Jharkhand CM Hemant Soren Hosts Grand Iftar Party in Ranchi, Promotes Harmony and Unity
रांची: टीम अबुआ
माह-ए-रमज़ान के पवित्र अवसर पर Hemant Soren द्वारा राजधानी रांची के कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास में भव्य दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया गया। इस आयोजन में राज्य के विभिन्न वर्गों, समुदायों और धर्मों के लोगों की व्यापक भागीदारी देखने को मिली, जिसने सामाजिक सौहार्द और एकता की मिसाल पेश की।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रोजेदारों के साथ-साथ जनप्रतिनिधि, बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य अतिथि शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने सभी अतिथियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया और इस अवसर को भाईचारे और एकजुटता का प्रतीक बताया।


राज्यवासियों के लिए सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की
मुख्यमंत्री Hemant Soren ने अपने संबोधन में कहा कि रमज़ान का पवित्र महीना आपसी प्रेम, सौहार्द और समरसता का संदेश देता है। यह पर्व लोगों को एक-दूसरे के प्रति सम्मान, सहयोग और सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि यह महीना त्याग, तपस्या, करुणा और मानव सेवा का प्रतीक है, जो समाज को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने का कार्य करता है।
उन्होंने राज्यवासियों के लिए सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए सभी को रमज़ान की मुबारकबाद दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की पहचान उसकी विविधता में एकता है और ऐसे आयोजन इस पहचान को और मजबूत करते हैं।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी एवं विधायक Kalpana Soren भी उपस्थित रहीं। उन्होंने भी अतिथियों के साथ मिलकर सामूहिक दुआ में भाग लिया। दुआ के दौरान राज्य की शांति, प्रगति, खुशहाली और आपसी भाईचारे के लिए अल्लाह से प्रार्थना की गई।


इफ्तार के बाद रोजेदारों ने नमाज अदा की और समाज, राज्य तथा देश में अमन-चैन और तरक्की के लिए दुआएं मांगीं। कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोगों की उपस्थिति ने यह स्पष्ट किया कि झारखंड सामाजिक एकता और भाईचारे का मजबूत उदाहरण है।
इस अवसर पर राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। इनमें मंत्री राधा कृष्ण किशोर, दीपक बिरुवा, चमरा लिंडा, संजय प्रसाद यादव, डॉ. इरफान अंसारी, हफीजूल हसन, दीपिका पांडेय सिंह, योगेंद्र प्रसाद, सुदिव्य कुमार और शिल्पी नेहा तिर्की शामिल रहे। इसके अलावा झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो सहित कई विधायक भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

पूरे आयोजन के दौरान एक सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण वातावरण देखने को मिला, जहां सभी समुदायों के लोग एक साथ बैठे और इफ्तार में शामिल हुए। यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि सामाजिक एकता को भी मजबूती प्रदान करता है।
रांची में आयोजित यह दावत-ए-इफ्तार कार्यक्रम एक बार फिर यह साबित करता है कि झारखंड में विविधता के बावजूद एकता और भाईचारा कायम है। मुख्यमंत्री के इस प्रयास को लोगों ने सराहा और इसे समाज को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण कदम बताया।



