World TB Day) के अवसर पर रांची के नामकुम स्थित आईपीएच सभागार में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां संविदा आधारित चयनित 76 चिकित्सा पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री Dr. Irfan Ansari ने नव-नियुक्त चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए कहा कि डॉक्टरों का योगदान समाज में अमूल्य होता है और उनकी सेवाएं जीवनभर याद रखी जाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है और आने वाले समय में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां की जाएंगी।

1250 डॉक्टरों की भर्ती जल्द

स्वास्थ्य मंत्री ने अपने संबोधन में घोषणा की कि झारखंड में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए जल्द ही Jharkhand Public Service Commission के माध्यम से 1250 डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी। यह कदम राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगा।

उन्होंने यह भी बताया कि पिछले एक वर्ष में 8 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की दिशा में कार्य किया गया है, जिससे राज्य में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचा दोनों मजबूत होंगे।

पहली मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना

झारखंड में पहली बार मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई है, जिससे राज्य के छात्र-छात्राओं को अब बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी। इससे स्थानीय स्तर पर डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।

स्वास्थ्य सेवाओं में आधुनिक तकनीक

राज्य सरकार अस्पतालों में आधुनिक सुविधाओं को बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। सीटी स्कैन, एमआरआई जैसी उन्नत सेवाओं को प्रमुख अस्पतालों में उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है, जिससे मरीजों को अन्य राज्यों में रेफर करने की जरूरत कम होगी।इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए AI और रोबोटिक तकनीक को भी लागू करने की योजना पर काम किया जा रहा है।

ब्लड सप्लाई और गंभीर बीमारियों पर फोकस

सरकार द्वारा ब्लड सप्लाई सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए टोल-फ्री नंबर आधारित नई व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिससे जरूरतमंदों को समय पर रक्त मिल सके।इसके अलावा, सिकल सेल एनीमिया और थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारियों की पहचान के लिए राज्यव्यापी जांच अभियान चलाया जाएगा।

टीबी मुक्त झारखंड का लक्ष्य

कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि राज्य सरकार टीबी उन्मूलन के लिए व्यापक स्तर पर काम कर रही है। वर्ष 2025 में 100 दिवसीय अभियान के तहत लगभग 9.5 लाख लोगों की जांच की गई, जो 2024 की तुलना में दोगुनी है।इस वर्ष सरकार ने 12 लाख लोगों की टीबी जांच का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए आधुनिक जांच सुविधाओं और संसाधनों का विस्तार किया जा रहा है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि आगामी 100 दिनों में राज्य के सभी जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में टीबी की स्क्रीनिंग, जांच और उपचार कार्यों को और तेज किया जाएगा।

जागरूकता अभियान की शुरुआत

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री द्वारा टीबी उन्मूलन अभियान के तहत विभिन्न जिलों में जागरूकता फैलाने के लिए विशेष वाहनों को भी रवाना किया गया।

सराहनीय कदम

झारखंड सरकार का यह कदम राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने वाला है। बड़े पैमाने पर डॉक्टरों की भर्ती, आधुनिक तकनीक का उपयोग और टीबी उन्मूलन जैसे लक्ष्यों के साथ राज्य स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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