
नई दिल्ली / मुंद्रा
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय ध्वज वाला एलपीजी टैंकर “शिवालिक LPG Carrier” खाड़ी देशों से लगभग 45,000 मीट्रिक टन LPG लेकर भारत के गुजरात स्थित मुंद्रा बंदरगाह पहुंचने वाला है।
यह जहाज उस समय भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ है, जब हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में बढ़े सुरक्षा जोखिमों के कारण कई जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी। इसी मार्ग से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल और गैस परिवहन होता है।
युद्ध के कारण बढ़ी थी चिंता
पिछले कुछ दिनों से ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य में कई जहाजों की आवाजाही पर खतरा मंडरा रहा था। ऐसे में भारत के लिए LPG आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही थी।
हालांकि सुरक्षा चुनौतियों के बीच शिवालिक LPG Carrier ने सफलतापूर्वक इस समुद्री मार्ग को पार किया और अब भारत पहुंच रहा है।
गैस आपूर्ति पर पड़ेगा असर
विशेषज्ञों के अनुसार इस जहाज से आने वाली 45,000 टन LPG की खेप देश के कई हिस्सों में गैस की आपूर्ति को स्थिर रखने में मदद करेगी।
हाल के दिनों में कुछ राज्यों में एलपीजी बुकिंग और सप्लाई को लेकर अफवाहें और चिंता बढ़ गई थीं। इस खेप के पहुंचने से सप्लाई चेन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
क्यों महत्वपूर्ण है हॉर्मुज जलडमरूमध्य
- दुनिया के लगभग 20% तेल और गैस की सप्लाई इसी समुद्री मार्ग से गुजरती है।
- यह पर्शियन गल्फ और अरब सागर को जोड़ने वाला रणनीतिक समुद्री मार्ग है।
- पश्चिम एशिया में किसी भी सैन्य तनाव का असर सीधे इस मार्ग पर पड़ता है।
भारत के लिए राहत
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देश के लिए इस तरह की खेप का समय पर पहुंचना बेहद महत्वपूर्ण है। इससे घरेलू LPG सप्लाई और कीमतों पर दबाव कम होने की संभावना है।



