नई दिल्ली/वॉशिंगटन: अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद शुरू हुआ यह संघर्ष अब पूरे मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ा रहा है। कई देशों में चिंता है कि अगर यह युद्ध और फैलता है तो यह वैश्विक संघर्ष में बदल सकता है। यह United States vs Iran conflict अब दुनिया की सबसे बड़ी चिंता बन गया है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि अभी यह क्षेत्रीय युद्ध (Regional War) है, न कि विश्व युद्ध।
आइए जानते हैं इस United States vs Iran conflict के विभिन्न पहलुओं, इसमें शामिल देशों और उन परिस्थितियों के बारे में जो इसे तीसरे विश्व युद्ध में बदल सकती हैं।
United States vs Iran conflict: अभी किन देशों के बीच है संघर्ष?

United States vs Iran conflict में इस समय मुख्य रूप से तीन देश सीधे तौर पर इसमें शामिल हैं:
- संयुक्त राज्य अमेरिका (United States)
- इज़राइल (Israel)
- ईरान (Iran)
क्षेत्रीय सहयोगी और प्रॉक्सी
इसके अलावा ईरान समर्थित संगठन भी सक्रिय हो सकते हैं, जैसे:
- हिज़्बुल्लाह (Hezbollah) – लेबनान में सक्रिय यह संगठन ईरान का करीबी सहयोगी है।
- हूती (Houthis) – यमन में सक्रिय यह समूह भी ईरान से समर्थन प्राप्त करता है।
लेकिन अभी तक बड़ी शक्तियाँ जैसे रूस (Russia) और चीन (China) सीधे युद्ध में शामिल नहीं हुई हैं। यही वजह है कि फिलहाल इसे विश्व युद्ध नहीं माना जा रहा । यह United States vs Iran conflict अभी भी एक क्षेत्रीय संघर्ष (Regional Conflict) बना हुआ है।
United States vs Iran conflict: किन परिस्थितियों में बन सकता है तीसरा विश्व युद्ध?

United States vs Iran conflict के तीसरे विश्व युद्ध में बदलने की संभावना कई परिस्थितियों पर निर्भर करती है।
1️⃣ अगर रूस या चीन सीधे युद्ध में उतर जाएँ
यदि रूस या चीन ईरान के समर्थन में सैन्य कार्रवाई शुरू कर देते हैं तो यह संघर्ष वैश्विक युद्ध का रूप ले सकता है । रूस का ईरान के साथ रणनीतिक संबंध है और चीन ईरान से तेल खरीदता है, इसलिए उनके हस्तक्षेप की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
2️⃣ अगर बंद हो जाए दुनिया की सबसे अहम तेल सप्लाई
अगर ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को बंद कर देता है, तो दुनिया के लगभग 20% तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है । इससे कई देश युद्ध में कूद सकते हैं, क्योंकि उनकी अर्थव्यवस्था इस मार्ग पर निर्भर है।
3️⃣ अगर पूरे मध्य-पूर्व में फैल जाए युद्ध
यदि सऊदी अरब (Saudi Arabia), तुर्की (Turkey) या अन्य देश सीधे लड़ाई में उतरते हैं तो यह बड़ा क्षेत्रीय युद्ध बन सकता है । खाड़ी देश पहले से ही अमेरिका के सहयोगी हैं और उन पर भी ईरानी हमले हो चुके हैं।
4️⃣ परमाणु हथियार का खतरा
अगर इस युद्ध में किसी भी पक्ष द्वारा परमाणु हथियारों (Nuclear Weapons) का इस्तेमाल होता है तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है । हालांकि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं है, लेकिन उसका परमाणु कार्यक्रम काफी उन्नत है।
United States vs Iran conflict: फिर भी विश्व युद्ध की संभावना क्यों कम मानी जा रही?
United States vs Iran conflict के बावजूद विशेषज्ञों के अनुसार कुछ कारण हैं जो अभी तक स्थिति को नियंत्रित रखे हुए हैं:
बड़ी शक्तियाँ सीधे टकराव से बचना चाहती हैं
रूस और चीन जैसी बड़ी शक्तियाँ फिलहाल सीधे टकराव से बचना चाहती हैं । वे आर्थिक रूप से इस युद्ध का खामियाजा भुगतना नहीं चाहते।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ सकता है
एक पूर्ण विश्व युद्ध से वैश्विक अर्थव्यवस्था (Global Economy) चरमरा सकती है। तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं और दुनिया भर में मंदी आ सकती है। कोई भी देश यह जोखिम नहीं लेना चाहता।
कूटनीतिक प्रयास जारी
संयुक्त राष्ट्र (United Nations) और कई देश कूटनीतिक प्रयास कर रहे हैं । अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के लिए लगातार मध्यस्थता की जा रही है।
United States vs Iran conflict: भारत पर क्या असर?
United States vs Iran conflict का सबसे बड़ा असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) पर पड़ सकता है।
तेल की कीमतों में उछाल
भारत अपनी 88% कच्चे तेल की जरूरत आयात से पूरी करता है, जिसका बड़ा हिस्सा मध्य-पूर्व से आता है। युद्ध बढ़ने पर तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है, जिससे महंगाई बढ़ेगी।
भारतीयों की सुरक्षा
मध्य-पूर्व में लाखों भारतीय काम करते हैं। युद्ध फैलने पर उनकी सुरक्षा एक बड़ी चिंता का विषय बन जाएगी। भारत सरकार पहले ही अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर चुकी है।
United States vs Iran conflict: विशेषज्ञों की राय
United States vs Iran conflict पर अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की अलग-अलग राय है।
- डॉ. आरिफ अयूब (विदेश नीति विशेषज्ञ): “यह संघर्ष निश्चित रूप से खतरनाक है, लेकिन अभी यह तीसरे विश्व युद्ध का रूप नहीं ले चुका है। जब तक बड़ी शक्तियां सीधे शामिल नहीं होतीं, इसे विश्व युद्ध नहीं कहा जा सकता।”
- मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह: “अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर देता है, तो अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को हस्तक्षेप करना पड़ सकता है। यह स्थिति को और गंभीर बना सकता है।”
United States vs Iran conflict: निष्कर्ष
United States vs Iran conflict निश्चित रूप से मध्य-पूर्व और वैश्विक राजनीति के लिए बड़ा खतरा बन चुका है । लेकिन जब तक बड़ी शक्तियाँ सीधे इसमें शामिल नहीं होतीं, तब तक इसे तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत कहना जल्दबाज़ी होगी । फिलहाल यह एक क्षेत्रीय युद्ध (Regional War) है, जिसका दायरा बढ़ने का खतरा लगातार बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की कोशिश है कि कूटनीति के जरिए इस संघर्ष को समाप्त किया जाए, लेकिन स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह United States vs Iran conflict किस दिशा में जाता है।
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