पांच जिलों को अतिसंवेदनशील घोषित, सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी; पुलिस-प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के दिए कड़े निर्देश
रांची : टीम अबुआ
झारखंड में आगामी ईद, सरहुल और रामनवमी जैसे प्रमुख त्योहारों को लेकर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गए हैं। सभी जिलों में सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की गई है और साफ संदेश दिया गया है कि किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने या उपद्रव करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। राज्य के पुलिस मुख्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में कानून-व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।
बैठक में पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया कि त्योहारों के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए सभी संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। खासकर मिश्रित आबादी वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
पांच जिले अतिसंवेदनशील घोषित
प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के पांच जिलों—हजारीबाग, जमशेदपुर, गिरिडीह, रांची और बोकारो—को अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इन जिलों में पिछले वर्षों में सांप्रदायिक तनाव की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए इस बार अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
सोशल मीडिया पर कड़ी नजर
पुलिस प्रशासन ने सोशल मीडिया को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म पर फैलने वाली अफवाहों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। किसी भी भ्रामक पोस्ट, वीडियो या मैसेज को गंभीरता से लेते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही साइबर सेल को सक्रिय कर दिया गया है, जो 24 घंटे सोशल मीडिया की निगरानी करेगा। अफवाह फैलाने वालों को चिन्हित कर तुरंत गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए हैं।

जुलूस और आयोजनों के लिए सख्त नियम
रामनवमी और सरहुल के जुलूसों को लेकर भी प्रशासन ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जुलूस के मार्ग, समय और आयोजकों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। बिना अनुमति किसी भी तरह का जुलूस या आयोजन करने पर प्रतिबंध रहेगा। साथ ही डीजे और लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए भी प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
रात 10 बजे के बाद तेज आवाज में डीजे बजाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अतिरिक्त पुलिस बल और फ्लैग मार्च
त्योहारों के मद्देनजर सभी जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। इसके अलावा, संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च भी किया जा रहा है ताकि लोगों में सुरक्षा का भरोसा बना रहे। पुलिस अधिकारी लगातार क्षेत्र भ्रमण कर रहे हैं और स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित कर शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।
प्रशासन की अपील
राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर बिना सत्यापन के कोई भी जानकारी साझा न करें। यदि किसी को कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आती है तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि झारखंड की पहचान आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक विविधता से है, और सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है कि इस परंपरा को बनाए रखें। देखा जाए, झारखंड में आने वाले त्योहारों को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। सख्त निर्देशों और व्यापक सुरक्षा इंतजामों के जरिए यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि त्योहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हों। अफवाह फैलाने वालों और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है, जिससे राज्य में शांति व्यवस्था बनी रहे।



