1. Jan Ganna Enumeration – महाअधिवक्ता राजीव रंजन मिश्रा ने पूरी की प्रक्रिया
झारखंड में जनगणना-2027 के तहत स्व-गणना अभियान जोरों पर है। jan ganna enumeration के इस अभियान में अब झारखंड उच्च न्यायालय के महाअधिवक्ता श्री राजीव रंजन मिश्रा भी शामिल हुए हैं। उन्होंने रविवार को स्व-गणना (self enumeration) की प्रक्रिया पूरी की।
Jan ganna enumeration के तहत नागरिक घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। महाअधिवक्ता ने खुद इस प्रक्रिया को पूरा कर समाज के हर वर्ग को प्रेरित किया है।
2. स्व-गणना (Self Enumeration) क्या है? जानिए पूरी प्रक्रिया
Jan ganna enumeration के इस चरण को ‘स्व-गणना’ कहा जाता है। इसमें नागरिकों को अपनी जानकारी खुद ऑनलाइन भरने की सुविधा दी गई है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| प्रक्रिया का नाम | स्व-गणना (Self Enumeration) |
| तरीका | ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से |
| कौन कर सकता है | झारखंड का कोई भी नागरिक |
| कब से शुरू | 1 मई 2026 |
| अंतिम तारीख | 15 मई 2026 |
Jan ganna enumeration के इस चरण में नागरिकों को अपनी जाति, धर्म, पेशा, शैक्षणिक योग्यता, आय और परिवार संरचना जैसी जानकारी देनी होगी। महाअधिवक्ता राजीव रंजन मिश्रा का इस प्रक्रिया में शामिल होना एक सकारात्मक संकेत है।
(Image Alt Text: jan ganna enumeration के अवसर पर महाअधिवक्ता राजीव रंजन मिश्रा अधिकारियों के साथ)
3. Jan Ganna Enumeration – कब तक कर सकते हैं ऑनलाइन पंजीकरण?
Jan ganna enumeration का पहला चरण 1 मई से शुरू हो चुका है। नागरिक अब 15 मई, 2026 तक अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं।
| चरण | तारीख | गतिविधि |
|---|---|---|
| पहला चरण | 1 मई – 15 मई 2026 | ऑनलाइन स्व-गणना |
| दूसरा चरण | 16 मई – 14 जून 2026 | मकान सूचीकरण (घर-घर जाकर) |
अभी jan ganna enumeration के लिए 12 दिन से भी कम का समय बचा है। जितनी जल्दी हो सके अपना पंजीकरण करवा लें। महाअधिवक्ता के इस कदम से लोगों में जागरूकता बढ़ेगी।
4. महाअधिवक्ता ने नागरिकों को दिया सक्रिय भागीदारी का संदेश
Jan ganna enumeration को पूरा करने के बाद महाअधिवक्ता श्री राजीव रंजन मिश्रा ने कहा कि जनगणना केवल सांख्यिकीय प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश और राज्य के भविष्य की नींव है।
उन्होंने कहा कि हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह jan ganna enumeration में सटीक जानकारी दर्ज कराए। उन्होंने विशेष रूप से बुद्धिजीवियों और कानून के क्षेत्र से जुड़े लोगों से इस अभियान में आगे आने की अपील की।
5. स्व-गणना के बाद क्या होगा? मकान सूचीकरण का शेड्यूल
Jan ganna enumeration के पहले चरण के बाद दूसरा चरण 16 मई से शुरू होगा:
- मकान सूचीकरण: सरकारी प्रगणक हर घर में जाकर भौतिक जानकारी लेंगे।
- मकान गणना: हर मकान के बारे में बेसिक डेटा (नंबर, कमरे, स्वामित्व) कलेक्ट किया जाएगा।
- डाटा क्रॉस-चेक: ऑनलाइन जानकारी और ऑफलाइन जांच का मिलान किया जाएगा।
Jan ganna enumeration के इस दो-चरणीय अभियान के लिए पूरे झारखंड में प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। महाअधिवक्ता ने इस बात पर भी जोर दिया कि किसी को भी गलत जानकारी दर्ज नहीं करनी चाहिए।
डूफॉलो एक्सटर्नल लिंक: जनगणना-2027 के नियमों और दिशा-निर्देशों के लिए भारत सरकार के जनगणना कार्य निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
6. Jan Ganna Enumeration में शामिल वरिष्ठ अधिकारी
Jan ganna enumeration के इस अवसर पर महाअधिवक्ता राजीव रंजन मिश्रा के साथ कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे:
| नाम | पद |
|---|---|
| श्री प्रभात कुमार | निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय, झारखण्ड |
| श्री सुशांत गौरव | नगर आयुक्त, नगर निगम रांची |
| डॉ. सत्येन्द्र कुमार गुप्ता | संयुक्त निदेशक |
| श्री शेषनाथ बैठा | जिला सांख्यिकी अधिकारी, रांची |
| श्री ज्ञानचंद्र महतो | सहायक निदेशक |
इन सभी अधिकारियों ने jan ganna enumeration अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दिया। निदेशक श्री प्रभात कुमार ने बताया कि राज्य सरकार इस अभियान को लेकर पूरी तरह गंभीर है।
7. क्यों है जनगणना-2027 इतनी खास? जानिए 5 बड़े कारण
Jan ganna enumeration जनगणना-2027 का अभिन्न हिस्सा है। यह जनगणना पिछली सभी जनगणनाओं से कई मायनों में अलग है:
| कारण | विवरण |
|---|---|
| पहला | डिजिटल जनगणना – पहली बार इतना बड़ा ऑनलाइन डेटाबेस बन रहा है |
| दूसरा | NEP 2020 के अनुरूप – राष्ट्रीय शिक्षा नीति के डेटा से मेल |
| तीसरा | स्व-गणना की सुविधा – पहली बार अपनी जानकारी खुद देने का मौका |
| चौथा | पारदर्शिता – हर व्यक्ति को पंजीकरण की रसीद मिलेगी |
| पांचवा | लाभार्थी चयन – सरकारी योजनाओं के लिए सटीक डेटा |
Jan ganna enumeration इन्हीं पांच विशेषताओं के कारण ऐतिहासिक बन रहा है। महाअधिवक्ता ने भी इस बात पर जोर दिया।
8. आम नागरिक कैसे करें स्व-गणना में भागीदारी?
