तेहरान/वॉशिंगटन: मध्य पूर्व में जारी युद्ध अब और जटिल मोड़ लेता नजर आ रहा है। संघर्ष के 38वें दिन ईरान ने अमेरिका समर्थित संघर्षविराम (ceasefire) प्रस्ताव को सख्ती से ठुकरा दिया है। तेहरान ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वह केवल अस्थायी युद्धविराम नहीं, बल्कि Iran demands permanent end to war – यानी युद्ध का स्थायी अंत चाहता है ।
ईरान का कहना है कि जब तक उसके ऊपर हमलों की संभावना बनी रहेगी, तब तक किसी भी तरह का संघर्षविराम स्वीकार नहीं किया जाएगा । यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका, तुर्किये, मिस्र और पाकिस्तान जैसे देश इस युद्ध को रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयासों में जुटे हुए हैं । आइए जानते हैं Iran demands permanent end to war के इस ऐतिहासिक मोड़ से जुड़ी हर अहम बात।
Iran demands permanent end to war: 10 सूत्रीय योजना पेश

Iran demands permanent end to war के तहत तेहरान ने अपनी मांगों को एक औपचारिक 10-सूत्रीय दस्तावेज (10-point document) में पेश किया है, जिसे पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को भेजा गया है ।
ईरान की मुख्य मांगें (Key Demands)
ईरान की इस योजना में निम्नलिखित प्रमुख मांगें शामिल हैं :
- हमलों की पुनरावृत्ति पर रोक: भविष्य में ईरान पर किसी भी प्रकार के हमले की पुनरावृत्ति न हो, इसकी ठोस गारंटी (binding guarantees) मांगी गई है ।
- प्रतिबंधों की समाप्ति: ईरान पर लगे सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों (international sanctions) को तुरंत हटाया जाए ।
- होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपनी संप्रभुता (sovereignty) की मान्यता की मांग की है, जिसमें यातायात विनियमित करने और शुल्क लगाने का अधिकार भी शामिल है ।
- पुनर्निर्माण और क्षतिपूर्ति: युद्ध से क्षतिग्रस्त इलाकों के पुनर्निर्माण (reconstruction) की व्यवस्था और मुआवजे की मांग ।
- क्षेत्रीय संघर्षों की समाप्ति: गाजा और लेबनान सहित पूरे पश्चिम एशिया (West Asia) में युद्ध को तुरंत रोका जाए ।
- यूरेनियम संवर्धन का अधिकार: ईरान ने एनपीटी (NPT) के तहत अपने यूरेनियम संवर्धन (uranium enrichment) के अधिकार की औपचारिक मान्यता की भी मांग की है ।
इसके बदले में, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का वादा किया है, हालांकि प्रत्येक जहाज से लगभग 2 मिलियन डॉलर का शुल्क लेने की शर्त रखी है, जिसे वह ओमान के साथ साझा करेगा ।
Iran demands permanent end to war: ‘संघर्षविराम नहीं, स्थायी समाधान’
Iran demands permanent end to war के पीछे ईरान का तर्क है कि अस्थायी युद्धविराम (temporary ceasefire) से केवल विरोधियों को फिर से ताकत जुटाने का मौका मिलेगा ।
‘कोई भी समझदार व्यक्ति संघर्षविराम स्वीकार नहीं करेगा’
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माइल बघाई (Esmaeil Baghaei) ने कहा, “एक संघर्षविराम का मतलब है दूसरे पक्ष को अपनी सेना को फिर से संगठित करने और फिर से अपराध करने के लिए एक छोटा सा विराम देना। कोई भी समझदार व्यक्ति ऐसा कदम स्वीकार नहीं करेगा” ।
‘गारंटी हमें खुद बनानी होगी’
बघाई ने यह भी कहा कि किसी अंतरराष्ट्रीय गारंटी पर भरोसा नहीं किया जा सकता, क्योंकि “संयुक्त राष्ट्र अक्सर अमेरिका और कुछ ताकतों के हाथों एक उपकरण बन जाता है” । उन्होंने कहा कि ईरान को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की गारंटी खुद बनानी होगी – और वह गारंटी केवल “दुश्मन को इस कदर पछताने पर मजबूर करना है कि उसमें फिर से हमला करने की हिम्मत ही न बचे” ।
