श्रीनगर/हुबली: भारतीय घरेलू क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy) में जम्मू-कश्मीर ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए पहली बार खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ ही प्रदेश ने क्रिकेट इतिहास में नया अध्याय लिख दिया है। Jammu Kashmir cricket history में 28 फरवरी 2026 का दिन हमेशा के लिए स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया, जब टीम ने 67 साल के लंबे इंतजार के बाद यह उपलब्धि हासिल की ।
कर्नाटक के हुबली स्थित केएससीए राजनगर स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने आठ बार की चैंपियन कर्नाटक को उनके ही घर में मात दी । यह जीत टीम भावना, अटूट विश्वास और शानदार प्रदर्शन की कहानी है। आइए जानते हैं इस ऐतिहासिक Jammu Kashmir cricket history से जुड़ी हर अहम बात।
Jammu Kashmir Cricket History: 67 साल का इंतजार खत्म

Jammu Kashmir cricket history में यह पहला मौका है जब टीम रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची और उसने खिताब पर कब्जा जमाया ।
1959 से शुरू हुआ था सफर
जम्मू-कश्मीर ने 1959-60 सीज़न में रणजी ट्रॉफी में पदार्पण किया था । इस लंबे सफर में टीम ने कई उतार-चढ़ाव देखे। 2013-14, 2019-20 और 2024-25 सीज़न में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने के बाद आखिरकार 2026 में यह सुनहरा दिन आया ।
फाइनल में पहुंचने वाली 10वीं टीम
इस जीत के साथ ही जम्मू-कश्मीर रणजी ट्रॉफी के 92 साल के इतिहास में पहली बार फाइनल में पहुंचकर खिताब जीतने वाली मात्र 10वीं टीम बन गई है । इससे पहले 2017-18 में विदर्भ ने यह कारनामा किया था ।
Jammu Kashmir Cricket History: फाइनल मुकाबले की कहानी
Jammu Kashmir cricket history के इस सबसे बड़े मैच में जम्मू-कश्मीर ने गेंद और बल्ले दोनों से दमदार खेल दिखाया ।
पहली पारी में बनाया विशाल स्कोर
फाइनल मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए जम्मू-कश्मीर ने 584 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया ।
- शुभम पुंडीर ने शानदार 121 रनों की पारी खेली ।
- यावर हसन ने 88 रनों का योगदान दिया ।
- साहिल लोत्रा ने पहली पारी में 72 रन बनाए ।
- पारस डोगरा और कन्हैया वाधवान ने भी 70-70 रनों की अहम पारियां खेलीं ।
कर्नाटक को रोका
जवाब में कर्नाटक की टीम 293 रनों पर सिमट गई, जिससे जम्मू-कश्मीर को पहली पारी के आधार पर 291 रनों की बड़ी बढ़त मिल गई ।
औकिब नबी का कहर
टीम के तेज गेंदबाज औकिब नबी ने पहली पारी में 5 विकेट लेकर कर्नाटक की बल्लेबाजी को ध्वस्त कर दिया । उनकी गेंदबाजी के आगे केएल राहुल और करुण नायर जैसे दिग्गज भी टिक नहीं पाए । पूरे टूर्नामेंट में औकिब ने 60 विकेट लेकर ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ का खिताब अपने नाम किया ।
दूसरी पारी में ऐतिहासिक प्रदर्शन
फॉलो-ऑन न लेते हुए जम्मू-कश्मीर ने दूसरी पारी में 342/4 का स्कोर बनाया और कर्नाटक के सामने जीत के लिए 634 रनों का असंभव लक्ष्य रखा ।
क़मरान और लोत्रा के शतक
- क़मरान इक़बाल ने 160 रनों की नाबाद पारी खेलकर अपना दूसरा प्रथम श्रेणी शतक जमाया ।
- साहिल लोत्रा ने भी 101 रनों की नाबाद पारी खेलकर अपना पहला प्रथम श्रेणी शतक पूरा किया ।
Jammu Kashmir Cricket History: रिकॉर्ड्स की झड़ी
Jammu Kashmir cricket history की इस ऐतिहासिक जीत के साथ कई रिकॉर्ड भी बने ।
औकिब नबी ने बनाए कई रिकॉर्ड
- 60 विकेट: औकिब नबी रणजी ट्रॉफी के एक सीज़न में 60 या उससे अधिक विकेट लेने वाले इतिहास के केवल तीसरे तेज गेंदबाज बने ।
- तीनों नॉकआउट में पांच विकेट: वह क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल में पांच विकेट लेने वाले छठे गेंदबाज बने ।
- 150 विकेट: उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 150 विकेट भी पूरे किए ।
अब्दुल समद का योगदान
अब्दुल समद ने पूरे सीज़न में 748 रन बनाकर जम्मू-कश्मीर के लिए एक सीज़न में तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने ।
Jammu Kashmir Cricket History: कप्तान पारस डोगरा का दर्द और खुशी
Jammu Kashmir cricket history के इस सबसे बड़े पल के कप्तान पारस डोगरा थे। 20 साल के लंबे करियर और 10,000 से ज्यादा रणजी रन बनाने के बाद उन्हें अपनी कप्तानी में पहली ट्रॉफी मिली ।
मैच के बाद उन्होंने कहा, “मैं ईमानदारी से समझा नहीं सकता, मेरे पास शब्द नहीं हैं। इस समय, यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी चीज है। इस दुनिया से जाने से पहले मेरे जीवन का यह सबसे बड़ा गौरव होगा” ।
Jammu Kashmir Cricket History: जश्न में डूबा पूरा प्रदेश
Jammu Kashmir cricket history की इस ऐतिहासिक जीत के बाद पूरे प्रदेश में जश्न का माहौल है ।
एकजुटता की मिसाल
श्रीनगर से लेकर जम्मू तक, हर शहर और गांव में जीत का जश्न देखने को मिला। पटाखे फोड़े गए, ढोल बजाए गए और मिठाइयां बांटी गईं । यह पल राजनीतिक और भौगोलिक विभाजन को भूलाकर पूरे प्रदेश को एकजुट करने वाला बन गया ।
सचिन तेंदुलकर से लेकर पीएम मोदी तक ने दी बधाई
इस जीत पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने भी टीम को बधाई दी । क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर ने कहा, “कश्मीर की विलो (बल्ले) कई चैंपियंस के किट का हिस्सा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर को चैंपियंस बनाने वाले से खुद चैंपियन बनते देखना सुंदर है” ।
Jammu Kashmir Cricket History: इस जीत के मायने
Jammu Kashmir cricket history की यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं है ।
- नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा: यह जीत प्रदेश के युवाओं को क्रिकेट और खेल की ओर प्रेरित करेगी ।
- क्षेत्रीय क्रिकेट को नई पहचान: इससे जम्मू-कश्मीर क्रिकेट को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
- 67 साल का सपना हुआ पूरा: 67 साल के लंबे इंतजार के बाद यह खिताब आने से पूरे प्रदेश में खुशी की लहर है ।
Jammu Kashmir Cricket History: आगे की राह
Jammu Kashmir cricket history में नया अध्याय लिखने के बाद अब टीम ईरानी कप (Irani Cup) में रेस्ट ऑफ इंडिया का सामना करेगी । स्टार प्रदर्शन करने वाले औकिब नबी को भारतीय टीम में बुलावा मिल सकता है ।
जम्मू-कश्मीर की यह ऐतिहासिक जीत भारतीय क्रिकेट के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज की जाएगी। यह जीत दृढ़ संकल्प, अटूट विश्वास और टीम भावना की अद्भुत मिसाल है।
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