कहाँ गए लाइब्रेरी के वो दिन? क्या लोग पुस्तकों से दूर हो रहे हैं?
लेखक: अबुआ न्यूज़ झारखंड संपादकीय डेस्क एक समय था जब किसी शहर की पहचान उसकी सड़कों, बाज़ारों या इमारतों से नहीं, बल्कि उसकी लाइब्रेरी से होती थी। शहर के बीचों-बीच बनी विशाल पुस्तकालयें ज्ञान, विचार और संस्कृति का केंद्र हुआ करती थीं। छात्र, शिक्षक, लेखक,…





