कुछ घंटे और…48 घंटे का अल्टीमेटम… ईरान का पलटवार… दुनिया युद्ध के मुहाने पर!

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Iran retaliation ultimatum 48 hours
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वॉशिंगटन/तेहरान: पश्चिम एशिया में तनाव अब अपने सबसे खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती टकराहट ने पूरी दुनिया को युद्ध की आशंका में धकेल दिया है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि अब “48 घंटे का अल्टीमेटम” (48-hour ultimatum) और “विनाशकारी एयरस्ट्राइक” जैसे शब्द खुले तौर पर सामने आने लगे हैं। यह Iran retaliation ultimatum 48 hours का वह दौर है, जहां एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तीखी चेतावनी है, तो दूसरी तरफ ईरान का कड़ा जवाब है .

इसी बीच, घटनाओं ने और गंभीर मोड़ तब ले लिया जब ईरान ने अबू धाबी, कुवैत और बहरीन में बड़े पैमाने पर हमले किए। इसे अमेरिका के खिलाफ “टिट-फॉर-टैट” कार्रवाई माना जा रहा है। आइए जानते हैं इस Iran retaliation ultimatum 48 hours से जुड़ी हर अहम बात।

Iran retaliation ultimatum 48 hours: ट्रंप का 48 घंटे का अल्टीमेटम

Iran retaliation ultimatum 48 hours की शुरुआत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक विवादास्पद बयान से हुई।

 Iran retaliation ultimatum 48 hours

“Open the Fucking Strait, you crazy bastards”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईरान को चेतावनी दी कि उसे होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलना होगा। उन्होंने अपशब्दों का प्रयोग करते हुए कहा, “ओपन द फकिंग स्ट्रेट, यू क्रेजी बास्टर्ड्स, या यू विल बी लिविंग इन हेल” . इसके बाद उन्होंने एक नया समय सीमा तय करते हुए लिखा: “मंगलवार, रात 8:00 बजे (Eastern Time)” .

“पावर प्लांट डे और ब्रिज डे”

ट्रंप ने ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों को निशाना बनाने की धमकी देते हुए कहा, “मंगलवार ईरान में पावर प्लांट डे और ब्रिज डे होगा… ऐसा कुछ नहीं होगा जैसा पहले कभी नहीं हुआ” . उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका ईरान के साथ “गहरी बातचीत” (deep negotiations) में है, लेकिन विफलता की स्थिति में “मजबूत कार्रवाई” की चेतावनी दी .

Iran retaliation ultimatum 48 hours: ईरान का पलटवार – खाड़ी देशों में तबाही

Iran retaliation ultimatum 48 hours के बीच ईरान ने अपना जवाब देते हुए खाड़ी देशों (Gulf countries) में बड़े पैमाने पर हमले किए।

अबू धाबी में बोरूज पेट्रोकेमिकल प्लांट में आग

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी में स्थित बोरूज पेट्रोकेमिकल्स प्लांट (Borouge petrochemicals plant) में ईरानी हमलों के बाद आग लग गई। अधिकारियों ने बताया कि हवाई रक्षा प्रणाली द्वारा हमलों को रोकने के प्रयासों के दौरान गिरे मलबे से आग लगी। प्लांट के संचालन को तुरंत रोक दिया गया, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है .

कुवैत में ऑयल कॉम्प्लेक्स और सरकारी इमारतों पर हमले

कुवैत में ईरानी ड्रोन हमलों से भारी तबाही हुई। कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (Kuwait Petroleum Corporation) के संचालन इकाइयों में आग लग गई, जिससे “गंभीर सामग्री क्षति” पहुंची। साथ ही, शुवैख ऑयल सेक्टर कॉम्प्लेक्स और मंत्रालयों के कार्यालय परिसर को भी नुकसान पहुंचा। दो बिजली और जल अलवणीकरण संयंत्रों को भी नुकसान पहुंचा .

बहरीन में स्टोरेज टैंक में आग

बहरीन की राज्य ऊर्जा कंपनी (Bapco Energies) के एक स्टोरेज टैंक में ईरानी ड्रोन हमले के बाद आग लग गई। कंपनी ने पुष्टि की कि आग बुझा दी गई है और स्थिति नियंत्रण में है .

