Saturday, March 14, 2026

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ममता कुलकर्णी विवाद, किन्नर अखाड़े की पहली महामंडलेश्वर… अब पद से निष्कासित, कौन हैं लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी?

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज महाकुंभ 2025 में बड़ा एक्शन हुआ है। महाकुंभ में किन्नर अखाड़ा एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह बनी हैं बॉलीवुड अभिनेत्री ममता कुलकर्णी। ममता कुलकर्णी किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर की उपाधि दी गई है। फिल्मी दुनिया छोड़कर आध्यात्म का मार्ग अपनाने वाली ममता कुलकर्णी का पट्टाभिषेक किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने किया था। ममता कुलकर्णी के महामंडलेश्वर बनने के साथ ही लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी का नाम भी चर्चा में आ गया है। लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी किन्नर अखाड़े की पहली महामंडलेश्वर हैं, जिन्होंने समाज में ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों के लिए लंबी लड़ाई लड़ी है। किन्नर अखाड़ा के संस्थापक ऋषि अजय दास ने ममता कुलकर्णी के महामंडलेश्वर और डॉ. त्रिपाठी का आचार्य महामंडलेश्वर पद से हटा दिया

क्या है अजय दास का आदेश?

ऋषि अजय दास ने आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को अखाड़े से निष्कासित करने का आदेश दिया। यह पूरा मामला असंवैधानिक ही नहीं, बल्कि सनातन धर्म और देश हित को छोड़कर ममता कुलकर्णी जैसे देशद्रोह के मामले में लिप्त महिला फिल्मी ग्लैमर से जुड़ी हुई है। उसे बिजना किसी धार्मिक और अखाड़े की परंपरा को मानते हुए वैराग्य की दिशा के सीधे महामंडलेश्वर की उपाधि दे दी।

ऋषि अजय ने कहा कि ममता कुलकर्णी का पट्‌टाभिषेक कर दिया। इस कारण देश, सनातन और समाज हित में उन्हें पद मुक्त कर दिया गया है। ममता कुलकर्णी को लेकर उन्होंने कहा कि बिना मुंडन उनका पट्‌टाभिषेक किया गया। इसे उन्होंने सनातन धर्म प्रेमी और समाज के लिए छलावा करार दिया।

लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी कौन हैं?

किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को उनके पद से हटा दिया गया। अब इस मामले की चर्चा है। उनका जन्म 13 दिसंबर 1980 को महाराष्ट्र के ठाणे में हुआ था। उन्होंने मुंबई के मीठीबाई कॉलेज से स्नातक और भरतनाट्यम में स्नातकोत्तर किया। वर्ष 2002 में उन्होंने ट्रांसजेंडर अधिकारों के लिए एक गैर-लाभकारी संगठन शुरू किया। लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी की कोशिशों के चलते सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसजेंडर को ‘तीसरे लिंग’ के रूप में मान्यता दी। वर्ष 2015 में उन्हें किन्नर अखाड़े की पहली महामंडलेश्वर बनाया गया।

लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए कई पहल की हैं। उन्होंने आर्टिकल 377 के खिलाफ भी आवाज उठाई और एलजीबीटीक्यू समुदाय के हक में लड़ाई लड़ी। लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने ‘मी हिजड़ा, मी लक्ष्मी’ नामक किताब लिखी थी। यह काफी चर्चा में रही। उन्होंने बिग बॉस में भाग लिया था। इसके अलावा उन्होंने सच का सामना और 10 का दम जैसे टीवी शो में भी भाग लिया। इसके जरिए वह अखाड़े को भी खूब चर्चा में लाया।

ममता को लेकर उठा सवाल

ममता कुलकर्णी के महामंडलेश्वर बनने के बाद काफी सवाल उठ रहे हैं। ममता को लेकर संत समाज की ओर से कई प्रकार के सवाल उठाए जा रहे थे। किन्नर अखाड़े में इस फैसले को लेकर भीतरखाने विरोध की भी खबरें आने लगी थी। लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी वर्ष 2008 में संयुक्त राष्ट्र में एशिया प्रशांत का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली ट्रांसजेंडर व्यक्ति हैं।

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