इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग से लगी आग में 7 लोगों की मौत के बाद उठे सवाल—क्या हमारे घर EV के लिए सुरक्षित हैं?
Editorial Desk
मध्य प्रदेश के इंदौर में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है। एक तीन मंजिला मकान में लगी भीषण आग में एक ही परिवार के 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह आग संभवतः एक इलेक्ट्रिक वाहन (EV) की चार्जिंग के दौरान हुए विस्फोट से शुरू हुई, जिसने कुछ ही मिनटों में भयावह रूप ले लिया।
बिहार के किशनगंज के 6 लोगों की जिंदा जलकर मौत: जानकारी के अनुसार एक इलेक्ट्रिक कार घर के बाहर चार्जिंग पर लगी हुई थी. इसी दौरान शॉर्ट सर्किट के कारण कार में आग लग गई. देखते ही देखते आग ने तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया. हादसे में एक बड़े कॉस्मेटिक कारोबारी समेत कुल 7 लोगों की जलकर मौत हो गई है. इनमें से 6 लोग बिहार के रहने वाले थे. वहीं तीन लोग बुरी तरह से झुलस गए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है—क्या इलेक्ट्रिक वाहन वास्तव में सुरक्षित हैं, या इनके साथ जुड़े खतरे को हम नजरअंदाज कर रहे हैं?

कैसे हुआ हादसा?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, घर के बाहर खड़ी एक EV कार चार्जिंग पर लगी थी। सुबह करीब 4 बजे अचानक विस्फोट हुआ और आग तेजी से फैल गई। घर में करीब 10 LPG सिलेंडर भी रखे थे, जिनमें से कुछ में ब्लास्ट हुआ, जिससे आग और विकराल हो गई।
इसके अलावा, घर में लगे इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। बिजली जाने के कारण लॉक नहीं खुल सके और कई लोग अंदर ही फंस गए। दमकल टीम को रेस्क्यू के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।

EV कार: सुरक्षित या जोखिम भरी?
विशेषज्ञों के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहन सामान्य परिस्थितियों में काफी सुरक्षित माने जाते हैं। लेकिन इनके अंदर लगी लिथियम-आयन बैटरी यदि खराब हो जाए या ओवरहीट हो जाए, तो यह आग पकड़ सकती है।
EV से जुड़े मुख्य खतरे:
- 🔋 बैटरी ओवरहीटिंग: ज्यादा समय तक चार्जिंग या खराब बैटरी से आग लग सकती है
- ⚡ लोकल चार्जिंग सेटअप: बिना प्रमाणित चार्जर या वायरिंग बड़ा जोखिम बन सकता है
- 🏠 घर के अंदर चार्जिंग: बंद जगह में चार्जिंग से खतरा बढ़ जाता है
- 🔥 आग का तेजी से फैलना: EV बैटरी की आग सामान्य आग से ज्यादा खतरनाक होती है

सरकार भी अलर्ट
इस घटना के बाद सरकार ने भी EV चार्जिंग को लेकर नए नियम और SOP बनाने की बात कही है। विशेषज्ञों की एक टीम गठित की जा सकती है, जो रेसिडेंशियल एरिया में EV चार्जिंग के लिए सुरक्षा मानक तय करेगी। इलेक्ट्रिक वाहन भविष्य हैं—इसमें कोई दो राय नहीं। लेकिन सुरक्षा के बिना कोई भी तकनीक खतरनाक बन सकती है। इंदौर हादसा एक चेतावनी है कि हमें नई तकनीक के साथ-साथ उसकी सुरक्षा को भी गंभीरता से लेना होगा। EV सुरक्षित है… लेकिन सही इस्तेमाल और सावधानी ही असली सुरक्षा है।