Iran retaliation ultimatum 48 hours: साहसी रेस्क्यू ऑपरेशन

Iran retaliation ultimatum 48 hours के दौरान एक और बड़ी खबर अमेरिकी पायलटों का सफल रेस्क्यू था।

F-15E फाइटर जेट को मार गिराया गया

शुक्रवार को ईरान के ऊपर एक अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल (F-15E Strike Eagle) फाइटर जेट को मार गिराया गया था। इसके दोनों चालक दल के सदस्यों (पायलट और वेपन सिस्टम्स ऑफिसर) को अलग-अलग जगहों पर उतरना पड़ा था। पायलट को पहले ही बचा लिया गया था, जबकि दूसरे अधिकारी की तलाश जारी थी .

दूसरे अधिकारी को भी सुरक्षित निकाला गया

रविवार को, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की कि दूसरे चालक दल के सदस्य को भी “अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसी सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन्स” में से एक में सुरक्षित बचा लिया गया है। इस ऑपरेशन में सैकड़ों अमेरिकी विशेष बल, दर्जनों विमान और हेलीकॉप्टर शामिल थे . CIA ने भी एक “धोखा अभियान” (deception campaign) चलाकर रेस्क्यू में मदद की .

इज़राइल ने मदद का दावा किया

इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने दावा किया कि इज़राइल ने अमेरिकी पायलटों के रेस्क्यू मिशन में मदद की। उन्होंने कहा कि वह ट्रंप के “बोल्ड निर्णय और पूरी तरह से निष्पादित अमेरिकी मिशन” के लिए उन्हें बधाई देते हैं और इस बात पर गर्व है कि इज़राइल ने एक बहादुर अमेरिकी योद्धा को बचाने में योगदान दिया .

Iran retaliation ultimatum 48 hours: परमाणु संयंत्रों पर हमले और रेडिएशन का खतरा

Iran retaliation ultimatum 48 hours के बीच ईरान ने एक गंभीर चेतावनी भी दी है।

बुशहर परमाणु संयंत्र पर हमले

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची (Abbas Araghchi) ने संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि अमेरिका और इज़राइल ने उसके परमाणु बुनियादी ढांचे (Nuclear Infrastructure) पर बार-बार हमले किए हैं, जिसमें बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Bushehr Nuclear Power Plant) भी शामिल है .

रेडियोधर्मी संदूषण की आशंका

अरागची ने चेतावनी दी कि एक परिचालन परमाणु सुविधा के पास लगातार हमले “असहनीय स्थिति” पैदा कर रहे हैं और “पूरे क्षेत्र में रेडियोधर्मी रिसाव (Radioactive Leakage) का गंभीर खतरा” पैदा करते हैं .

Iran retaliation ultimatum 48 hours: कूटनीतिक प्रयास और आगे की राह

Iran retaliation ultimatum 48 hours के बीच कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं।

रूस ने अल्टीमेटम की भाषा छोड़ने का आह्वान किया

रूस ने कहा कि अमेरिका को “अल्टीमेटम की भाषा छोड़कर वार्ता ट्रैक पर लौटना चाहिए” .

तेल की कीमतों में उछाल

इस संकट के कारण वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल मची है। ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया है .

Iran retaliation ultimatum 48 hours: निष्कर्ष

Iran retaliation ultimatum 48 hours का यह दौर दिखाता है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के बजाय और गहराता जा रहा है। ट्रंप ने मंगलवार रात 8 बजे (Eastern Time) की समय सीमा तय की है , वहीं ईरान ने पलटवार करते हुए खाड़ी देशों में भारी तबाही मचाई है . पायलटों का सफल रेस्क्यू अमेरिका के लिए एक बड़ी राहत है, लेकिन बुशहर परमाणु संयंत्र पर हमलों और रेडिएशन की आशंका ने चिंता और बढ़ा दी है . अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले 48 घंटों में क्या होता है – क्या कूटनीति के दरवाजे खुलते हैं या यह संघर्ष एक बड़े युद्ध का रूप ले लेता है।

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