Saturday, March 14, 2026

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बॉलीवुड स्टार तमन्ना भाटिया ने बताया ‘ग्राउंडेड’ रहने का मंत्र: “इंडस्ट्री हर शुक्रवार बदल जाती है”

मुंबई: सफलता अक्सर इंसान को बदल देती है, लेकिन बॉलीवुड और साउथ सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री तमन्ना भाटिया (Tamannaah Bhatia) का मानना है कि असली जीत विनम्रता बनाए रखने में है। हाल ही में उद्यमी विनीता सिंह (Vineeta Singh) के पॉडकास्ट ‘मैं हूं… विनीता सिंह के साथ’ में बातचीत के दौरान तमन्ना ने बताया कि वे इतनी सफलता के बावजूद खुद को ज़मीन से जुड़ा (ग्राउंडेड) कैसे रखती हैं । इस दौरान उन्होंने Tamannaah Bhatia on staying grounded को लेकर कई अहम बातें साझा कीं।

तमन्ना ने कहा, “यह इंडस्ट्री आपको विनम्र रहना सिखाती है, क्योंकि यहां सब कुछ हर शुक्रवार बदल जाता है। कुछ भी रातोंरात नहीं होता। कई बार कम आंका जाना भी आपके लिए ताकत बन सकता है — आप लोगों को चौंका सकते हैं।” आइए जानते हैं इस प्रेरणादायक Tamannaah Bhatia on staying grounded से जुड़ी हर अहम बात।

Tamannaah Bhatia on staying grounded: ‘हर शुक्रवार’ का मंत्र

Tamannaah Bhatia on staying grounded
success mantra

Tamannaah Bhatia on staying grounded के दौरान उन्होंने सबसे अहम बात यह कही कि फिल्म इंडस्ट्री में सफलता और विफलता के बीच की रेखा बेहद पतली है और यह रेखा हर शुक्रवार को बदल जाती है।

शुक्रवार का महत्व

बॉलीवुड में फिल्मों का भाग्य अक्सर शुक्रवार को तय होता है। हिट और फ्लॉप के बीच का फासला बेहद कम होता है। तमन्ना का मानना है कि यही अनिश्चितता कलाकारों को संतुलित और विनम्र बनाए रखती है । जब कोई फिल्म रिलीज होती है, तो उसके परिणाम कुछ ही घंटों में साफ हो जाते हैं। यह अनिश्चितता किसी भी कलाकार को अहंकार में आने से रोकती है।

‘कम आंका जाना’ भी ताकत है

तमन्ना ने यह भी कहा कि कई बार कम आंका जाना (Being Underestimated) भी एक ताकत हो सकती है। इससे आपको लोगों को चौंकाने और अपनी क्षमता साबित करने का मौका मिलता है। यह एक सकारात्मक दृष्टिकोण है जो उन्हें जमीन से जुड़े रहने में मदद करता है।

Tamannaah Bhatia on staying grounded: विनम्रता का मनोवैज्ञानिक पहलू

Tamannaah Bhatia on staying grounded के इस बयान पर मनोवैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने भी अपनी राय रखी है।

मानसिक द्वंद्व से बचाव

इमोशनल और मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल अरूबा कबीर (Enso Wellness की संस्थापक) के अनुसार, विनम्र बने रहना केवल एक निर्णय नहीं बल्कि व्यक्ति की आत्म-छवि और भावनात्मक सुरक्षा से जुड़ा होता है । उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति सफलता के बाद अहंकार में आ जाता है, तो उसके भीतर “कॉग्निटिव डिसोनेंस” यानी मानसिक द्वंद्व पैदा हो सकता है। विनम्रता न केवल मानसिक संतुलन बनाए रखती है, बल्कि मजबूत और सार्थक रिश्ते बनाने में भी मदद करती है ।

सार्थक रिश्तों की नींव

विनम्रता सार्थक और मजबूत रिश्तों की नींव होती है। जब कोई व्यक्ति विनम्र होता है, तो लोग उस पर भरोसा करते हैं और उससे जुड़ना चाहते हैं। यह निजी और पेशेवर दोनों ही जीवन में अहम भूमिका निभाता है।

Tamannaah Bhatia on staying grounded: जड़ों से जुड़े रहना ही असली सफलता

Tamannaah Bhatia on staying grounded के इस मंत्र का दूसरा पहलू है अपनी जड़ों और मूल्यों से जुड़े रहना।

पहचान न बदले

विशेषज्ञों का मानना है कि सफलता व्यक्ति की पहचान को नहीं बदलनी चाहिए । तमन्ना ने भी अपने इंटरव्यू में इसी बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चाहे कितनी भी सफलता मिल जाए, अपने मूल्यों और अपनी जड़ों को कभी नहीं भूलना चाहिए।

दीर्घकालिक संतुलन और खुशहाली

अपनी जड़ों और मूल्यों से जुड़े रहना ही दीर्घकालिक संतुलन और खुशहाली का राज है । यही वह चीज है जो किसी व्यक्ति को सफलता के शिखर पर भी विनम्र बनाए रखती है।

Tamannaah Bhatia on staying grounded: कैसे रहें ग्राउंडेड?

Tamannaah Bhatia on staying grounded के इस इंटरव्यू से हम कई सीख ले सकते हैं कि कैसे हम अपने जीवन में भी संतुलन बनाए रख सकते हैं।

  • अनिश्चितता को स्वीकार करें: जीवन में सब कुछ नियंत्रण में नहीं होता। इस अनिश्चितता को स्वीकार करना ही विनम्रता की पहली सीख है।
  • कम आंके जाने को ताकत बनाएं: अगर लोग आपको कम आंकते हैं, तो निराश न हों। इसे एक चुनौती की तरह लें और उन्हें चौंका दें।
  • अपने मूल्यों को न भूलें: चाहे कितनी भी सफलता मिल जाए, अपने मूल्यों और अपनी जड़ों को कभी न भूलें।
  • सार्थक रिश्ते बनाएं: विनम्रता से मजबूत और सार्थक रिश्ते बनते हैं। इन रिश्तों की मदद से आप जीवन के किसी भी मोड़ पर संतुलन बनाए रख सकते हैं।

Tamannaah Bhatia on staying grounded: निष्कर्ष

Tamannaah Bhatia on staying grounded के इस इंटरव्यू ने एक बार फिर साबित कर दिया कि तमन्ना भाटिया सिर्फ एक प्रतिभाशाली अभिनेत्री ही नहीं, बल्कि एक समझदार और संतुलित इंसान भी हैं। ‘हर शुक्रवार बदल जाती है इंडस्ट्री’ वाला उनका बयान इस बात का प्रमाण है कि वह अपने पेशे की वास्तविकताओं को भली-भांति समझती हैं। उनका यह नजरिया दर्शाता है कि शोहरत और स्टारडम के बीच भी सादगी और संतुलन बनाए रखा जा सकता है । उनकी यह सीख न सिर्फ कलाकारों के लिए, बल्कि हर उस इंसान के लिए प्रेरणादायक है जो सफलता की ऊंचाइयों को छूने के बाद भी खुद को जमीन से जुड़ा रखना चाहता है।

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