Iran demands permanent end to war: ट्रंप की प्रतिक्रिया और अल्टीमेटम
Iran demands permanent end to war पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
‘साइनिफिकेंट स्टेप, लेकिन पर्याप्त नहीं’
ट्रंप ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईरान की 10-सूत्रीय योजना को “एक महत्वपूर्ण कदम (significant step)” बताया, लेकिन साथ ही कहा कि यह “पर्याप्त नहीं है (not good enough)” ।
‘पूरा देश एक रात में तबाह किया जा सकता है’
ट्रंप ने अपनी चेतावनी को और आगे बढ़ाते हुए कहा, “पूरा देश एक रात में तबाह किया जा सकता है, और वह रात कल रात हो सकती है” । उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि उनका मंगलवार रात 8:00 बजे (Eastern Time) का अल्टीमेटम (deadline) अंतिम है । उन्होंने यह भी धमकी दी कि अगर ईरान ने जलडमरूमध्य नहीं खोला, तो उसके पावर प्लांट और पुलों को निशाना बनाया जाएगा, और उसके पुनर्निर्माण में 100 साल लग जाएंगे ।
Iran demands permanent end to war: क्या बातचीत की गुंजाइश?
Iran demands permanent end to war के बावजूद, पूरी तरह से बातचीत की संभावना खत्म नहीं हुई है।
मध्यस्थता के प्रयास जारी
एक क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि “हम अभी भी दोनों पक्षों से बात कर रहे हैं” । ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रशासन के लिए एक तंत्र (mechanism) विकसित करने में मदद कर रहा है, जो एक संभावित समाधान का संकेत देता है ।
45-दिवसीय संघर्षविराम प्रस्ताव ठुकराया गया
हालांकि, रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान, मिस्र और तुर्किये द्वारा प्रस्तावित 45-दिवसीय संघर्षविराम (45-day ceasefire) को ट्रंप ने पहले ही खारिज कर दिया था । इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका भी अब अस्थायी समाधान के बजाय त्वरित और ठोस परिणाम चाहता है।
Iran demands permanent end to war: क्षेत्रीय स्थिति
Iran demands permanent end to war के बीच, जमीनी हकीकत बेहद गंभीर बनी हुई है।
- ईरान: अकेले ईरान में अब तक 1,900 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं ।
- लेबनान: लेबनान में 1,400 से अधिक लोग मारे गए हैं और 10 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं ।
- इज़राइल और अन्य: खाड़ी देशों और वेस्ट बैंक में दो दर्जन से अधिक, इज़राइल में 23 और अमेरिका के 13 सैनिक मारे गए हैं ।
Iran demands permanent end to war: निष्कर्ष
Iran demands permanent end to war ने मध्य पूर्व संकट को एक नए और अत्यधिक जटिल दौर में पहुंचा दिया है। ईरान ने अस्थायी संघर्षविराम के विचार को पूरी तरह खारिज करते हुए स्थायी शांति, प्रतिबंधों में पूर्ण छूट और होर्मुज पर अपने अधिकारों की मान्यता को शर्त बना दिया है । ट्रंप प्रशासन ने इसे “महत्वपूर्ण कदम” तो माना है, लेकिन इसे अपर्याप्त बताते हुए मंगलवार रात की डेडलाइन को बरकरार रखा है । जैसे-जैसे घड़ी टिक-टिक कर रही है, दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कूटनीति इस आखिरी मौके में सफल हो पाती है, या यह संघर्ष और भी विनाशकारी रूप ले लेता है।
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