रांची: झारखंड में पारंपरिक उद्योगों को नई पहचान देने के लिए राज्य सरकार अब खादी, रेशम और हस्तशिल्प उद्योग को मजबूत करने की दिशा में बड़े कदम उठा रही है । यह Jharkhand Handicraft Promotion Scheme शिल्पियों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता देकर उन्हें बाजार की मांग के अनुरूप तैयार करेगी, जिससे राज्य में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे ।
उद्योग विभाग की नई योजनाओं के तहत हजारों कारीगरों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है । आइए जानते हैं इस Jharkhand Handicraft Promotion Scheme से जुड़ी हर अहम बात, नए संस्थानों की स्थापना और शिल्पियों के लिए अनुदान की पूरी जानकारी।
Jharkhand Handicraft Promotion Scheme: रांची में शुरू होगा झारखंड इंस्टीट्यूट ऑफ क्राफ्ट डिजाइन

Jharkhand Handicraft Promotion Scheme के तहत राज्य में हस्तशिल्प कला को आधुनिक स्वरूप देने के लिए रांची में झारखंड इंस्टीट्यूट ऑफ क्राफ्ट डिजाइन (JICD) का संचालन शुरू किया जाएगा ।
NID के सहयोग से स्थापना
यह संस्थान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID), अहमदाबाद के सहयोग से स्थापित किया गया है । फिलहाल संस्थान के लिए फैकल्टी और तकनीकी कर्मियों की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है । इस संस्थान से शिल्पियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का डिजाइन ज्ञान मिलेगा।
Jharkhand Handicraft Promotion Scheme: 270 हस्तशिल्पियों को मिलेगा प्रशिक्षण
Jharkhand Handicraft Promotion Scheme के तहत अगले वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार ने हस्तशिल्प संसाधन केंद्रों के माध्यम से 270 शिल्पियों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य तय किया है ।
आधुनिक डिजाइन और तकनीक
इसके तहत शिल्पियों को आधुनिक डिजाइन, उत्पादन तकनीक और बाजार की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा । इससे वे अपने उत्पादों को और बेहतर बना सकेंगे और उनकी बाजार में मांग बढ़ेगी।
Jharkhand Handicraft Promotion Scheme: औजार और उपकरण पर 75% तक अनुदान

Jharkhand Handicraft Promotion Scheme की सबसे बड़ी विशेषता है शिल्पियों को औजार और उपकरण पर दिया जाने वाला अनुदान।
प्रशिक्षण एवं शिल्पी रोजगार योजना
सरकार की प्रशिक्षण एवं शिल्पी रोजगार योजना के तहत शिल्पियों को 75 प्रतिशत अनुदान पर औजार और उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे । इससे उन पर आर्थिक बोझ कम होगा और वे बेहतर उपकरणों के साथ काम कर सकेंगे।
खादी बोर्ड के इंपोरियम का जीर्णोद्धार
इसके अलावा झारखंड राज्य खादी बोर्ड के पुराने इंपोरियम का जीर्णोद्धार करने की योजना भी तैयार की गई है ।
Jharkhand Handicraft Promotion Scheme: परंपरागत कुटीर उद्योगों को बढ़ावा
Jharkhand Handicraft Promotion Scheme के तहत मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड के तहत कई पारंपरिक उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
प्रमुख उद्योग
- पत्ता / प्लेट निर्माण
- अचार उत्पादन
- चर्म शिल्प (Leather Craft)
- लाह और तसर आधारित उद्योग (Lac and Tussar-based Industries)
इन उद्योगों में रोजगार की बड़ी संभावनाएं देखी जा रही हैं ।
Jharkhand Handicraft Promotion Scheme: टेराकोटा, बांस-बेंत और ढोकरा कला को मिलेगा नया बाजार
Jharkhand Handicraft Promotion Scheme के तहत झारखंड की पारंपरिक कलाओं को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
पारंपरिक शिल्प
झारखंड में टेराकोटा (Terracotta), बांस-बेंत (Bamboo & Cane), ढोकरा कला (Dokra Art), पेंटिंग और ज्वेलरी निर्माण लंबे समय से किया जाता रहा है । सरकार इन शिल्पों के विकास के लिए तकनीकी प्रशिक्षण, आर्थिक सहायता और विपणन सुविधा उपलब्ध कराएगी ।
2500 उद्यमियों को लाभ
करीब 2500 उद्यमियों को कौशल उन्नयन योजना से लाभ मिलने की संभावना है ।
Jharkhand Handicraft Promotion Scheme: माटीशिल्पियों के लिए विशेष योजना
Jharkhand Handicraft Promotion Scheme के तहत माटीशिल्पियों (कुम्हारों) के लिए एक विशेष योजना तैयार की गई है।
माटीशिल्पियों को मिलेगा लाभ
झारखंड में बड़ी संख्या में परिवार माटीशिल्प (कुम्हार) कार्य से जुड़े हैं । इन कारीगरों को सशक्त बनाने के लिए सरकार ने विशेष योजना तैयार की है।
- 180 माटीशिल्पियों को तकनीकी प्रशिक्षण
- 6 बैच में प्रशिक्षण कार्यक्रम
- 1000 विद्युत चाक और 200 पगमील का वितरण
- 90:10 अनुदान अनुपात पर उपकरण उपलब्ध
इस योजना से कुम्हारों की आय बढ़ाने और उनके उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी ।
Jharkhand Handicraft Promotion Scheme: हजारों उद्यमियों को मिलेगा लाभ
Jharkhand Handicraft Promotion Scheme के तहत हजारों उद्यमियों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
कौशल उन्नयन और अनुदान
सरकार की योजनाओं के तहत:
- लगभग 2500 उद्यमियों को कौशल उन्नयन (Skill Upgradation) का लाभ मिलेगा।
- करीब 2000 लाभुकों को मशीन और उपकरण अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
इन प्रयासों से झारखंड के पारंपरिक उद्योगों को नई पहचान मिलने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Rural Economy) को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है ।
Jharkhand Handicraft Promotion Scheme: निष्कर्ष
Jharkhand Handicraft Promotion Scheme झारखंड के पारंपरिक उद्योगों और शिल्पियों के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकती है। NID के सहयोग से JICD की स्थापना, 75% अनुदान पर उपकरण, और हजारों शिल्पियों को प्रशिक्षण जैसी योजनाएं राज्य के हस्तशिल्प क्षेत्र को एक नई ऊंचाई पर ले जाएंगी । खासकर माटीशिल्पियों और ढोकरा कला जैसे पारंपरिक शिल्पों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और हजारों लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे । यह योजना निश्चित रूप से झारखंड के हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान दिलाने में सहायक होगी।
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