Jan ganna enumeration में भाग लेना बेहद सरल है। इन स्टेप्स को फॉलो करें:
स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया:
- आधिकारिक जनगणना पोर्टल पर जाएं
- अपना मोबाइल नंबर और आधार नंबर रजिस्टर करें
- परिवार के सभी सदस्यों की जानकारी दें (नाम, आयु, शैक्षणिक योग्यता, पेशा, जाति, धर्म)
- मकान संबंधित जानकारी भरें (किराये पर है या अपना, कितने कमरे)
- जानकारी सबमिट करें और रसीद प्राप्त करें
आपको बता दें कि jan ganna enumeration 15 मई 2026 तक ही चलेगा। इसके बाद आपको जून में प्रगणक से सत्यापन कराना होगा। महाअधिवक्ता ने खुद इस प्रक्रिया को पूरा कर साबित किया है कि यह बिल्कुल आसान है।
(Image Alt Text: jan ganna enumeration पोर्टल पर जानकारी भरते हुए नागरिक)
9. Jan Ganna Enumeration – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
सवाल 1: Jan ganna enumeration का क्या मतलब है?
जवाब: Jan ganna enumeration का मतलब है जनगणना-2027 के तहत स्व-गणना प्रक्रिया, जिसमें नागरिक खुद घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
सवाल 2: झारखंड उच्च न्यायालय के महाअधिवक्ता ने स्व-गणना क्यों पूरी की?
जवाब: महाअधिवक्ता श्री राजीव रंजन मिश्रा ने आम नागरिकों को प्रोत्साहित करने और जागरूकता फैलाने के लिए स्वयं यह प्रक्रिया पूरी की।
सवाल 3: क्या कोई भी नागरिक स्व-गणना कर सकता है?
जवाब: हां, झारखंड का कोई भी नागरिक jan ganna enumeration में भाग ले सकता है।
सवाल 4: कब तक कर सकता है रजिस्ट्रेशन?
जवाब: ऑनलाइन स्व-गणना करने की अंतिम तारीख 15 मई 2026 है।
सवाल 5: क्या इसके बाद भी प्रगणक घर आएंगे?
जवाब: हां, 16 मई से 14 जून 2026 के बीच प्रगणक घर-घर जाकर जानकारियों का सत्यापन करेंगे।
सवाल 6: क्या यह सेवा शुल्क मुक्त है?
जवाब: हां, jan ganna enumeration पूरी तरह से निःशुल्क है।
सवाल 7: गलत जानकारी भरने पर क्या होगा?
जवाब: गलत जानकारी देना कानूनन अपराध है। कृपया सही और सटीक डेटा ही भरें।
निष्कर्ष
Jan ganna enumeration झारखंड सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। झारखंड उच्च न्यायालय के महाअधिवक्ता श्री राजीव रंजन मिश्रा ने इस प्रक्रिया को पूरा कर नागरिकों के लिए एक आदर्श प्रस्तुत किया है।
अभी 15 मई 2026 तक jan ganna enumeration में ऑनलाइन पंजीकरण का समय है। अगर आपने अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, तो इसे जल्द से जल्द पूरा करें। महाअधिवक्ता ने स्पष्ट किया है कि सटीक और पूर्ण जनगणना ही सही योजनाओं और विकास का आधार बनती है।
(इंटरनल लिंक: जनगणना-2027 से जुड़ी अन्य अधिकारियों और हस्तियों की स्व-गणना की कहानियां यहां पढ़ें।)
(वीडियो एम्बेड करने के लिए जगह – यहां महाअधिवक्ता राजीव रंजन मिश्रा के स्व-गणना करते हुए का दृश्य एम्बेड किया जा सकता है।)
अस्वीकरण: यह लेख सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय, झारखंड सरकार की प्रेस विज्ञप्ति (संख्या –35/2026) पर आधारित है। सभी तारीखें और कार्यक्रम आधिकारिक हैं।
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