
झारखंड में सहिया और आंगनबाड़ी कर्मियों को बड़ा तोहफा, परिवारों को मिलेगा 15 लाख तक कैशलेस इलाज!

रांची, 26 अक्टूबर 2026।अबूआ न्यूज़ झारखंड
झारखंड सरकार राज्यभर में कार्यरत सहिया (आशा कार्यकर्ता), आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं के परिवारों को बड़ी स्वास्थ्य सुविधा देने की तैयारी कर रही है। प्रस्ताव के तहत इन कर्मियों के परिवारों को आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के दायरे में शामिल किया जाएगा। इससे संबंधित परिवारों को 15 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
इस पहल से राज्य के लगभग 1.15 लाख परिवारों के पांच लाख से अधिक सदस्यों को लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं तक इन कर्मियों और उनके परिवारों की पहुंच सुनिश्चित करना है।
1,15,897 परिवारों को योजना में शामिल करने का प्रस्ताव
प्रस्तावित योजना के तहत 39,976 सहिया, 38,060 आंगनबाड़ी सेविकाओं और 37,861 आंगनबाड़ी सहायिकाओं के परिवारों को शामिल किया जाएगा। इस तरह कुल 1,15,897 परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ देने की योजना है।
झारखंड स्टेट आरोग्य सोसायटी (जसास) की ओर से तैयार प्रस्ताव के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने संकल्प तैयार किया है। अब इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद योजना को लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
आयुष्मान योजना के तहत पांच लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा
प्रस्ताव के अनुसार, सहिया, आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं को अलग श्रेणी में शामिल कर आयुष्मान योजना के तहत पांच लाख रुपये तक के उपचार का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच खर्च का अनुपात 60:40 निर्धारित होगा।
इस व्यवस्था से पात्र परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक सहायता मिलेगी। साथ ही, योजना के संचालन में राज्य सरकार पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को कम करने में भी मदद मिलेगी।
27 हजार सहिया को मिल चुका है अप्रूवल
जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार के प्रस्ताव के तहत 39,976 सहिया की पहचान कर उनका डेटा भेजा गया था। इनमें से लगभग 27 हजार के लिए मंजूरी मिल चुकी है। शेष करीब 13 हजार मामलों में मोबाइल नंबर और अन्य जानकारियों से जुड़ी कमियों के कारण स्वीकृति नहीं मिली थी। इन मामलों को सुधार के लिए दोबारा भेजा गया है।
इसी तरह सामाजिक सुरक्षा विभाग ने 38,060 आंगनबाड़ी सेविकाओं और 37,861 सहायिकाओं का डेटा भी केंद्र सरकार को भेजा है। आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद संबंधित पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान योजना से जोड़ने का रास्ता साफ होगा।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू होगी योजना
सरकार की इस पहल से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाली सहिया तथा आंगनबाड़ी कर्मियों के परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, प्रस्तावित व्यवस्था को लागू करने के लिए कैबिनेट की मंजूरी और संबंधित प्रक्रियाओं का पूरा होना जरूरी है।




