Monday, March 16, 2026

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Jharkhand Ministers Bungalow Allotment : हेमंत सरकार के मंत्रियों को नवनिर्मित बंगले आवंटित, देखें किसे मिला कौन सा बंगला

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रांची : झारखंड सरकार के 11 कैबिनेट मंत्रियों के लिए रांची स्मार्ट सिटी में नवनिर्मित बंगले आवंटित कर दिए गए हैं। यह बंगले रांची के एक ही परिसर में बनाए गए हैं, जिनका निर्माण करीब 70 करोड़ की लागत से हुआ है। इन बंगलों का क्षेत्रफल 16,000 वर्ग फीट से अधिक है, और यह मंत्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से बनाए गए हैं।

मंत्रियों के लिए विशेष बंगले

इन बंगलों को दो हिस्सों में बांटा गया है – रेसिडेंशियल ब्लॉक और एनेक्स ब्लॉक। रेसिडेंशियल ब्लॉक में मंत्रियों और उनके परिवारों के लिए आवास की व्यवस्था की गई है, जबकि एनेक्स ब्लॉक को मंत्रियों के कामकाजी दायित्वों को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से तैयार किया गया है।

किस मंत्री को मिला कौन सा बंगला?

बंगला नंबर 1 : सुदिव्य कुमार (नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन एवं कला संस्कृति मंत्री)

बंगला नंबर 2 : शिल्पी नेहा तिर्की (कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री)

बंगला नंबर 3 : राधाकृष्ण किशोर (वित्त, वाणिज्य कार्य और संसदीय कार्य मंत्री)

बंगला नंबर 4 : इरफान अंसारी (स्वास्थ्य और खाद्य सार्वजनिक एवं उपभोक्ता मंत्री)

बंगला नंबर 5 : योगेंद्र प्रसाद (पेयजल एवं स्वच्छता और उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री)

बंगला नंबर 6 : हफीजुल हसन (जल संसाधन और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री)

बंगला नंबर 7 : चमरा लिंडा (अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री)

बंगला नंबर 8 : दीपक बिरुआ (राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार और परिवहन मंत्री)

बंगला नंबर 9 : दीपिका पांडेय सिंह (ग्रामीण विकास एवं ग्रामीण कार्य और पंचायती राज मंत्री)

बंगला नंबर 10 : रामदास सोरेन (स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री)

बंगला नंबर 11 : संजय प्रसाद यादव (श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विभाग और उद्योग मंत्री)

रांची स्मार्ट सिटी में बंगलों का निर्माण

रांची स्मार्ट सिटी के इस विशेष कैंपस में बनाए गए बंगलों का उद्देश्य राज्य के मंत्रियों को एक सुविधाजनक कार्यस्थल और आवास प्रदान करना है। इन बंगलों में उच्चतम स्तर की सुरक्षा, आधुनिक कार्यस्थल, और पारिवारिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह कदम राज्य सरकार की ओर से मंत्रियों को बेहतर सुविधाएं और कार्यक्षमता के दृष्टिकोण से उठाया गया है।

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